हमास द्वारा बंधक बनाए गए लोगों को रिहा करने संबंधी समझौते पर सहमति बनी: नेतन्याहू
एपी मनीषा रंजन
- 17 Jan 2025, 11:36 AM
- Updated: 11:36 AM
तेल अवीव, 17 जनवरी (एपी) इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने शुक्रवार को कहा कि गाजा पट्टी में हमास द्वारा बंधक बनाए गए लोगों को रिहा करने संबंधी समझौते को लेकर सहमति बन गई है।
नेतन्याहू ने कहा कि वह समझौते को मंजूरी देने के लिए शुक्रवार को सुरक्षा मंत्रिमंडल की बैठक बुलाएंगे और फिर सरकार इस समझौते को मंजूरी देगी।
इस घोषणा से एक दिन पहले नेतन्याहू के कार्यालय ने कहा था कि गाजा में युद्ध विराम और फलस्तीनी कैदियों की रिहाई के बदले बंधकों को मुक्त करने के लिए वार्ता में अंतिम समय में रुकावटें आईं।
नेतन्याहू के भोर से पहले दिए गए बयान से ऐसा प्रतीत होता है कि इस समझौते के लिए इजराइल की मंजूरी का रास्ता साफ हो गया है, जिसके तहत गाजा पट्टी में लड़ाई रुक जाएगी और इजराइल द्वारा बंदी बनाए गए फलस्तीनी कैदियों के बदले में गाजा में उग्रवादियों द्वारा बंधक बनाए गए दर्जनों बंधकों को रिहा किया जाएगा।
इस समझौते से लाखों विस्थापित फलस्तीनियों को गाजा में अपने घरों में लौटने का अवसर भी मिलेगा।
इस बीच, युद्धग्रस्त क्षेत्रों में हुए इजराइली हमलों में कम से कम 72 लोग मारे गए।
नेतन्याहू ने कहा कि उन्होंने गाजा से बंधकों की वापसी के लिए एक विशेष कार्य बल को तैयार करने का निर्देश दिया और उनके परिवारों को सूचित किया गया है कि समझौता हो गया है।
इजराइल ने संघर्ष विराम पर बृहस्पतिवार को मतदान में देरी की थी और हमास को अंतिम समय में मंजूरी में देरी के लिए जिम्मेदार ठहराया। नेतन्याहू की सरकार के गठबंधन में बढ़ते तनाव ने समझौते के कार्यान्वयन के बारे में चिंताएं पैदा कर दीं।
एक दिन पहले ही अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन और प्रमुख मध्यस्थ कतर ने घोषणा की थी कि यह पूरा हो गया है।
नेतन्याहू के कार्यालय ने हमास पर आगे की रियायतें हासिल करने के प्रयास में समझौते के कुछ हिस्सों से मुकरने का आरोप लगाया था। बृहस्पतिवार को एक संवाददाता सम्मेलन में, इजराइली सरकार के प्रवक्ता डेविड मेनसर ने कहा कि हमास की नई मांगें फिलाडेल्फी कॉरिडोर में इजराइली सेना की तैनाती से संबंधित हैं।
फिलाडेल्फी कॉरिडोर मिस्र की सीमा से सटी एक संकरी पट्टी है जिस पर इजराइली सैनिकों ने मई में कब्ज़ा कर लिया था।
हमास ने इन दावों का खंडन किया। हमास के एक वरिष्ठ अधिकारी इज़्ज़त अल-रिश्क ने कहा कि उग्रवादी समूह ‘‘युद्धविराम समझौते के लिए प्रतिबद्ध है, जिसकी घोषणा मध्यस्थों ने की थी।’’’
हमास ने सात अक्टूबर 2023 को इजराइल पर हमला कर दिया था, जिसमें 1,200 लोग मारे गए थे और 250 अन्य को बंधक बना लिया गया था।
इसके बाद इजराइल ने जवाबी हमले किए, जिसमें फलस्तीनी स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार 46 हजार से अधिक फलस्तीनी मारे गए।
बुधवार को घोषित संघर्षविराम समझौते से लड़ाई पर विराम लग जाएगा और 15 महीने से चल रहा युद्ध समाप्त हो जाएगा। इस युद्ध के कारण पश्चिम एशिया में हालात अस्थिर हो गए हैं और इसके खिलाफ दुनिया भर में प्रदर्शन हुए हैं।
एपी मनीषा