राजौरी जिले के गांव में रहस्यमयी मौतें : मुख्यमंत्री अब्दुल्ला ने किया दौरा
धीरज नरेश
- 21 Jan 2025, 06:00 PM
- Updated: 06:00 PM
बधाल(जम्मू कश्मीर), 21 जनवरी (भाषा)जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला मंगलवार को उन शोक संतप्त परिवारों के साथ एकजुटता व्यक्त करने राजौरी जिले के सुदूर बधाल गांव आए जिनके 13 बच्चों सहित 17 सदस्यों की पिछले डेढ़ महीने में रहस्यमय परिस्थितियों में मौत हो गई है।
केंद्र शासित प्रदेश के जल शक्ति, वन और जनजातीय मामलों के मंत्री जावेद अहमद राणा और नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायक जावेद इकबाल चौधरी के साथ गांव पहुंचे अब्दुल्ला ने पीड़ित परिवारों को हरसंभव मदद का आश्वासन दिया और कहा, ‘‘इस कठिन समय में हम आपके साथ खड़े हैं’’।
राजौरी जिला मुख्यालय से लगभग 55 किलोमीटर दूर पहाड़ी गांव पहुंचने के तुरंत बाद, अब्दुल्ला कब्रिस्तान गए और मृतकों के लिए ‘फातिहा’पढ़ा।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने मोहम्मद असलम सहित शोक संतप्त परिवारों के प्रति सहानुभूति व्यक्त की जिन्होंने अपने छह बच्चों और अपने मामा तथा मामी को खो दिया। उसके मामा मामी ने पिछले सप्ताह उन्हें गोद लिया था। इस त्रासदी के बाद असलम और उनकी पत्नी अपने परिवार में एकमात्र जीवित बचे हैं।
मुख्यमंत्री अब्दुल्ला ने मोहम्मद रफीक से भी मुलाकात की, जिनकी पत्नी और तीन बच्चों की 12 दिसंबर को मौत हो गई थी। उन्होंने फजल हुसैन के माता-पिता से भी मुलाकात की । फजल और उनके चार बच्चों की सबसे पहले सात दिसंबर को रहस्यमयी परिस्थितियों में मौत हुई थी।
अधिकारियों के मुताबिक अब तक 17 लोगों की मौत हुई है जिनमें 13 बच्चे शामिल हैं जिनकी उम्र तीन से 15 साल के बीच थी।
मुख्यमंत्री का दौरा ऐसे दिन हो रहा है जब एक उच्च स्तरीय अंतर-मंत्रालयी टीम मौतों के कारण का पता लगाने के लिए अपनी जांच के तहत गांव का दौरा कर रही है।
अब्दुल्ला ने तीन परिवारों के जीवित सदस्यों से कहा, ‘‘कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी, जो भी आवश्यक कदम होंगे उठाए जाएंगे। दुख की इस कठिन घड़ी में हम आपके साथ हैं।’’
उन्होंने कहा कि सरकार ने यह पता लगाने की पूरी कोशिश की है कि गांव में क्या हो रहा है, क्या ये मौतें किसी रहस्यमयी बीमारी की वजह से तो नहीं हुईं।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘नमूने परीक्षण के लिए गए थे और अगर यह कोई बीमारी होती तो पता चल जाता। मौतें एक-दूसरे से संबंधित तीन परिवारों तक ही सीमित थीं।’’' उन्होंने कहा, ‘‘हमें इस बात पर विशेष ध्यान देना होगा कि गांव में और कोई मौत न हो।’’
अब्दुल्ला ने कहा कि पुलिस ने इस आशंका पर संज्ञान लिया है कि कहीं यह साजिश तो नहीं है।
अब्दुल्ला ने कहा, ‘‘नागरिक प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और पुलिस जांच कर रहे हैं और हमारे पास केंद्रीय टीम भी है जिसने कुछ उपाय सुझाए हैं।’’
मुख्यमंत्री ने कहा कि वह शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करने आये हैं।
इससे पहले, जम्मू-कश्मीर सरकार के एक प्रवक्ता ने कहा कि जांच और नमूनों से स्पष्ट तौर पर संकेत मिला है कि मौतें बैक्टीरिया या वायरस की संचारी बीमारी के कारण नहीं हुईं और इसका कोई जन स्वास्थ्य पहलू नहीं है।
भाषा धीरज