राज्यपाल की राज्य विश्वविद्यालयों के कुलपतियों की नियुक्ति में अहम भूमिका : यूजीसी प्रमुख
पारुल दिलीप
- 17 Jan 2025, 10:25 PM
- Updated: 10:25 PM
कोलकाता, 17 जनवरी (भाषा) विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के अध्यक्ष एम जगदीश कुमार ने राज्य विश्वविद्यालयों के कुलपतियों की नियुक्ति में राज्यपालों की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि राज्यों को यूजीसी की हालिया मसौदा अधिसूचना पर अमल करना चाहिए, जो राज्यपाल को कुलपतियों की नियुक्ति में बड़ी भूमिका देती है।
कुमार की टिप्पणी पश्चिम बंगाल में 34 राज्य विश्वविद्यालयों के कुलपतियों की नियुक्ति को लेकर राज्यपाल सीवी आनंद बोस और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी नीत तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के बीच जारी विवाद के मद्देनजर अहम मानी जा रही है।
राज्यपाल राज्य विश्वविद्यालयों के पदेन कुलाधिपति होते हैं।
कुमार ने कहा, “आजादी के बाद से, या उससे भी पहले, विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति को ही कुलपति नियुक्त करने का विशेषाधिकार प्राप्त था। इसलिए, उस मसौदा विनियमन में कोई नया बदलाव नहीं हुआ है, जिसमें कुलपतियों की नियुक्ति के मुद्दे को स्पष्ट किया गया है।”
यूजीसी प्रमुख बृहस्पतिवार को कोलकाता में सेंट जेवियर्स कॉलेज के दीक्षांत समारोह में हिस्सा लेने के बाद पत्रकारों से बात कर रहे थे। उन्होंने कहा कि 2010 के यूजीसी विनियमन ने कुलाधिपति को पहले ही कुलपतियों की नियुक्ति में अहम भूमिका प्रदान कर दी थी।
कुलपतियों की नियुक्ति में कुलाधिपति की तुलना में राज्य सरकार की अधिक भूमिका होने के पश्चिम बंगाल सरकार के दावे के बारे में पूछे जाने पर कुमार ने कहा कि चयन समिति में राज्य सरकार के प्रतिनिधि को भी अपनी राय रखने का अधिकार होता है, जो कुलाधिपति को चार-पांच नाम भेजती है, जिसमें से वह किसी एक को चुनते हैं।
उन्होंने कहा, “मसौदे में शामिल विभिन्न प्रस्तावों में से एक कुलपतियों की नियुक्ति में कुलाधिपति की भूमिका से संबंधित है और यह केंद्रीय और राज्य दोनों विश्वविद्यालयों के लिए प्रासंगिक है।”
कुमार ने कहा, “यूजीसी की ओर से जो भी नियम घोषित किए जाते हैं, उनका एकमात्र उद्देश्य हमारे विश्वविद्यालयों को विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाना है। उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा प्रदान करने के लिए मिलकर काम करना हमारी जिम्मेदारी है।”
पश्चिम बंगाल के शिक्षा मंत्री ब्रात्य बसु ने पहले विधानसभा में आरोप लगाया था कि राज्यपाल इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सिफारिशों की अनदेखी करते हुए कुलपतियों की नियुक्ति लटका रहे हैं।
उन्होंने कहा था, “राज्यपाल को मुख्यमंत्री द्वारा अनुशंसित नामों पर मुहर लगानी होती है। लेकिन, वह 34 विश्वविद्यालयों में कुलपतियों की नियुक्ति के उच्चतम न्यायालय के आदेश का पालन नहीं कर रहे हैं। वह अनिश्चितताओं को लंबा खींच रहे हैं और अपना संवैधानिक दायित्व नहीं निभा रहे हैं।”
यूजीसी अध्यक्ष की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया के लिए मंत्री से संपर्क नहीं किया जा सका।
भाषा पारुल