ममता ने संदेशखालि की महिलाओं पर अत्याचार संबंधी टिप्पणी के लिए मोदी पर साधा निशाना
आशीष माधव
- 05 Apr 2024, 08:36 PM
- Updated: 08:36 PM
जलपाईगुड़ी (पश्चिम बंगाल), पांच अप्रैल (भाषा) पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने महिलाओं के खिलाफ अत्याचार और भ्रष्टाचार के बारे में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की टिप्पणी को लेकर शुक्रवार को उन पर निशाना साधा। बनर्जी ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और उनकी सरकार ने संदेशखालि में महिलाओं के कथित यौन शोषण में शामिल दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है।
बनर्जी ने जलपाईगुड़ी में एक रैली को संबोधित करते हुए कहा कि तृणमूल के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप ‘‘राजनीति से प्रेरित’’ हैं। उन्होंने सवाल किया कि धन के उपयोग की निगरानी के लिए केंद्र द्वारा 300 से अधिक केंद्रीय टीम भेजे जाने के बावजूद केंद्रीय धन क्यों रोक दिया गया।
उन्होंने कहा, ‘‘कल, उन्होंने (प्रधानमंत्री) कहा कि उनकी लड़ाई संदेशखालि में अत्याचार और भ्रष्टाचार के खिलाफ है। मैं उन्हें बताना चाहती हूं कि संदेशखालि सिंगूर या नंदीग्राम नहीं है। स्थानीय स्तर पर कुछ घटनाएं हुईं। मामले में पहले ही गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। हमारी पुलिस ने दोषियों को गिरफ्तार किया। हमने लोगों को जमीन लौटा दी है क्योंकि हम किसी के खिलाफ अन्याय नहीं होने देते।’’
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘जब भी भ्रष्टाचार का कोई आरोप लगा है, हमने कार्रवाई की और उस व्यक्ति को पार्टी से निकाल दिया।’’
उन्होंने कहा, ‘‘क्या भाजपा या नरेन्द्र मोदी जवाब दे सकते हैं कि वह कितनी बार हाथरस गए, जहां दलित समुदाय की बलात्कार पीड़िता का उसके माता-पिता की सहमति के बिना रात के अंधेरे में अंतिम संस्कार कर दिया गया था? क्या वह तब सो रहे थे? वे बिलकिस बानो को न्याय दिलाने में विफल रहे।’’
संदेशखालि में हाल की घटनाओं का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कूचबिहार में एक रैली में पीड़ितों के प्रति कथित उदासीनता के लिए राज्य सरकार की आलोचना की थी। संदेशखालि में तृणमूल नेताओं के खिलाफ यौन शोषण के आरोप लगे थे।
तृणमूल पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाने के लिए प्रधानमंत्री की टिप्पणी को लेकर उन पर निशाना साधते हुए बनर्जी ने कहा, ‘‘फिलहाल भ्रष्टाचार के बारे में कोई शिकायत नहीं है। फिर भी, मनरेगा के लिए धन जारी नहीं किया गया।’’
बनर्जी ने कहा कि भाजपा को बंगाल सरकार को उपदेश देने का कोई अधिकार नहीं है। बनर्जी ने कहा, ‘‘तीन कल्याणकारी योजनाओं के कार्यान्वयन की जांच के लिए 350 से अधिक केंद्रीय टीम को बंगाल भेजा गया। उन्होंने रिपोर्ट सौंपी। उत्तर प्रदेश और गुजरात की रिपोर्ट के साथ उन रिपोर्ट को सार्वजनिक करना चाहिए।’’
उन्होंने कहा, ‘‘अगर बंगाल में कुछ मामले थे भी तो हमने कार्रवाई की। जबकि उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार के 85 लाख मामले थे। भ्रष्टाचार पर बंगाल को उपदेश न दें।’’
इससे पहले, अलीपुरद्वार में एक रैली में बनर्जी ने कहा कि भाजपा ‘वॉशिंग मशीन’ बन गई है जहां पार्टी में शामिल होने वाले भ्रष्ट नेताओं के दाग धुल जाते हैं।
बनर्जी ने कटाक्ष करते हुए कहा, ‘‘केवल टीएमसी में जो लोग हैं वे ही भ्रष्ट हैं और भाजपा में हर कोई संत है।’’
बनर्जी ने कूचबिहार सीट से भाजपा उम्मीदवार एवं केंद्रीय गृह राज्य मंत्री निशिथ प्रामाणिक का परोक्ष रूप से जिक्र करते हुए कहा, ‘‘यह राष्ट्रीय शर्म की बात है कि एक व्यक्ति जिसके खिलाफ कई मामले लंबित हैं, उसे गृह राज्य मंत्री बनाया गया। उन्हें फिर से उम्मीदवार बनाया गया है।’’
वर्ष 2021 विधानसभा चुनाव के दौरान कूचबिहार जिले के सीतलकुची में केंद्रीय बलों की गोलीबारी में चार नागरिकों की मौत का जिक्र करते हुए बनर्जी ने कहा कि मौतों के लिए जिम्मेदार व्यक्ति को बीरभूम में भाजपा ने अपना उम्मीदवार बनाया है।
पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान कूच बिहार के पुलिस अधीक्षक (एसपी) रहे देबाशीष धर को निलंबित कर दिया गया था। भाजपा ने धर को बीरभूम सीट से अपना उम्मीदवार बनाया है।
बनर्जी ने कहा कि हाल में तूफान से प्रभावित जलपाईगुड़ी के लोगों को मुआवजा देने के उनके प्रयास सफल नहीं हो सके क्योंकि भाजपा ने इसके खिलाफ निर्वाचन आयोग का रुख किया। जलपाईगुड़ी में हाल में तूफान के चलते पांच लोगों की मौत हो गई। उन्होंने कहा, ‘‘राज्य प्रशासन को प्रभावित लोगों को मुआवजा देना था। लेकिन भाजपा नहीं चाहती कि ऐसा हो।’’
बनर्जी ने निर्वाचन आयोग से आग्रह किया कि ‘‘राज्य सरकार को 5,000 आवास बनाने की अनुमति दी जाए जो तूफान में क्षतिग्रस्त हो गए थे।’’
भाषा आशीष