डेली वर्ल्ड स्पेशल: सेंट्रल बैंक मैनेजर ने उड़ाई शीर्ष प्रबंधन के निदेर्शों की धज्जियां; विरोध के बावजूद दोपहर 3.30 बजे कर देता है बैंक बंद
/Daily World
- 21 Jul 2024, 06:47 PM
- Updated: 06:47 PM
राहुल चौबे | डेली वर्ल्ड
रामगढ़वा / मोतिहारी: सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया (सीबीआई) के शीर्ष प्रबंधन द्वारा जारी परिपत्रों और निदेर्शों का स्पष्ट उल्लंघन करते हुए रामगढ़वा-पटनी शाखा प्रबंधक ने बैंक को हर दिन दोपहर 3.30 बजे बंद करने का आदेश दिया है, जिससे न केवल बैंक को नुकसान हो रहा है बल्कि कारोबार पर असर पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने बताया कि करीब ढाई महीने पहले पटनी शाखा में योगदान देने के बाद, शाखा प्रबंधक विक्रम सिंह का सेंट्रल बैंक प्रबंधन द्वारा निर्धारित समय से डेढ़ घंटे पहले ही बैंक बंद करने के फैसले के कारण ग्राहकों से उनकी कई बार झड़प हो चुकी है।
पिछले कुछ दिनों में ग्राहकों ने सेंट्रल बैंक पटनी शाखा के मैनेजर के इस गलत निर्णय के विरुद्ध कड़ा विरोध दर्ज कराया है और शाखा प्रबंधक के खिलाफ क्षेत्रीय कार्यालय, मोतिहारी में शिकायत दर्ज कराई है। इसके बावजूद पटनी मैनेजर सिंह ने नगद लेन-देन के समय को शाम 4 बजे तक बढ़ाने के ग्राहकों के अनुरोध को अनसुना कर दिया।
कुछ स्थानीय लोगों ने इस बात पर अफसोस जताया कि पटनी प्रबंधक के खिलाफ दर्ज शिकायतों और बैंक सर्कुलर के अनुसार बैंक के कामकाज को बहाल करने के अनुरोध के बावजूद बैंक प्रबंधन मूकदर्शक बनकर बैठा हुआ है। सेंट्रल बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक (मोतिहारी) नरेश ठाकुर ने कहा — उन्हें पहले भी पटनी शाखा प्रबंधक विक्रम सिंह के खिलाफ शिकायतें मिली हैं और उनके विरुद्ध कार्रवाई की जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, विक्रम सिंह वही अधिकारी हैं जिनके खिलाफ कुछ साल पहले हरियाणा के कैथल में कृषि वित्त अधिकारी के रूप में काम करते समय अपने पद का दुरुपयोग कर एक पार्टी को अनियमित रूप से कृषि ऋण देने के बाद विजिलेंस केस हुआ था। सिंह एक दागी बैंक अधिकारी है जिसे विजिलेंस जांच के दौरान दोषी पाया गया और दंडित किया गया। सजा के तौर पर सेंट्रल बैंक प्रबंधन द्वारा उनके दो इन्क्रीमेंट भी काट दिया गया। पहले भी बैंक उनसे खिलाफ कई मामलों में जांच कर चुका है और स्पष्टीकरण मांग चुका है।
एलआईसी एजेंट बसंत श्रीवास्तव ने बताया कि कृषि लोन सम्बन्धी अनियमिततों के बाद विजिलेंस कार्रवाई और विक्रम सिंह के दागी अतीत की जानकारी होने के बावजूद, मोतिहारी सेंट्रल बैंक कार्यालय ने सिंह को रामगढ़वा-पटनी शाखा में तैनात किया है जहाँ की ज्यादातर अर्थव्यवस्था कृषि आधारित है। हैरानी की बात यह है कि सब कुछ जानते हुए भी स्थानीय बैंक प्रबंधन ने इस दागी शाखा प्रबंधक को कृषि ऋण देने की जिम्मेदारी दी है। श्रीवास्तव ने पटनी शाखा प्रबंधक के खिलाफ सेंट्रल बैंक, मुंबई के प्रबंध निदेशक/सीईओ और क्षेत्रीय प्रबंधक, मोतिहारी को इस बारे में शिकायत दर्ज कराई है।
सेंट्रल बैंक की अधिसूचना के अनुसार, पूर्वी चंपारण जिले के रामगढ़वा स्थित पटनी शाखा अर्ध-शहरी क्षेत्र (सेमी-अर्बन एरिया) की श्रेणी में आती है। सीबीआई के महाप्रबंधक (संचालन) उमेश कुमार सिंह द्वारा जारी 5 जनवरी, 2019 के एक परिपत्र में साफ कहा गया है कि अर्ध-शहरी क्षेत्रों में प्रत्येक सेंट्रल बैंक शाखा के लिए सामान्य कामकाजी समय सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक है, जबकि व्यावसायिक समय (जैसे कि नकद लेन-देन करने का समय) शाम 4 बजे तक
