‘आप’ दिल्ली में आराम से सरकार बनाएगी; लोग चाहते हैं केजरीवाल फिर से बने मुख्यमंत्री : सिसोदिया
पारुल माधव
- 17 Jan 2025, 08:45 PM
- Updated: 08:45 PM
नयी दिल्ली, 17 जनवरी (भाषा) आम आदमी पार्टी (आप) के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया ने शुक्रवार को दावा किया कि ‘आप’ दिल्ली में “आराम से” अगली सरकार बनाएगी और शहर का सियासी माहौल मुख्यमंत्री पद पर अरविंद केजरीवाल की वापसी का संकेत दे रहा है।
पांच फरवरी को होने वाले दिल्ली विधानसभा चुनाव में जंगपुरा से चुनाव मैदान में उतरे सिसोदिया ने ‘पीटीआई-भाषा’ को दिए साक्षात्कार में दावा किया कि उनके निर्वाचन क्षेत्र के लोग कह रहे हैं कि वह फिर से उपमुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं।
सिसोदिया ने कहा, “दिल्ली में ‘आप’ आराम से सरकार बनाएगी। सीटों की संख्या का अनुमान लगाना मुश्किल है, लेकिन सियासी माहौल को देखते हुए यह स्पष्ट रूप से कहा जा सकता है कि ‘आप’ आराम से सत्ता बरकरार रखने की स्थिति में है। लोग अरविंद केजरीवाल को फिर से मुख्यमंत्री के रूप में देखना चाहते हैं।”
उन्होंने कहा कि लोगों को केजरीवाल पर भरोसा है, क्योंकि उन्होंने बिजली, पानी, महिलाओं के लिए बस यात्रा और शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवा जैसी सुविधाएं मुफ्त में प्रदान करके उनका जीवन आसान बना दिया है।
यह पूछे जाने पर कि क्या भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार द्वारा अनुमोदित आठवें वेतन आयोग के गठन का दिल्ली के विधानसभा चुनावों पर कोई असर पड़ेगा, सिसोदिया ने कहा कि कर्मचारी भी जानते हैं कि वे पिछले 10 वर्षों से एक ऐसी सरकार के लिए काम कर रहे हैं, जो केवल दावे करती है।
उन्होंने कहा, “लोग जानते हैं कि यह सिर्फ चुनाव पूर्व घोषणा भर है। क्या पता वे बाद में यह न कह दें यह चुनावी जुमला था या फिर इसे पांच साल बाद लागू किया जाएगा।”
मार्च 2023 में कथित आबकारी नीति घोटाला मामले में गिरफ्तारी से पहले ‘आप’ सरकार में उपमुख्यमंत्री रहे सिसोदिया ने कहा कि भाजपा यह “झूठ” फैला रही है कि कथित आबकारी नीति घोटाले में आरोपी केजरीवाल दिल्ली के मुख्यमंत्री नहीं बन सकते हैं।
सिसोदिया ने कहा, “दिलचस्प बात यह है कि भाजपा मान रही है कि केजरीवाल दिल्ली के अगले मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं। भाजपा के इस दुष्प्रचार में उसकी निराशा छिपी है कि वह (चुनाव) हार रही है।”
उन्होंने कहा, “उच्चतम न्यायालय ने अपने आदेश में कहीं नहीं कहा है कि केजरीवाल मुख्यमंत्री नहीं बन सकते। कुछ मामूली, अस्थायी शर्तें हैं, जिन्हें मेरे मामले की तरह ही हटा दिया जाएगा, लेकिन भाजपा यह झूठ फैला रही है कि केजरीवाल मुख्यमंत्री नहीं बन सकते।”
‘आप’ नेता ने कहा कि उनका प्रचार अभियान सुचारू रूप से चल रहा है । उन्होंने दावा किया कि जंगपुरा के लोग उन्हें एक ऐसे नेता के रूप में पहचानते हैं, जिसने जमीनी स्तर पर काम किया और राष्ट्रीय राजधानी में स्कूलों का कायापलट कर दिया।
