केरल: माकपा ने महिला पार्षद के अपहरण के आरोपों को खारिज किया
शुभम सुभाष
- 19 Jan 2025, 08:13 PM
- Updated: 08:13 PM
कोच्चि, 19 जनवरी (भाषा) केरल में सत्तारूढ़ मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने यहां कूथाटुकुलम नगर पालिका में अविश्वास प्रस्ताव पेश किए जाने से पहले, पार्टी की एक महिला पार्षद द्वारा लगाए गए अपहरण के आरोपों को रविवार को खारिज करते हुए कहा कि उन पर किसी तरह का हमला नहीं हुआ है।
नगर पालिका परिसर के बाहर हुए नाटकीय घटनाक्रम के एक दिन बाद माकपा ने यह स्पष्टीकरण भी दिया कि महिला पार्षद कला राजू और उनके बच्चों को कुछ दिन पहले कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने अगवा कर लिया था।
विपक्षी संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) द्वारा अविश्वास प्रस्ताव पेश किए जाने से पहले शनिवार को एलडीएफ (वाम लोकतांत्रिक मोर्चा) शासित नगर पालिका के बाहर उस समय नाटकीय दृश्य देखने को मिला, जब माकपा की महिला पार्षद कला राजू को प्रस्ताव पर वोट देने के लिए पहुंचते ही कथित तौर पर अगवा कर लिया गया।
कूथाटुकुलम में माकपा के क्षेत्रीय सचिव पीबी रथीश ने रविवार को इन आरोपों को खारिज कर दिया और दावा किया कि उन्हें (कला राजू) पार्टी के किसी कार्यकर्ता या नेता ने प्रताड़ित नहीं किया।
उन्होंने कहा कि कला राजू 2020 में हुए नगर निकाय चुनावों के दौरान माकपा उम्मीदवार के रूप में पार्षद निर्वाचित हुईं थीं।
रथीश ने कहा कि उन्हें समझ में नहीं आता कि अब ऐसी खबर क्यों आई कि ऐसे व्यक्ति को मार्क्सवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने अगवा कर लिया।
उन्होंने कहा कि एलडीएफ ने पहले ही नगरपालिका में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा में भाग न लेने का फैसला किया था और नगरपालिका के 13 सदस्यों ने इस चर्चा से खुद को दूर रखा।
उन्होंने नगर पालिका के बाहर शनिवार को हुए नाटकीय घटनाक्रम के बारे में कहा, “कला राजू भी हमारे फैसले के तहत वहां आईं थीं। हमारे अध्यक्ष विजया सिवन समेत कई लोगों को वहां हाथापाई के दौरान चोटें आईं और हमने जल्द ही सभी को अस्पताल पहुंचाया।”
उन्होंने कहा कि राजू ने भी उस समय बेचैनी महसूस होने की शिकायत की थी और उनके स्वास्थ्य की जांच के लिए एक चिकित्सक को बुलाया गया था।
माकपा नेता ने कहा, “उनके (कला राजू के) साथ किसी तरह की धक्का-मुक्की नहीं हुई।”
उन्होंने कांग्रेस और यूडीएफ के नेताओं पर राजू के बच्चों के बीच उनके बारे में गलतफहमी पैदा करने का भी आरोप लगाया, जो इस घटना को लेकर माकपा के खिलाफ आगे आए थे।
इस विवाद पर प्रतिक्रिया का अनुरोध किये जाने पर माकपा के जिला सचिव सी एन मोहनन ने आरोप लगाया कि राजू का अपहरण माकपा ने नहीं बल्कि कांग्रेस ने किया है। इसकी जांच होनी चाहिए कि तीन-चार दिन पहले वह कहां थीं।
उन्होंने दावा किया, "यह सच है कि उनका तीन-चार दिन पहले अपहरण हुआ था...लेकिन यह कांग्रेस द्वारा किया गया था। शनिवार को हम उन्हें पार्टी कार्यालय ले गए...बाद में हमने उन्हें उनके घर भी छोड़ा।"
उन्होंने सवाल किया कि माकपा अपनी ही पार्टी की पार्षद का अपहरण क्यों करेगी?
हालांकि, राजू ने रविवार को सत्तारूढ़ पार्टी के दावों को सिरे से खारिज कर दिया और अपने आरोपों को दोहराया कि माकपा के पार्षदों ने उन्हें कार तक घसीटा और उनके कपड़े फाड़ दिए।
पार्षद ने पुलिस पर भी आरोप लगाते हुए कहा कि हालांकि पुलिस वहां बड़ी संख्या में मौजूद थी फिर भी उन्होंने उसकी सुरक्षा के लिए हस्तक्षेप नहीं किया।
इस बीच, कांग्रेस ने रविवार को कूथाटुकुलम नगरपालिका के बाहर हुई घटनाओं को लेकर माकपा और पुलिस के खिलाफ अपना हमला तेज कर दिया।
जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष मोहम्मद शियास ने कहा कि उनकी पार्टी इस मुद्दे पर उन्हें राजनीतिक और कानूनी समर्थन देगी।
इस बीच, कूथाटुकुलम पुलिस ने कहा कि घटना के संबंध में चार मामले दर्ज किए गए हैं और अब तक 95 से अधिक लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
उन्होंने बताया कि कथित अपहरण की घटना को लेकर शनिवार को पुलिस थाने का घेराव करने के संबंध में दर्ज मामलों में से एक में यूडीएफ विधायक अनूप जैकब को भी आरोपी नामजद किया गया है।
पार्षद के बच्चों द्वारा पुलिस में शिकायत दर्ज कराने के बाद राजू को उनके घर पर ही पाया गया और शनिवार को उन्हें मेडिकल जांच के लिए ले जाया गया।
राजू ने बाद में संवाददाताओं को बताया कि उन पर हमला किया गया, उनके कपड़े फाड़ दिए गए और उन्हें जबरन एक वाहन में कूथाटुकुलम क्षेत्र समिति कार्यालय ले जाया गया।
पुलिस ने शनिवार को माकपा के जिला नेताओं के खिलाफ कथित अपहरण और हमले की घटना को लेकर मामला दर्ज किया।
कूथाटुकुलम नगरपालिका में एलडीएफ का शासन है, जिसके 13 सदस्य हैं, जबकि विपक्षी यूडीएफ के 11 सदस्य हैं। 25 सदस्यीय परिषद में एक निर्दलीय सदस्य भी है।
भाषा
शुभम