सैफ पर हमला: टीवी पर अपनी तस्वीर आने के बाद घबरा गया था हमलावर, बांग्लादेश भागने की थी योजना
सुभाष धीरज
- 20 Jan 2025, 08:09 PM
- Updated: 08:09 PM
मुंबई, 20 जनवरी (भाषा) अभिनेता सैफ अली खान पर चाकू से हमला करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया बांग्लादेशी नागरिक समाचार चैनलों पर अपनी तस्वीर देखकर घबरा गया था और पकड़े जाने के समय वह अपने देश भागने की योजना बना रहा था। पुलिस अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।
पुलिस ने यह भी बताया कि 30 वर्षीय हमलावर ने बांग्लादेश में अपने भाई से दस्तावेज भेजने को कहा था, जिससे पुलिस को पड़ोसी देश के निवासी के रूप में उसकी पहचान करने में मदद मिली।
आरोपी की पहचान शरीफुल इस्लाम शहजाद मोहम्मद रोहिल्ला अमीन फकीर के रूप में हुई है, जिसने अपना नाम बदलकर विजय दास रख लिया था।
सीसीटीवी फुटेज की गहन जांच के बाद रविवार को उसे गिरफ्तार कर लिया गया। फुटेज में, वह हमले से एक सप्ताह पहले नौ जनवरी को मोटरसाइकिल चलाते देखा जा सकता है।
सैफ पर गत बुधवार देर रात बांद्रा स्थित उनके घर में घुसपैठिए ने चाकू से कई बार वार किया था, जिसके कारण अस्पताल में चिकित्सकों को अभिनेता की सर्जरी करनी पड़ी।
इस घटना ने ‘सतगुरु शरण’ इमारत में सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं, जहां सैफ अपने परिवार के साथ रहते हैं।
जांच आगे बढ़ने पर, मुंबई पुलिस के विभिन्न दलों ने सबूत जुटाने के लिए शहर के विभिन्न इलाकों के फुटेज खंगाले।
शुरू में, पुलिस को हमलावर का पता लगाने में चुनौतियों का सामना करना पड़ा।
बांग्लादेश के झालोकाटी निवासी शहजाद पिछले पांच महीनों से मुंबई में रह रहा था, छोटे-मोटे काम करता था और साफ-सफाई का काम करने वाली एक एजेंसी से जुड़ा हुआ था।
अधिकारियों ने बताया कि पुलिस ने सीसीटीवी कैमरे में दर्ज घुसपैठिए की तस्वीर से उसकी पहचान की। पुलिस ने एक फुटेज में, उसे नौ जनवरी को उपनगरीय अंधेरी में एक चौराहे से मोटरसाइकिल पर गुजरते देखा।
उन्होंने बताया कि जांच में महत्वपूर्ण मोड़ उस वक्त आया जब मोटरसाइकिल के मालिक ने पुलिस को बताया कि वह शहजाद का पूर्व नियोक्ता था। अधिकारियों ने बताया कि इससे पुलिस को संदिग्ध का मोबाइल फोन नंबर मिल गया, जिससे की जाने वाली कॉल पर नजर रखी गई।
शनिवार रात एक बड़ी सफलता मिली, जब पुलिस ने वर्ली में सेंचुरी मिल के पास खाने-पीने की एक दुकान पर संदिग्ध द्वारा किये गए डिजिटल भुगतान का पता लगाया, जहां उसने बुर्जी पाव (ब्रेड के साथ तले हुए अंडे) और एक बोतल पानी का ऑर्डर किया था।
अधिकारियों ने बताया कि इस डिजिटल रिकॉर्ड से पुलिस को ठाणे में उसके ठिकाने का पता लगाने में मदद मिली और इलाके में तथा उसके आसपास तलाश दल तैनात किए गए।
आखिरकार, आरोपी को ठाणे के हीरानंदानी एस्टेट में एक श्रमिक शिविर के पास घने मैंग्रोव क्षेत्र में जमीन पर लेटा हुआ पाया गया।
अधिकारियों ने बताया कि पूछताछ के दौरान शहजाद ने बताया कि वह समाचार चैनलों और सोशल मीडिया पर अपनी तस्वीर देखकर घबरा गया था। उसने दावा किया कि वह बांग्लादेश भागने की योजना बना रहा था।
अधिकारियों ने बताया कि अपराध स्थल पर ‘डक्ट’ और शौचालय की खिड़की से एकत्र किये गए उंगलियों के निशान का मिलान आरोपी की उंगलियों के निशान से किया जाएगा।
एक अन्य पुलिस अधिकारी ने बताया कि हमले के बाद आरोपी एक बस स्टॉप पर सोया था और वर्ली जाने से पहले अपने कपड़े बदले थे। इसके बाद, वह बांद्रा रेलवे स्टेशन गया जहां से वह दादर गया और बाद में ठाणे शहर जाने से पहले वर्ली गया था।
