माकन ने केजरीवाल सरकार में 382 करोड़ रुपये का घोटाला होने का आरोप लगाया
हक हक पवनेश
- 22 Jan 2025, 08:57 PM
- Updated: 08:57 PM
नयी दिल्ली, 22 जनवरी (भाषा) कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अजय माकन ने बुधवार को नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की ‘‘रिपोर्ट’’ का हवाला देते हुए दिल्ली की पूर्व की अरविंद केजरीवाल सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया और दावा किया कि तीन अस्पतालों के निर्माण में 382 करोड़ रुपये अधिक का घोटाला हुआ।
उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि इसी ‘घोटाले’ के कारण कैग की रिपोर्ट को विधानसभा में पेश नहीं करने दिया गया।
साथ ही माकन ने कहा कि केजरीवाल को ‘राष्ट्र विरोधी’ कहने के अपने बयान पर वह कायम हैं और यह उनकी निजी राय है।
उन्होंने केजरीवाल द्वारा अतीत में कुछ विपक्षी नेताओं से माफी मांगे जाने का हवाला देते हुए दावा किया कि दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री ‘थूक कर चाटने के विश्व चैम्पियन’ हैं।
विधानसभा चुनाव से करीब दो सप्ताह पहले माकन द्वारा आम आदमी पार्टी (आप) और उसके संयोजक तथा दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री केजरीवाल पर लगाए गए आरोपों पर फिलहाल दिल्ली के सत्तारूढ़ दल की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
दिल्ली में सभी 70 विधानसभा सीटों पर आगामी पांच फरवरी को मतदान होगा। मतगणना आठ फरवरी को होगी।
कांग्रेस के कोषाध्यक्ष माकन ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘आज मैं सबके सामने ‘आप के पाप’ की पहली कड़ी रखना चाहता हूं। दिल्ली में एक ऐसे नेता हैं, जिन्होंने अपनी पार्टी इसलिए बनाई थी, ताकि वो भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ सकें। उस जमाने में केजरीवाल कैग रिपोर्ट के आधार पर ही कांग्रेस पर आरोप लगाते थे।’’
उन्होंने दावा किया कि इस वक्त कैग की 14 ऐसी रिपोर्ट हैं, जिसमें पूर्व की केजरीवाल सरकार के ऊपर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप हैं, लेकिन अब वो रिपोर्ट सामने नहीं आ रहीं।
माकन ने कहा ‘‘ऐसे में हम केजरीवाल जी से पूछना चाहते हैं कि इस रिपोर्ट में स्वास्थ्य से जुड़े मामले में 382 करोड़ का घोटाला कैसे है?’’
उन्होंने कहा, ‘‘कैग की रिपोर्ट कहती है कि दिल्ली में पिछले 10 साल में सिर्फ तीन अस्पताल बनकर तैयार हुए। इन अस्पताल को बनाने की शुरुआत कांग्रेस के समय हुई थी। लेकिन आप की सरकार के आने के बाद इन अस्पताल को बनने में समय तो ज्यादा लगा ही, बल्कि जितने की निविदा थी, उससे ज्यादा पैसा खर्च हुआ।’’
कांग्रेस के कोषाध्यक्ष ने कहा, ‘‘इंदिरा गांधी अस्पताल बनाने में 314 करोड़ रुपये, बुराड़ी अस्पताल बनाने में 41 करोड़ रुपये और मौलाना आजाद डेंटल अस्पताल बनाने में 26 करोड़ रुपये फालतू में खर्च किए गए।’’
उन्होंने कहा, ‘‘कैग की रिपोर्ट कहती है कि वर्ष 2007-15 के बीच 15 प्लॉट दिल्ली सरकार ने अधिग्रहीत किए, लेकिन कहीं भी काम शुरू नहीं हुआ। 2016-17 से लेकर 2021-22 तक अवसंरचना परियोजना में जितने पैसे मिले, उनमें से 2,623 करोड़ रुपये खर्च ही नहीं हो पाए।’’
माकन के अनुसार, कोरोना के दौरान केजरीवाल सरकार को केंद्र सरकार से 635 करोड़ रुपये मिले और इसमें 360 करोड़ रुपए खर्च नहीं किए जा सके, जबकि उस समय दिल्ली में लोग ऑक्सीजन और अस्पतालों में बेड के लिए तरस रहे थे।
उन्होंने दावा किया कि आप ने चार अलग-अलग बजट में कहा कि उसकी सरकार दिल्ली में 32,000 बेड के अस्पताल बनाएगी, लेकिन सिर्फ 1,235 बेड के अस्पताल बनाए गए।
माकन ने दावा किया, ‘‘इन्हीं आंकड़ो के चलते केजरीवाल नहीं चाहते कि कैग की रिपोर्ट दिल्ली की जनता के सामने आए।’’
उन्होंने कहा, ‘‘इसीलिए मैं कहता हूं कि यह केजरीवाल नहीं, फर्जीवाल हैं।’’
माकन ने कहा, ‘‘मैंने कहा था कि यह मेरी निजी राय है। हमारी राय है कि केजरीवाल के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए क्योंकि इससे भाजपा को फायदा होता है।’’
उनका कहना था, ‘‘राष्ट्रीय राजनीति में मजबूत कांग्रेस से ही भाजपा का मुकाबला किया जा सकता है। अगर कोई सहयोगी दल सोचता है कि कांग्रेस को कमजोर करके भाजपा का मुकाबला कर सकते हैं तो यह लंबे समय तक नहीं चलेगा।’’
माकन ने केजरीवाल को चुनौती दी कि वह दिल्ली से जुड़े मुद्दों पर उनके साथ बहस करें।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने दावा किया, ‘‘केजरीवाल ने जितनी बार अदालत में माफी मांगी है वो एक विश्व रिकॉर्ड है...अगर थूक के चाटने का कोई विश्व चैम्पियन है तो उसका नाम केजरीवाल है।’’
उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को सबसे ज्यादा दुख केजरीवाल ने पहुंचाया।
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