चिनार पुस्तक मेले में छलक रही बच्चों की खुशी
पवनेश
- 18 Jul 2026, 07:39 PM
- Updated: 07:39 PM
(नरेश कौशिक)
श्रीनगर, 18 जुलाई (भाषा) खूबसूरत डल झील के किनारे सैकड़ों स्कूली बच्चे एक साथ चित्रकला प्रतियोगिता में भाग ले रहे हैं। कोई पहाड़ बना रहा है तो कोई तिरंगा। कुछ बच्चे हाथों में किताबें लिए दौड़ रहे हैं...उनके चेहरों पर एक अलग ही खुशी झलक रही है।
यह नजारा था प्रसिद्ध डल झील के किनारे स्थित कश्मीर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन केंद्र (एसआरआईसीसी) में आयोजित चिनार पुस्तक मेले का। इस पुस्तक मेले की शनिवार को शुरुआत हुई और पहले ही दिन सैंकड़ों बच्चों ने इसमें शिरकत की। बच्चे खुद को किताबों के बीच पाकर फूले नहीं समा रहे थे।
श्रीनगर के सरकारी स्कूल में सातवीं कक्षा में पढ़ने वाली जैनब बहुत खुश है। जैनब पहली बार पुस्तक मेले में आई है। एक साथ इतनी किताबें देख कर उसे अच्छा लग रहा है। उसने कहानियों की किताबें खरीदी हैं। कुछ किताबें राष्ट्रीय पुस्तक न्यास द्वारा बच्चों को निशुल्क बांटी गई हैं।
मेले का उद्घाटन शनिवार को जम्मू-कश्मीर के उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा ने किया। 18 से 26 जुलाई तक चलने वाले इस मेले में 200 से अधिक प्रकाशक और दुकानें अंग्रेजी, उर्दू, कश्मीरी, हिंदी और कई दूसरी भारतीय भाषाओं की किताबें पाठकों को उपलब्ध करा रहे हैं।
श्रीनगर से 30 किलोमीटर दूर गांदरबल से अध्यापिका मसर्रत अपने तीन बच्चों और पति के साथ पुस्तक मेला देखने आयी हैं। वह बताती हैं कि पुस्तक मेले से बच्चे बहुत खुश हैं। वे यहां से पाठ्यक्रम के अलावा कहानियों और ज्ञान विज्ञान की किताबें खरीद कर ले जाते हैं जो दूर दराज़ के इलाकों में नहीं मिलती।
मसर्रत की स्वयं की पसंद ''सेल्फ हेल्प'' पुस्तकें पढ़ना है।
उनसे बात हो ही रही थी कि उपराज्यपाल मनोज सिन्हा मेला घूमते हुए उसी तरफ आ निकले। उनके दोनों बड़े बेटों को यह देख बड़ी खुशी हुई।
मसर्रत ने कहा, " पहली बार उन्हें आमने सामने देख कर अच्छा लग रहा है।
डल झील के किनारे ही सेल्फी प्वाइंट है जहां बच्चे प्रधानमंत्री मोदी के विशाल पोस्टर के साथ खड़े होकर सेल्फी ले रहे थे।
इस मेले के पिछले संस्करण के दौरान आयोजित पहली गोजरी अनुवाद कार्यशाला में तैयार की गई 24 द्विभाषी किताबों का विमोचन भी शनिवार को किया गया।
भाषा नरेश पवनेश माधव
माधव
पवनेश
1807 1939 श्रीनगर