उन्होंने कहा, “जंगपुरा के लोग कह रहे हैं कि अगर सिसोदिया विधायक चुने गए, तो उनका उपमुख्यमंत्री बनना तय है। मेरे पास कोई पद होगा या नहीं, यह भविष्य की बात है, लेकिन मैंने लोगों से वादा किया है कि अगर वे मुझे अपने विधायक के रूप में चुनते हैं, तो मैं पांच साल में जंगपुरा की हर सड़क की हालत वैसे ही सुधार दूंगा, जैसे मैंने स्कूलों की तस्वीर बदल दी।”
सिसोदिया ने कहा कि अगर ‘आप’ दिल्ली में सत्ता बरकरार रखती है, तो वह भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार और उपराज्यपाल को हर मामले में दखल नहीं देने देगी।
उन्होंने कहा, “वे 2015 से वहीं हैं। वे भी वही हैं और हम भी वही हैं। अगर उनकी चली, तो सीसीटीवी कैमरे नहीं लगेंगे, नयी बसें नहीं खरीदी जाएंगी, स्कूल-अस्पताल नहीं बनेंगे, बिजली मुफ्त नहीं मिलेगी। हम उन्हें मनमानी नहीं करने देंगे। हम लोगों के लिए काम करेंगे।”
भाजपा के इस दावे पर कटाक्ष करते हुए कि वह 25 साल से अधिक समय बाद दिल्ली की सत्ता में वापसी करने जा रही है, सिसोदिया ने कहा कि भाजपा को पहले यह बताना चाहिए कि उनका “दूल्हा” (दिल्ली में पार्टी का मुख्यमंत्री पद का चेहरा) कौन है।
उन्होंने कहा, “भाजपा के लोग ‘बिन दूल्हे की बारात’ की तरह हैं। उनके पास लोगों के लिए कोई सपना, कोई दृष्टिकोण या कोई टीम नहीं है। उनके पास सिर्फ गालियां और पैसा है। वे खुलेआम नकद, जूते और साड़ियां बांट रहे हैं। भाजपा को पता होना चाहिए कि दिल्ली की जनता बिकाऊ नहीं है। वे पैसे के लालच में अपना वोट नहीं बेचेंगे।”
केजरीवाल के खिलाफ भाजपा के अभियान के ‘शीशमहल’ और शराब ‘घोटाले’ जैसे भ्रष्टाचार के आरोपों पर केंद्रित होने पर सिसोदिया ने कहा कि लोग जानते हैं कि केजरीवाल एक दूरदर्शी एवं ईमानदार नेता हैं और वह भ्रष्ट नहीं हैं।
उन्होंने कहा, “वे जितना चाहें आरोप लगा सकते हैं, जितना चाहें झूठ बोल सकते हैं, लेकिन लोग जानते हैं कि जिस पार्टी ने स्कूल, मोहल्ला क्लीनिक, अस्पताल बनाए और 24 घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की, उसका नेता भ्रष्ट नहीं है।”
सिसोदिया ने इस बात पर जोर दिया कि ‘आप’ सरकार खतरे में नहीं है और केजरीवाल के पास ‘महिला सम्मान योजना’ के तहत प्रत्येक महिला को हर महीने 2,100 रुपये की आर्थिक सहायता देने सहित उन योजनाओं को क्रियान्वित करने का खाका है, जिनकी उन्होंने घोषणा की है।
पूर्व उपमुख्यमंत्री ने कहा कि यह भाजपा द्वारा फैलाया गया बड़ा झूठ है कि दिल्ली सरकार को घाटे के कारण ऋण लेना पड़ा है। उन्होंने कहा कि एक नियमित ऋण प्रक्रिया है, जिसके तहत हर राज्य सरकार के लिए लघु बचत योजनाओं से ऋण लेना अनिवार्य है।
सिसोदिया ने कहा, “दिल्ली सरकार भाजपा शासित उत्तर प्रदेश और हरियाणा की तरह किसी भी बैंक या ऋण देने वाली संस्था से ऋण नहीं लेती है। दिल्ली सरकार का बजट पूरी तरह से अधिशेष में है।”
उन्होंने कहा कि केजरीवाल के पास बजट का आकार और कर संग्रह बढ़ाने तथा ईमानदारी से पैसा खर्च करने की एक व्यापक योजना है।
दिल्ली की 70 सदस्यीय विधानसभा के लिए चुनाव पांच फरवरी को होंगे, जबकि नतीजों की घोषणा आठ फरवरी को की जाएगी।
इस मुकाबले को 2015 से राजधानी में सत्ता में रही ‘आप’ और भाजपा के बीच सीधी लड़ाई के रूप में देखा जा रहा है। कांग्रेस दिल्ली में अपनी खोई जमीन वापस पाने के लिए कड़ी मेहनत कर रही है, जिस पर उसने 2013 तक 15 वर्ष लगातार शासन किया था।
भाषा पारुल