श्रीकांत शिंदे कल्याण से महायुति के उम्मीदवार होंगे : फडणवीस
धीरज माधव
- 06 Apr 2024, 06:49 PM
- Updated: 06:49 PM
नागपुर, छह अप्रैल (भाषा) महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बेटे श्रीकांत शिंदे कल्याण लोकसभा सीट से सत्तारूढ़ ‘महायुति’ के उम्मीदवार होंगे। उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शनिवार को यह घोषणा की।
इसी के साथ इस चर्चित सीट से सत्तारूढ़ गठबंधन के उम्मीदवार को लेकर एक सप्ताह से जारी संशय का माहौल समाप्त हो गया है।
सत्तारूढ़ महायुति में शिवसेना के अलावा भाजपा और अजित पवार नीत राकांपा शामिल है।
श्रीकांत शिंदे का मुकाबला शिवसेना (यूबीटी) उम्मीदवार एवं महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के पूर्व नेता वैशाली दारेकर राणे से होगा।
फडणवीस ने इस संबंध में घोषणा ऐसे समय की है जब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) एक वर्ग ने शिवसेना के मौजूदा सांसद श्रीकांत शिंदे को मैदान इस सीट से दोबारा मैदान में उतारने को लेकर आपत्ति दर्ज थी।
श्रीकांत शिंदे ने औपचारिक रूप से उन्हें उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे और वरुण सरदेसाई पर कटाक्ष करते हुए पूछा कि ये नेता अब कहां गए हैं। उन्होंने यह टिप्पणी अपने उन बयानों की ओर इशारा करते हुए कि वे कल्याण से चुनाव लड़ेंगे।
श्रीकांत शिंदे ने रिकॉर्ड अंतर से जीत का भरोसा जताया।
फडणवीस ने नागपुर में संवाददाताओं से कहा, ‘‘भाजपा की ओर से कोई विरोध नहीं है। श्रीकांत शिंदे कल्याण से शिवसेना और महायुति के उम्मीदवार होंगे। भाजपा पूरी ताकत से उनके साथ खड़ी रहेगी और महायुति के सभी सदस्य उनकी जीत सुनिश्चित करेंगे।’’
उन्होंने यह टिप्पणी यह पूछे जाने पर की कि क्या कल्याण से उम्मीदवार घोषित करने में देरी श्रीकांत शिंदे की उम्मीदवारी का भाजपा में विरोध की वजह से हो रही है।
पिछले लोकसभा चुनाव (2019 में) श्रीकांत शिंदे ने शिवसेना (अविभाजित) उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था। उन्होंने 5,59,723 मत हासिल किया था जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अविभाजित)के बाबाजी बलराम पाटिल को 2,15,380 मतों से संतोष करना पड़ा था।
दारेकर-राणे ने 2009 में महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे)के उम्मीदवार के रूप में कल्याण से चुनाव लड़ा था।
शिंदे नीत शिवसेना और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच बढ़ते तनाव ने इस साल की शुरुआत में हिंसक रूप ले लिया जब भाजपा विधायक गणपत गायकवाड़ ने भूमि विवाद को लेकर कल्याण में शिवसेना के एक स्थानीय नेता को गोली मारकर घायल कर दिया था।
पेशे से चिकित्सक श्रीकांत शिंदे पहली बार 2014 में और फिर 2019 में कल्याण सीट से लोकसभा सदस्य निर्वाचित हुए थे।
हालांकि, भाजपा के स्थानीय कार्यकर्ता महायुति में सीट-बंटवारे समझौते के तहत कल्याण सीट पार्टी को आंवटित करने की मांग कर रहे थे। उनका तर्क था कि कल्याण लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली छह विधानसभा सीट में से तीन पर इस समय भाजपा का कब्जा है जबकि बाकी की तीन सीट में से एक-एक शिवसेना, मनसे और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के खाते में है।
भाषा धीरज