सीसीपीए ने एप्पल, ओला, उबर को नोटिस भेजकर मांगा शिकायतों का जवाब
अनुराग रमण
- 23 Jan 2025, 08:12 PM
- Updated: 08:12 PM
नयी दिल्ली, 23 जनवरी (भाषा) उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) ने सॉफ्टवेयर और मूल्य निर्धारण से जुड़ी शिकायतें आने के बाद दिग्गज प्रौद्योगिकी कंपनी एप्पल इंक और कैब सेवा प्रदाताओं- ओला एवं उबर को नोटिस जारी किया है।
हाल ही में सॉफ्टवेयर अद्यतन करने के बाद आईफोन उपयोगकर्ताओं ने तकनीकी समस्याएं आने की शिकायत की थी। इस बारे में एप्पल से प्रतिक्रिया मांगी गई है। वहीं ओला और उबर के खिलाफ आईफोन और एंड्रॉयड मोबाइल उपयोगकर्ताओं को एक ही गंतव्य के लिए अलग-अलग किराया दिखाने को लेकर शिकायतें हैं।
उपभोक्ता मामलों के मंत्री प्रल्हाद जोशी ने बृहस्पतिवार को सोशल मीडिया मंच पर लिखा, “उपभोक्ता शिकायतों की जांच के बाद विभाग ने सीसीपीए के माध्यम से एप्पल को नोटिस जारी कर मामले पर जवाब मांगा है।”
सामुदायिक सोशल मीडिया मंच ‘लोकल सर्किल्स’ द्वारा किए गए सर्वेक्षण से पता चला है कि 60 प्रतिशत आईफोन उपयोगकर्ताओं को सेवा संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ा, जिसमें कॉल न लगना या कॉल कट जाना सबसे बड़ी समस्या थी।
सर्वेक्षण में शामिल 90 प्रतिशत आईफोन उपयोगकर्ताओं ने इन समस्याओं के लिए एप्पल के ऑपरेटिंग सिस्टम आईओएस में आए ‘अपडेट’ को जिम्मेदार ठहराया। इन उपयोगकर्ताओं ने इसके लिए वाईफाई या मोबाइल नेटवर्क को दोषी नहीं ठहराया।
एप्पल ने आईफोन के स्क्रीन और कैमरा फ्रीज होने जैसी समस्याएं ठीक करने के लिए अक्टूबर में आईओएस 18.0.1 और तकनीकी खामियां दूर करने के लिए नवीनतम 18.2.1 ‘अपडेट’ सहित कई ‘अपडेट’ जारी किए हैं।
इसके साथ ऑनलाइन कैब सेवाएं देने वाली कंपनियों- ओला और उबर को भी नोटिस जारी किया गया है। इन कंपनियों के खिलाफ ऐसी शिकायतें आई हैं कि उपयोगकर्ताओं के मोबाइल फोन में मौजूद ऑपरेटिंग सिस्टम (एंड्रॉयड या आईओएस) के आधार पर एक ही गंतव्य के लिए मंच पर अलग-अलग किराया दिखाती हैं।
जोशी ने लिखा है, “इस्तेमाल होने वाले मोबाइल फोन (आईफोन/ एंड्रॉयड) के विभिन्न मॉडलों के आधार पर अलग-अलग मूल्य-निर्धारण का अवलोकन करने के बाद उपभोक्ता मामलों के विभाग ने सीसीपीए के जरिये प्रमुख कैब सेवा प्रदाताओं ओला और उबर को नोटिस जारी कर उनसे जवाब मांगा है।”
मंत्री ने पहले इस चलन को ‘प्रथम दृष्टया अनुचित व्यापार चलन’ और उपभोक्ता अधिकारों के प्रति ‘घोर उपेक्षा’ करार दिया था।
मंत्री ने सरकार की ‘उपभोक्ता शोषण के प्रति शून्य सहिष्णुता’ पर जोर दिया और सीसीपीए को आरोपों की गहन जांच करने का निर्देश दिया।
भेजे गए नोटिस पर उबर के प्रवक्ता ने कहा, “हम सवारी के फोन विनिर्माता के आधार पर कीमतें निर्धारित नहीं करते हैं। हम किसी भी गलतफहमी को दूर करने के लिए सीसीपीए के साथ मिलकर काम करने के लिए तैयार हैं।”
फिलहाल एप्पल और ओला की टिप्पणियां नहीं मिल पाई हैं। कंपनियों ने अभी तक सीसीपीए द्वारा जारी किए गए नोटिस का जवाब नहीं दिया है।
भाषा अनुराग