गुरुग्राम: कार-टैक्सी की टक्कर के बाद टैक्सी चालकों ने लड़की को 'परेशान' किया
पवनेश
- 08 May 2026, 03:36 PM
- Updated: 03:36 PM
गुरुग्राम, आठ मई (भाषा) सोहना रोड पर एक निजी कार और टैक्सी के बीच हुई टक्कर के बाद, टैक्सी चालकों के एक समूह ने कार में यात्रा कर रही लड़की को कथित तौर पर परेशान किया और वाहन चालक पर हमला किया।
लड़की की मां का दावा है कि पुलिस घटनास्थल पर पहुंच गई थी लेकिन उसने कोई कार्रवाई नहीं की और पीड़िता को पैसे देकर समझौता करने के लिए मजबूर होना पड़ा।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार को कहा कि लड़की की मां ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के माध्यम से आपबीती साझा की। उन्होंने बताया कि मामले का संज्ञान लेते हुए पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और जो तथ्य सामने आएंगे उनके आधार पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पोस्ट में महिला ने कहा कि उनकी बेटी कक्षा 12 की छात्रा है और अपनी निजी कार में यात्रा कर रही थी, तभी उसकी कार एक टैक्सी से टकरा गई। इसके बाद कथित रूप से टैक्सी चालकों के एक समूह ने कार को घेर लिया और बार-बार उसका दरवाज़ा खोलने की कोशिश की। डरी-सहमी लड़की ने खुद को कार के अंदर बंद कर लिया और रोते हुए अपनी मां से मदद की गुहार लगाई।
टैक्सी चालकों ने कथित रूप से कार चालक के साथ मारपीट भी की।
लड़की ने अपनी मां को फोन कर घटना की जानकारी दी। महिला ने आरोप लगाया कि उन्होंने करीब 20 बार पुलिस को फोन किया, लेकिन तुरंत प्रतिक्रिया देने के बजाय पुलिस टीम 37 मिनट बाद मौके पर पहुंची, जिससे उनकी बेटी को टैक्सी चालकों के खराब बर्ताव का सामना करना पड़ा।
महिला ने कहा कि पुलिस के मौके पर पहुंचने के बाद भी टैक्सी चालकों का व्यवहार सामान्य नहीं हुआ और अंततः पीड़िता को आरोपी को 2,000 रुपये देकर समझौता करना पड़ा।
छात्रा की मां ने अपने आरोप में कहा, '' मेरी बेटी ने पुलिस को पहला फोन शाम 5.02 बजे किया, जिसके बाद पुलिस ने 5.10 बजे फोन करके उनका स्थान पूछा। जब उन्हें कोई मदद नहीं मिली, तो उसने (बेटी) मुझे वीडियो कॉल किया और इस बारे में बताया। इसके बाद हम दोनों ने कंट्रोल रूम को 20 से अधिक बार फोन किया, लेकिन पुलिस टीम 37 मिनट बाद मौके पर पहुंची।''
लड़की की मां ने कथित घटना के बारे में जानकारी बृहस्पतिवार शाम साढ़े चार बजे सोशल मीडिया पर साझा की। इसके बाद पुलिस की सोशल मीडिया टीम ने उनसे संपर्क किया और कहा कि मामले की जांच की जाएगी।
एक 'एक्स' उपयोगकर्ता ने लिखा, '' यह वाकई बेहद भयावह है। जब एक बच्ची घिरी हुई हो और उसे डराया-धमकाया जा रहा हो, ऐसे में 37 मिनट तक इंतजार करना गुरुग्राम में दिनदहाड़े आपातकालीन व्यवस्था की अस्वीकार्य विफलता है। हमें 10 मिनट में डिलीवरी मिल जाती है, लेकिन पुलिस को लगभग 40 मिनट लगते हैं।''
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, ''यह मामला सोशल मीडिया टीम के संज्ञान में आया है। जांच जारी है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि पुलिस टीम को मौके पर पहुंचने में इतना समय क्यों लगा। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।''
भाषा शोभना पवनेश
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