विधायक कवासी लखमा ने छत्तीसगढ़ में शराब घोटाले को रोकने के लिए कुछ नहीं किया: ईडी
वैभव माधव
- 17 Jan 2025, 06:38 PM
- Updated: 06:38 PM
नयी दिल्ली, 17 जनवरी (भाषा) प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुक्रवार को कहा कि छत्तीसगढ़ कांग्रेस के विधायक और पूर्व मंत्री कवासी लखमा ने राज्य में पिछली सरकार के शासनकाल के दौरान हुए 2,100 करोड़ रुपये से अधिक के कथित शराब घोटाले को रोकने के लिए ‘‘कुछ नहीं किया’’।
लखमा (67) को संघीय जांच एजेंसी ने 15 जनवरी को राज्य की राजधानी रायपुर में इस मामले में पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया था और एक अदालत ने उन्हें 21 जनवरी तक ईडी की हिरासत में भेज दिया।
लखमा कोंटा विधानसभा सीट से विधायक हैं और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार में आबकारी मंत्री रह चुके हैं।
ईडी ने एक बयान में कहा, ‘‘कवासी लखमा को शराब घोटाले सहित आबकारी विभाग के पूरे मामलों की जानकारी थी, फिर भी उन्होंने अवैध और अनधिकृत संचालन को रोकने के लिए कुछ नहीं किया।’’
उसने कहा, ‘‘उन्होंने नीति परिवर्तन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिसके कारण छत्तीसगढ़ राज्य में एफएल-10ए लाइसेंस की शुरुआत हुई।’’
छत्तीसगढ़ सरकार के एफएल-10ए लाइसेंस ने लाइसेंस धारकों को विदेशी शराब क्षेत्र में कमाई करने की अनुमति दी।
ईडी द्वारा अदालत में पेश किए जाने के दौरान लखमा ने संवाददाताओं से कहा था कि एजेंसी द्वारा उनके खिलाफ की गई छापेमारी के दौरान कोई दस्तावेज या एक भी पैसा नहीं मिला।
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे झूठे मामले में जेल भेजा जा रहा है।’’
ईडी के बयान में कहा गया है कि लखमा सिंडिकेट (शराब) का ‘‘एक अभिन्न अंग’’ थे।
उसने आगे दावा किया कि लखमा को 2019 से 2022 के बीच हुए शराब ‘घोटाले’ से उत्पन्न अपराध की आय में से कम से कम 2 करोड़ रुपये प्रति माह मिल रहे थे।
एजेंसी ने दावा किया कि वह अचल संपत्तियों के निर्माण में लखमा द्वारा प्राप्त अपराध की आय के उपयोग से जुड़े ‘साक्ष्य’ एकत्र करने में सफल रही।
ईडी ने कहा कि छत्तीसगढ़ शराब ‘घोटाले’ के परिणामस्वरूप राज्य के खजाने को ‘भारी नुकसान’ हुआ और शराब सिंडिकेट के लाभार्थियों को अपराध की 2,100 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध आय प्राप्त हुई।
केंद्रीय एजेंसी ने 28 दिसंबर को रायपुर, सुकमा और धमतरी जिलों में पूर्व मंत्री और उनके बेटे की संपत्तियों पर छापेमारी की थी। इसके बाद उसने लखमा और उनके बेटे से पूछताछ की।
कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने लखमा को गिरफ्तार किए जाने के बाद ईडी पर भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के निर्देशों पर काम करने का आरोप लगाया था।
बघेल ने ट्वीट किया, ‘‘पूर्व मंत्री एवं वरिष्ठ विधायक कवासी लखमा जी की गिरफ्तारी राजनीतिक बदले की भावना से की गई कार्रवाई है। केंद्र सरकार में बैठे अपने आकाओं के निर्देश पर ईडी कांग्रेस नेताओं को बदनाम करने की साजिश रच रही है। पूरी कांग्रेस पार्टी कवासी लखमा जी के साथ खड़ी है।’’
भाषा वैभव