महाराष्ट्र: वरिष्ठ चिकित्सक भी हड़ताल में शामिल हुए
सिम्मी मनीषा
- 16 Aug 2024, 03:16 PM
- Updated: 03:16 PM
मुंबई, 16 अगस्त (भाषा) महाराष्ट्र में रेजिडेंट चिकित्सकों की अनिश्चितकालीन हड़ताल में शुक्रवार को वरिष्ठ चिकित्सक भी शामिल हो गए जिससे सरकारी एवं नगर निकाय के अस्पतालों में सेवाएं बाधित हुईं और राज्य में हजारों मरीजों को असुविधा हुई।
‘महाराष्ट्र स्टेट एसोसिएशन ऑफ रेजिडेंशियल डॉक्टर्स’ (सेंट्रल-एमएआरडी) के अध्यक्ष डॉ. प्रतीक देबाजे ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि ‘महाराष्ट्र एसोसिएशन ऑफ बॉन्डेड रेजिडेंट डॉक्टर्स’ (एमएबीआरडी) और ‘एसोसिएशन ऑफ स्टेट मेडिकल इंटर्न्स’ (एएसएमआई) से संबद्ध 6000-7000 वरिष्ठ रेजिडेंट चिकित्सक शुक्रवार को हड़ताल में शामिल हो गए।
देबाजे ने कहा, ‘‘महाराष्ट्र में 17,000 से 18,000 (रेजिडेंट) चिकित्सक इस समय हड़ताल पर हैं।’’
पिछले सप्ताह कोलकाता के आर.जी. कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में एक परास्नातक महिला प्रशिक्षु से कथित रूप से बलात्कार और उसकी हत्या किए जाने की घटना के खिलाफ जारी देशव्यापी आंदोलन के प्रति एकजुटता व्यक्त करने के लिए राज्य के रेजिडेंट चिकित्सकों ने मंगलवार को सुबह अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की थी।
रेजिडेंट चिकित्सकों की हड़ताल के चौथे दिन बाह्य रोगी विभाग (ओपीडी), ऑपरेशन थियेटर (ओटी) और प्रयोगशाला में जांच आदि प्रक्रियाओं सहित वैकल्पिक सेवाएं प्रभावित रहीं, जिससे मुंबई और राज्य के अन्य हिस्सों में हजारों मरीजों को असुविधा हुई।
अधिकारियों ने हालांकि बताया कि आपातकालीन सेवाएं निर्बाध जारी हैं।
केंद्रीय एमएआरडी ने कोलकाता की घटना की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच, केंद्रीय स्वास्थ्य देखभाल संरक्षण अधिनियम के कार्यान्वयन के लिए एक विशेषज्ञ समिति के शीघ्र गठन, सीसीटीवी कैमरे समेत सुरक्षा संबंधी कदम उठाने और गुणवत्तापूर्ण छात्रावास मुहैया कराए जाने की मांग की है।
देबाजे ने कहा कि मुंबई के जे जे अस्पताल और अन्य प्रमुख अस्पतालों के परिसरों में रेजिडेंट चिकित्क अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन उन्होंने बाद में फोर्ट इलाके के आजाद मैदान में धरना देने की योजना बनाई है। बड़ी संख्या में रेजिडेंट चिकित्सकों के इस विरोध प्रदर्शन में शामिल होने की संभावना है।
एमएबीआरडी ने रेजिडेंट चिकित्सकों की हड़ताल को बुधवार को समर्थन देने की घोषणा की थी तथा कहा था कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं तो 16 अगस्त से हड़ताल और तेज कर दी जाएगी।
इस बीच, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए)-महाराष्ट्र के अध्यक्ष डॉ. संतोष कदम ने कोलकाता में चिकित्सक से बलात्कार और उसकी हत्या की घटना के विरोध में राज्य भर के चिकित्सकों से शनिवार (17 अगस्त) को सेवाएं बंद रखने का आह्वान किया है।
आईएमए ने कोलकाता के अस्पताल में हुई घटना और उसके बाद हुई तोड़फोड़ के विरोध में 17 अगस्त को सुबह छह बजे से 24 घंटे के लिए देश भर में गैर-आपातकालीन सेवाएं बंद रखने की घोषणा की है।
भाषा सिम्मी