होना है।
इस अधिसूचना और सेंट्रल बैंक के शीर्ष प्रबंधन के निदेर्शों की अवहेलना करते हुए पटनी शाखा प्रबंधक विक्रम सिंह ने बैंक के सामने एक नोटिस बोर्ड लगाया है जिसमें कहा गया है कि बैंक केवल कार्य दिवसों पर सुबह 10 बजे से दोपहर 3.30 बजे तक ही खुला रहेगा। उन्होंने कई ग्राहकों को बैंक परिसर से यह कह कर भगा दिया कि किसी को भी बैंक परिसर में 3.30 बजे के बाद घुसने की इजाजत नहीं है। इन्ही कारणों से इस बैंक प्रबंधक का कई महत्वपूर्ण ग्राहकों के साथ विवाद हो चुका है, जिसमें पटनी गैस एजेंसी के अजीत कुमार (कृष्णा सिंह) और मीना टोला गांव के चन्द्रशेखर सिंह
शामिल हैं।
अजीत कुमार और चन्द्रशेखर सिंह ने डेली वर्ल्ड से बात करते हुए पुष्टि की कि उन्होंने पटनी शाखा प्रबंधक के मनमाने और पक्षपातपूर्ण कार्यकलाप के बारे में अपनी शिकायत सीबीआई के मोतिहारी क्षेत्रीय कार्यालय को भेज दिया है।
चन्द्रशेखर सिंह ने कहा कि पटनी मैनेजर ने मुझे 22 मई दोपहर 3.45 बजे पहुंचने पर बैंक से बाहर निकाल दिया और पैसे भी नहीं लेने दिए। जब मैंने उनसे कहा कि पहले 4 बजे तक कैश मिलता था तो उन्होंने मुझे कहा कि — मैं यहाँ तीन साल तक हूँ, तुम सबको सुधार दूंगा।
अजीत कुमार (कृष्णा सिंह) ने कहा कि पहले कैश लेने और जमा करने का समय शाम 4 बजे तक था लेकिन शाखा प्रबंधक ने मुझे दोपहर 3.30 बजे के बाद बैंक में घुसने से मना किया। मेरे विरोध करने पर विक्रम सिंह ने मुझे डराने-धमकाने की कोशिश की और पुलिस बुला ली। दुर्भाग्य यह है कि सेंट्रल बैंक ने व्यवसाय के नुकसान और लोगों में रोष की चिंता किए बिना पिछले दो महीनों से वही नोटिस बोर्ड बैंक के सामने लगा रखा है। अकाउंट होल्डर की कोई सुनवाई नहीं है।
नवगढ़वा ग्राम के निवासी मुकेश त्रिपाठी के अनुसार, पिछले पटनी प्रबंधक शैलेश अरुण के तीन साल से अधिक के कार्यकाल के दौरान पटनी बैंक में किसी भी प्रकार की कोई घटना नहीं हुई थी। उनके समय में बैंक में शाम 4 बजे तक नकदी जमा और निकासी होती थी और अन्य कार्यों के लिए बैंक शाम 5 बजे तक खुला रहता था।
श्रीवास्तव ने आगे बताया कि पटनी बैंक में तीन दिन की भागदौड़ के बाद आखिरकार 3 जुलाई को बैंक ने उन्हें उनके विकलांग पत्नी द्वारा हस्ताक्षरित चेक के बदले नकद भुगतान किया। जब उन्होंने यह समस्या प्रबंधक के ध्यान में लाई तो विक्रम सिंह ने उन्हें दुत्कारते हुए कहा कि — ज्यादा दिक्कत है तो खाता किसी और बैंक में स्थानांतरित करा लो। उन्होंने एक बैंक मैनेजर से इस तरह की प्रतिक्रिया की कभी उम्मीद नहीं की थी जहाँ वह पिछले करीब 20 साल से जा रहे हैंौ अब जब भी मैं पटनी बैंक जाता हूँ तो ऐसा लगता है जैसे मैं बैंक नहीं, पुलिस स्टेशन जा रहा हूँ।
इनलोगों के अलावा, कई अन्य ग्राहकों ने भी दोपहर 3.30 बजे ही बैंक बंद करने के पटनी प्रबंधक के निर्णय की विरोध किया है और अपनी शिकायत सेंट्रल बैंक के वरिष्ठ प्रबंधन को भेज दिया है।
19 जुलाई को कुछ पीड़ित शिकायतकतार्ओं ने सीबीआई के एलडीएम (मोतिहारी) गोपाल प्रसाद से पटनी शाखा में उनके आगमन के दौरान मुलाकात की और बैंक मैनेजर के खिलाफ अपनी शिकायत दर्ज कराई और उनके साथ पिछले कुछ महीनों से हो रहे अभद्र बर्ताव के बारे में अपनी आपबीती साझा की। उन्होंने एलडीएम को सेंट्रल बैंक के व्यावसायिक एवं कामकाजी समय को लेकर शीर्ष प्रबंधन द्वारा जारी निदेर्शों के घोर उल्लंघन के बारे में सूचित किया और विक्रम सिंह के खिलाफ सख्त कार्रवाई की
मांग की।