महाराष्ट्र : जबरन वसूली मामले के आरोपी वाल्मिक कराड को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया
सुरभि मनीषा
- 22 Jan 2025, 05:21 PM
- Updated: 05:21 PM
(फाइल फोटो के साथ)
छत्रपति संभाजीनगर (महाराष्ट्र), 22 जनवरी (भाषा) महाराष्ट्र के बीड जिले की एक अदालत ने सरपंच संतोष देशमुख की हत्या से जुड़े जबरन वसूली के एक मामले में गिरफ्तार किए गए आरोपी वाल्मिक कराड को बुधवार को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
विशेष जांच दल (एसआईटी) की हिरासत अवधि की समाप्ति के बाद कराड को डिजिटल माध्यम से महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) मामलों की विशेष अदालत के समक्ष पेश किया गया। राज्य पुलिस की एसआईटी ने उसकी आगे की हिरासत का अनुरोध नहीं किया।
अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया। इस बीच पीड़ित के भाई धनंजय देशमुख ने मीडियाकर्मियों से कहा कि मामले में किसी भी आरोपी को जमानत नहीं मिलनी चाहिए क्योंकि उन्होंने ‘‘आतंक का माहौल’’ पैदा कर दिया था।
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि कराड के वकीलों द्वारा दिए गए आवेदन के जवाब में अदालत ने उसे जेल में रहते हुए सीपीएपी (कंटीन्यूअस पॉजिटिव एयरवे प्रेशर) मशीन के इस्तेमाल की अनुमति दे दी, जो ‘स्लीप एपनिया’ के इलाज में मदद करती है।
‘स्लीप एपनिया’ नींद से जुड़ी बीमारी है, जिसमें सोते समय सांस लेने की प्रक्रिया बार-बार रुकती है और फिर शुरू हो जाती है।
अधिकारी ने बताया कि वह खांसी, जुकाम और बुखार से पीड़ित है और उसे सुबह जांच के लिए सरकारी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उसकी हालत स्थिर है।
महाराष्ट्र के मंत्री धनंजय मुंडे के सहयोगी कराड पर 14 जनवरी को सख्त मकोका के तहत मामला दर्ज किया गया और उसे 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
इसके बाद पुलिस ने उसकी हिरासत के लिए विशेष मकोका अदालत का रुख किया।
अदालत ने 15 जनवरी को उसे 22 जनवरी तक सीआईडी की विशेष जांच टीम (एसआईटी) की हिरासत में भेज दिया था। सीआईडी की यह विशेष जांच टीम मामले में जांच कर रही है।
बीड जिले के मासाजोग गांव के सरपंच संतोष देशमुख का नौ दिसंबर को अपहरण कर लिया गया था। फिर उन्हें प्रताड़ित किया गया और उनकी हत्या कर दी गई। शुरुआती जांच से संकेत मिलता है कि देशमुख ने क्षेत्र में पवनचक्की परियोजना संचालित करने वाली एक ऊर्जा कंपनी को निशाना बनाकर की गई जबरन वसूली का विरोध करने की कोशिश की थी।
कराड को मूल रूप से जबरन वसूली के मामले में गिरफ्तार किया गया था।
महाराष्ट्र पुलिस की एसआईटी ने पिछले सप्ताह बीड की अदालत को बताया कि सरपंच देशमुख की हत्या इसलिए की गई क्योंकि उन पर एक ऊर्जा कंपनी से दो करोड़ रुपये की जबरन वसूली की साजिश में बाधक बनने का संदेह था और अपराध को अंजाम दिए जाने के समय वाल्मिक कराड हत्यारों के संपर्क में था।
भाषा सुरभि