डेनमार्क की मिया ब्लिचफेल्ट ने इंडिया ओपन में स्टेडियम की आलोचना की
पंत आनन्द नमिता
- 18 Jan 2025, 06:09 PM
- Updated: 06:09 PM
नयी दिल्ली, 18 जनवरी (भाषा) डेनमार्क की मिया ब्लिचफेल्ट ने इंडिया ओपन सुपर 750 बैडमिंटन टूर्नामेंट की मेजबानी कर रहे इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम की स्थितियों की आलोचना करने के साथ ही राष्ट्रीय राजधानी के प्रदूषण स्तर को स्वास्थ्य के लिए हानिकारक करार दिया।
ब्लिचफेल्ट को पेट में संक्रमण हो गया था। वह दूसरे दौर में चीन की वांग झी यी से 21-13, 16-21, 8-21 से हार गई थी।
ब्लिचफेल्ट ने इंस्टाग्राम पर लिखा, ‘‘ भारत में एक लंबे और तनावपूर्ण सप्ताह के बाद आखिरकार घर पहुंच गई हूं। यह लगातार दूसरा वर्ष है जबकि इंडिया ओपन के दौरान मैं बीमार पड़ गई थी।’’
उन्होंने कहा, ‘‘यह स्वीकार करना वाकई मुश्किल है कि कई हफ्तों की मेहनत और तैयारी खराब परिस्थितियों के कारण बर्बाद हो जाती है। यह किसी के लिए भी उचित नहीं है कि हमें धुंध, कोर्ट पर पक्षियों द्वारा फैलाई गई गंदगी और हर तरफ गंदगी के बीच अभ्यास करना और खेलना पड़ा।’’
डेनमार्क की इस खिलाड़ी में विश्व बैडमिंटन महासंघ को टैग करते हुए लिखा,‘‘इस तरह की स्थितियां स्वास्थ्य के लिए हानिकारक और अस्वीकार्य हैं। मुझे खुशी है कि मैं पहले दौर में जीत हासिल करने में सफल रही और दूसरे दौर में भी मैंने अच्छा खेल दिखाया लेकिन जिस तरह की स्थिति थी उससे मैं संतुष्ट नहीं हूं।’’
भारतीय बैडमिंटन संघ (बीएआई) ने अपनी ओर से कहा कि आयोजन से ठीक चार दिन पहले स्थान मिलने के बाद उसे ‘चीजों को सही करने के लिए चुनौतियों’ का सामना करना पड़ा और वह इस प्रतिष्ठित कार्यक्रम की मेजबानी के लिए ‘वैकल्पिक स्थानों’ की तलाश कर रहा है।
बीएआई सचिव संजय मिश्रा ने एक बयान में कहा, ‘‘योनेक्स सनराइज इंडिया ओपन की मेजबानी के लिए भारतीय बैडमिंटन संघ को सिर्फ चार दिन पहले स्टेडियम मिलते है। इससे काफी ‘लॉजिस्टिक चुनौतियों’ का सामना करना पड़ता है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हम पहले से ही वैकल्पिक स्थल की तलाश के लिए बीडब्ल्यूएफ के साथ चर्चा कर रहे हैं और बुनियादी ढांचे के विकल्पों का सक्रिय रूप से मूल्यांकन कर रहे हैं।’’
ब्लिचफेल्ट ने बृहस्पतिवार को हार के बाद बीडब्ल्यूएफ की मीडिया टीम से कहा था कि वह पूरी रात उल्टी करती रही थी और दूसरे दौर के मैच के किसी तरह से कोर्ट तक पहुंची थी।
उन्होंने कहा था, ‘‘वह रात (मंगलवार) भयानक थी। मैं सुबह थोड़े समय के लिए सो सकी थी क्योंकि मैं पूरी रात उल्टी करते रही। मेरा शरीर काफी कमजोर हो गया था और लग रहा था कि मुझे पर थकान हावी है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘यह मेरे लिए अच्छा नहीं था। इस स्थिति के बावजूद मैंने मुकाबले में अपना शत-प्रतिशत दिया और जो परिणाम आया मैं उससे खुश हूं। कोर्ट तक पहुंचने के लिए मुझे काफी मेहनत करनी पड़ी।’’
ब्लिचफेल्ट ने कहा, ‘‘यह वास्तव में निराशाजनक है जब आप इन टूर्नामेंटों में आने के लिए पूरी मेहनत करते हैं और फिर ऐसी चीजों के कारण सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन नहीं कर पाते हैं।’’
थॉम गिक्वेल और डेल्फिन डेलरू की फ्रांस की मिश्रित युगल जोड़ी ने भी गुरुवार को प्रदूषण और खराब मौसम को लेकर चिंता व्यक्त की।
गिक्वेल ने कहा था, ‘‘जहां मैच खेले जा रहे है वह हॉल काफी अच्छा है। लेकिन दिल्ली में मौसम काफी ठंडा है और इस समय प्रदूषण भी बहुत ज्यादा है, इसलिए खेलना आसान नहीं है। खेल के लिए ऐसी परिस्थितियां अनुकूल नहीं हैं।’’
भारत में बैंडमिनट की वैश्विक प्रतियोगिताओं के आयोजन में ऐसी घटना पहली बार नहीं हुई है।
सैयद मोदी इंटरनेशनल सुपर 300 टूर्नामेंट के 2023 सत्र के दौरान विदेशी खिलाड़ियों ने भी पक्षियों की बीट और धूल से भरे कोर्ट जैसे मुद्दों का हवाला देते हुए बाबू बनारसी दास इंडोर स्टेडियम की खराब स्थिति के बारे में चिंता जताई थी।
इसके कुछ दिनों बाद मलेशिया के सूंग जू वेन ने सोशल मीडिया पर गुवाहाटी मास्टर्स सुपर 100 के लिए गुवाहाटी पहुंचने पर अपने होटल के बेसिन के नल से गंदा भूरा पानी रिसने की शिकायत की थी।
पूर्व विश्व नंबर एक जापान की नोजोमी ओकुहारा ने दावा किया कि उन्हें ओडिशा ओपन के दौरान बुरे अनुभव का सामना करना पड़ा, जहां एक निजी कैब (कार चालक) वाले ने उनसे अधिक किराया लिया और फिर कटक के एक होटल में चेक-इन करने के लिए उन्हें चार घंटे से अधिक समय तक इंतजार करना पड़ा।
भाषा पंत आनन्द