सुधीर शर्मा के मानहानि के नोटिस के बाद मुख्यमंत्री सुक्खू ने उन्हें बागियों का ‘सरगना’ बताया
गोला पवनेश
- 05 Apr 2024, 09:17 PM
- Updated: 09:17 PM
नादौन (हिप्र), पांच अप्रैल (भाषा) पूर्व कांग्रेस विधायक सुधीर शर्मा से मानहानि का नोटिस मिलने के कुछ घंटों बाद शुक्रवार को हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने उन्हें ‘‘बागी’’ नेताओं का सरगना करार दिया। हाल ही में कांग्रेस से बगावत के बाद सुधीर शर्मा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो गए थे।
सुक्खू ने आरोप लगाया कि शर्मा को भाजपा में शामिल होने के लिए 15 करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम मिली होगी।
इससे पहले, शर्मा ने आज सुक्खू को मानहानि का नोटिस भेजकर पांच करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग की।
शर्मा ने यह नोटिस सुक्खू के इस दावे के एक दिन बाद भेजा है कि कांग्रेस के छह बागी विधायक और तीन निर्दलीय विधायक 15-15 करोड़ रुपये में बिके थे।
शर्मा कांग्रेस के उन ‘‘बागी’’ विधायकों में शुमार हैं जो हाल ही में भाजपा में शामिल हुए हैं। मंत्री रह चुके शर्मा धर्मशाला विधानसभा उपचुनाव में भाजपा के प्रत्याशी हैं।
सुक्खू ने भाजपा और राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता जयराम ठाकुर पर भी निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी धन के बल पर सत्ता कब्जा रही है, लेकिन साथ ही कहा कि ‘‘हिमाचल प्रदेश में यह नहीं होगा।’’
मुख्यमंत्री ने मीडियाकर्मियों से कहा, ‘‘बागियों के कृत्यों का जनता की अदालत में पर्दाफाश होगा जो ‘बिकाऊ नेताओं’ को चुनावों में ‘जीतने’ नहीं देंगे और उनके खिलाफ आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति के मुकदमे भी दर्ज किए जाएंगे।’’
सुक्खू ने कहा, ‘‘पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की सत्ता की लालसा इस हद तक बढ़ गयी है कि वह वोटों की लड़ाई हारने के बाद नोटों के जरिए सत्ता हथियाना चाहते हैं।’’
उन्होंने दावा किया कि बागियों के निर्वाचन क्षेत्रों में 300-400 करोड़ रुपये के विकास कार्य किए गए हैं और उन्हें उनकी पसंद के एसडीएम, बीडीओ, तहसीलदार, इंजीनियर और एसडीओ दिए गए लेकिन फिर भी उन्होंने ‘‘अपने आप को बेच’’ दिया।
सुक्खू ने कहा कि यह गलत है कि निर्वाचित प्रतिनिधि ‘‘चुनाव जीतने के बाद चुनाव में खर्च पैसा वसूल करना शुरू कर देते हैं और बाद में पैसा वसूलने में नाकाम रहने पर सरकार गिराने की साजिश करते हैं।’’
उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली में पार्टी की स्क्रीनिंग कमेटी लोकसभा और विधानसभा उपचुनावों के लिए उम्मीदवारों के नाम तय करने के वास्ते शनिवार को बैठक करेगी और कांग्रेस की केंद्रीय चुनाव समिति शाम तक अंतिम निर्णय लेगी।
राज्य के ऊना जिले में एक रैली के दौरान सुक्खू ने बृहस्पतिवार को कहा था कि कांग्रेस के बागी भ्रष्ट हैं और सलाखों के पीछे जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने यह टिप्पणी 27 फरवरी के राज्यसभा चुनाव में भाजपा उम्मीदवार हर्ष महाजन के पक्ष में मतदान करने वाले कांग्रेस के छह और तीन निर्दलीय विधायकों के खिलाफ की थी।
बजट प्रस्ताव पर मतदान के दौरान विधानसभा में उपस्थित रहने तथा सरकार के पक्ष में मतदान करने संबंधी व्हिप का उल्लंघन करने को लेकर इन छह बागी विधायकों को अयोग्य घोषित किया गया था।
ये विधायक बाद में भाजपा में शामिल हो गए थे। भाजपा ने विधानसभा उपचुनाव के लिए कांग्रेस के इन छह बागी विधायकों को उनके संबंधित विधानसभा क्षेत्रों से टिकट दिए हैं।
भाषा
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