संसदीय समिति ने नीट मामले को लेकर एनटीए अधिकारियों से किए तीखे सवाल
अविनाश
- 21 May 2026, 08:31 PM
- Updated: 08:31 PM
नयी दिल्ली, 21 मई (भाषा) संसद की एक समिति के कई सदस्यों ने मेडिकल प्रवेश परीक्षा 'नीट-यूजी' के पेपर लीक मामले को लेकर बृहस्पतिवार को राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) से तीखे सवाल किए, जिस पर एनटीए की तरफ से बताया गया कि यह उसके तंत्र के माध्यम से नहीं हुआ तथा इस प्रकरण की जांच सीबीआई कर रही है।
सूत्रों ने बताया कि शिक्षा, महिला, बाल, युवा और खेल संबंधी संसद की स्थायी समिति की बैठक के दौरान कई सांसदों ने भविष्य में पेपर लीक को रोकने के लिए परीक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने की खातिर एजेंसी द्वारा उठाए गए कदमों पर एनटीए अधिकारियों से सवाल किए।
कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह इस समिति के अध्यक्ष हैं।
समिति ने शिक्षा सचिव विनीत जोशी, एनटीए प्रमुख प्रदीप कुमार जोशी और इसके महानिदेशक अभिषेक सिंह सहित शिक्षा मंत्रालय के शीर्ष अधिकारियों को बुलाया था, जिन्होंने एनटीए सुधारों से संबंधित राधाकृष्णन रिपोर्ट की सिफारिशों पर विस्तृत प्रस्तुति दी।
सूत्रों के अनुसार, जब कई सदस्यों ने सवाल किया कि नीट-यूजी परीक्षा का पेपर कैसे लीक हुआ, तो एनटीए के महानिदेशक अभिषेक सिंह ने उन्हें बताया कि परीक्षा का पेपर उनके सिस्टम के माध्यम से लीक नहीं हुआ था।
इस पर कई सांसदों ने पूछा कि फिर पेपर कैसे लीक हो गया और परीक्षा रद्द कर दोबारा परीक्षा कराने की क्या जरूरत थी।
एनटीए अधिकारी के पास इसका कोई जवाब नहीं था और उन्होंने कहा कि सीबीआई पहले से ही इसकी जांच कर रही थी।
समिति में शामिल कुछ विपक्षी सदस्यों ने मांग उठाई कि सीबीआई जांच रिपोर्ट समिति के सामने पेश की जानी चाहिए, लेकिन कुछ भाजपा सदस्यों ने इस पर आपत्ति जताते हुए कहा कि सीबीआई एक स्वतंत्र संस्था है और उसे अपना काम करने दिया जाना चाहिए।
सूत्रों के मुताबिक, सिंह ने एनटीए सुधारों पर राधाकृष्णन रिपोर्ट द्वारा की गई सिफारिशों के कार्यान्वयन पर एक विस्तृत प्रस्तुति दी और बताया कि सुझाए गए अल्पकालिक उपायों में से लगभग 70 प्रतिशत पहले ही लागू किए जा चुके हैं।
सूत्रों का कहना है कि एनटीए ने समिति के सदस्यों को बताया कि एक पुख्ता परीक्षा प्रणाली विकसित करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं और व्यापक समीक्षा की जा रही है। समिति की तरफ से यह सुझाव दिया कि विश्वसनीय लोगों को प्रश्नपत्र तैया करने और वितरण प्रणाली में शामिल किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि कंप्यूटर आधारित परीक्षण (सीबीटी) के माध्यम से नीट परीक्षा आयोजित करने पर विचार किया जा रहा है और भविष्य की परीक्षाएं उसी माध्यम से आयोजित की जा सकती हैं।
सूत्रों का कहना है कि संसदीय समिति के सदस्यों ने एनटीए में कर्मचारियों की कमी और रिक्तियों को भरने की पैरवी की, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि एजेंसी कुशलतापूर्वक काम कर सके और किसी भी तरह की गड़बड़ी को रोका जा सके।
उन्होंने कहा कि एनटीए ने समिति के सदस्यों को सूचित किया कि एजेंसी में लगभग 25 प्रतिशत कर्मचारियों की कमी है और ऐसी सभी रिक्तियों को भरने के लिए व्यवस्थित रूप से कदम उठाए जा रहे हैं।
बैठक के बाद समिति के अध्यक्ष दिग्विजय सिंह ने कहा, ''संसदीय समिति में जो भी चर्चा होती है, हम शपथ के तहत उस पर चर्चा नहीं कर सकते।''
उन्होंने हालांकि कहा, ''बैठक बहुत अच्छी रही। हमें सभी सदस्यों से जानकारी मिली। सदस्यों ने नीट पेपर लीक पर अपनी चिंता व्यक्त की।''
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