उन्होंने बताया कि शहजाद ने पुलिस से बचने के लिए सभी एहतियात बरते थे, लेकिन अपने बैग की वजह से वह पकड़ा गया।
अधिकारी ने बताया कि पुलिस को सीसीटीवी फुटेज में आरोपी का बैग दिखा था, जिससे जांच को दिशा मिली।
बाद में सीसीटीवी फुटेज और ऑनलाइन भुगतान के रिकॉर्ड की मदद से पुलिस ने आरोपी का पता लगाया।
अधिकारी ने बताया कि सीसीटीवी में दर्ज आरोपी के चेहरे की तस्वीर की मदद से पुलिस ने उसके जैसे दिखने वाले आपराधिक रिकॉर्ड के लोगों की जांच की तथा कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया। लेकिन जब इससे भी कुछ नहीं पता चला तो उसने बांद्रा इलाके के सीसीटीवी फुटेज को फिर से खंगाला।
उन्होंने बताया कि सीसीटीवी फुटेज में आरोपी को घटना के बाद, सुबह करीब सात बजे बांद्रा रेलवे स्टेशन की ओर जाते देखा गया और उसने अपने कपड़े भी बदल लिए थे।
शहजाद पहले वर्ली के एक पब में काम करता था।
इस बीच, पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि सैफ पर हमला करने वाला व्यक्ति चोरी के प्रयास में अभिनेता पर चाकू से वार करने के बाद, दो घंटे तक बांद्रा स्थित इमारत के बगीचे में छिपा रहा।
अधिकारी ने बताया कि आरोपी ने शुरुआत में यह दावा कर जांचकर्ताओं को गुमराह करने की कोशिश की कि वह कोलकाता का रहने वाला है। हालांकि, पुलिस ने उसके झूठ को पकड़ लिया और बांग्लादेश में रह रहे उसके भाई से आरोपी के मोबाइल फोन पर उसके स्कूल छोड़ने का प्रमाण पत्र हासिल कर लिया।
अधिकारी ने प्रारंभिक जांच का हवाला देते हुए कहा, ‘‘अपराध को अंजाम देने के बाद, शहजाद ‘सतगुरु शरण’ इमारत परिसर के बगीचे में लगभग दो घंटे तक छिपा रहा क्योंकि उसे पकड़े जाने का डर था।’’
उन्होंने कहा कि आरोपी, सैफ के अपार्टमेंट में घुस गया क्योंकि वह बड़ी रकम की तलाश में था। हालांकि, अधिकारी ने इस बात की पुष्टि नहीं की कि क्या आरोपी को पता था कि अभिनेता इमारत की ऊपरी मंजिल पर रहते हैं और उसने चोरी करने का फैसला किया।
घटना के अगले दिन, उसने काम के सिलसिले में इलाके के एक श्रमिक ठेकेदार से संपर्क किया और ठाणे रवाना हो गया।
अदालत ने आरोपी को पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है, क्योंकि पुलिस ने दलील दी थी कि मामले में अंतरराष्ट्रीय साजिश की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
शहजाद पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 311 (गंभीर चोट या मौत का कारण बनने वाले इरादे से लूट या डकैती), 331(4) (घर में सेंधमारी) और अन्य अपराधों के साथ-साथ पासपोर्ट अधिनियम के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है।
महाराष्ट्र के मंत्री आशीष शेलार ने अभिनेता पर हमले के संदर्भ में उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (उबाठा) पर बांग्लादेशियों की घुसपैठ के मुद्दे पर राजनीतिक लाभ के लिए ‘पाखंड’ करने का सोमवार को आरोप लगाया।
शिवसेना (उबाठा) ने सैफ पर हमले के संबंध में देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली सरकार पर निशाना साधा था और लोगों एवं मशहूर हस्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की उसकी क्षमता पर सवाल उठाया था।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की मुंबई इकाई के प्रमुख शेलार ने ठाकरे को चुनौती दी कि वह बांग्लादेशियों की घुसपैठ और सीमा पर बीएसएफ की तैनाती के विरोध को लेकर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से सवाल पूछकर दिखाएं।
लीलावती अस्पताल के चिकित्सकों ने कहा कि अभिनेता ठीक हो रहे हैं और उन्हें जल्द ही छुट्टी मिल सकती है।
मुंबई पुलिस हमले की घटना का नाट्य रूपांतरण कर सकती है।
भाषा सुभाष