ईसी की वेबसाइट पर केंद्रीय बलों के ‘रूट मार्च’ का विवरण पोस्ट करना पर्याप्त नहीं : टीएमसी, माकपा
देवेंद्र मनीषा
- 05 Apr 2024, 05:42 PM
- Updated: 05:42 PM
(सुदीप्तो चौधरी)
कोलकाता, पांच अप्रैल (भाषा) तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने केंद्रीय बलों के ‘रूट मार्च’ का विवरण अपनी वेबसाइट पर प्रकाशित करने संबंधी निर्वाचन आयोग के फैसले की शुक्रवार को आलोचना की और इस कदम को पारदर्शिता के लिए नाकाफी बताया।
दोनों दलों ने यह सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय बलों के निष्पक्ष रूप से काम करने के महत्व पर जोर दिया कि मतदाता बिना किसी डर के मतदान कर सकें।
माकपा नेता सुजान चक्रवर्ती ने कहा, ‘‘केंद्रीय बलों के मामले में पारदर्शिता की जरूरत है। लेकिन निर्वाचन आयोग द्वारा केंद्रीय बलों के ‘रूट मार्च’ का ब्योरा पोस्ट करने का पारदर्शिता से कोई लेना-देना नहीं है।’’
दमदम लोकसभा सीट से उम्मीदवार चक्रवर्ती ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘उन्हें (निर्वाचन आयोग को) यह पता होना चाहिए कि केंद्रीय बल मतदाताओं के बीच विश्वास पैदा करने और यह सुनिश्चित करने के लिए भी होते हैं कि मतदाता बिना किसी डर के अपना वोट डाल सकें।’’
टीएमसी की नेता माला रॉय ने आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग केंद्र में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का पक्ष ले रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय बलों के ‘रूट मार्च’ पर निर्वाचन आयोग के विवरण का ‘‘पारदर्शिता’’ से कोई लेना-देना नहीं है।
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे संदेह है क्योंकि ऐसे उदाहरण हैं जब निर्वाचन आयोग ने सत्तारूढ़ भाजपा के लिए काम किया है। केंद्रीय बलों के ‘रूट मार्च’ का ब्योरा देने से उनकी निष्पक्षता और पारदर्शिता साबित नहीं होगी। ऐसा कम से कम दो चरण के मतदान संपन्न होने के बाद ही साबित होगा।’’
इस बीच भाजपा नेता सजल घोष ने इस कदम का स्वागत करते हुए कहा कि इससे राजनीतिक दलों को केंद्रीय बलों की भूमिका समझने में मदद मिलेगी।
घोष ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘मेरा मानना है कि यह एक अच्छा कदम है। निर्वाचन आयोग और क्या कर सकता है? क्या टीएमसी और वामपंथी चाहते हैं कि ‘रूट मार्च’ के दौरान उनकी संबंधित पार्टी के नेता केंद्रीय बलों के साथ रहें? यह हास्यास्पद है।’’
केंद्रीय बलों की तैनाती में पारदर्शिता नहीं होने के आरोपों के जवाब में, निर्वाचन आयोग ने पारदर्शिता बनाए रखने के लिए अपनी वेबसाइट पर ‘रूट मार्च’ की जानकारी पोस्ट करना शुरू किया है।
आयोग ने जनता को केंद्रीय बलों के अनुचित इस्तेमाल से संबंधित शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई का आश्वासन दिया।
पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय के एक अधिकारी ने कहा कि इसके बावजूद, अगर किसी को लगता है कि केंद्रीय बलों का ‘‘उचित ढंग से इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है’’, तो वे सीधे जिला निर्वाचन अधिकारी के पास शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
अधिकारी ने कहा, ‘‘पारदर्शिता बनाये रखने के लिए यह फैसला लिया गया। वे कहां मार्च कर रहे हैं, इसकी जानकारी हमने देनी शुरू कर दी है। जानकारी हर व्यक्ति के लिए उपलब्ध है। यह कवायद 29 मार्च को शुरू की गई थी।’’
भाषा देवेंद्र