बंगाल सरकार ओलंपिक खिलाड़ियों को उचित सम्मान और वित्तीय सहायता नहीं दे रही : भाजपा
ब्रजेन्द्र ब्रजेन्द्र मनीषा
- 16 Jul 2024, 04:27 PM
- Updated: 04:27 PM
नयी दिल्ली, 16 जुलाई (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मंगलवार को पश्चिम बंगाल सरकार पर राज्य के ओलंपिक खिलाड़ियों को उचित सम्मान और वित्तीय सहायता नहीं देने का आरोप लगाया और इसके लिए ‘खैरात की राजनीति’ और ‘भ्रष्टाचार’ को जिम्मेदार ठहराया। साथ ही पार्टी ने यह दावा भी किया कि इन खिलाड़ियों को नजरअंदाज कर धन का इस्तेमाल राजनीतिक आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए किया जा रहा है।
भाजपा के सूचना और प्रौद्योगिकी विभाग के प्रमुख अमित मालवीय ने सोशल मीडिया मंच‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘बंगाल के ये प्रतिष्ठित रत्न ‘बांग्लार मेये’ और उनके दोषपूर्ण प्रशासन की व्यापक खैरात की राजनीति और बहुमुखी भ्रष्टाचार के कारण वित्तीय सहायता से वंचित हैं, जो हमारे मेहनती खिलाड़ियों की जीत और महत्वाकांक्षाओं का जश्न मनाने के बजाय राजनीतिक आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए धन का उपयोग करता है।’’
मालवीय पार्टी संगठन में पश्चिम बंगाल मामलों के सह-प्रभारी भी हैं।
भाजपा नेता ने इस क्रम में कुछ खिलाड़ियों के नाम भी गिनाए। इनमें वराह नगर के तीरंदाज अतनु दास, झाड़ग्राम की कलात्मक जिमनास्ट प्रणति नायक, नैहाटी की टेबल टेनिस खिलाड़ी सुतीर्था मुखर्जी, अनिवासी बंगाली गोल्फर अनिर्बान लाहिड़ी, मेदिनीपुर की गोला फेंक खिलाड़ी आभा खटुआ, कोलकाता के घुड़सवार अनुष अग्रवाल और कोलकाता की तीरंदाज अंकिता भक्त के नाम शामिल हैं।
इनमें से कुछ खिलाड़ी आगामी पेरिस ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।
मालवीय ने कहा कि उनकी असाधारण उपलब्धियों और भारत एवं बंगाल के लिए हासिल की गई प्रतिष्ठा के बावजूद, यह बेहद दुखद है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सरकार उन्हें उनके भविष्य के प्रयासों के लिए आवश्यक सम्मान और वित्तीय सहायता देने में विफल रही है।
उन्होंने कहा, ‘‘पश्चिम बंगाल सरकार से आवश्यक समर्थन के अभाव में ये खिलाड़ी अन्य राज्यों से वित्तीय सहायता और प्रायोजन (स्पॉंसरशिप) लेने के लिए मजबूर हैं।’’
मालवीय ने कहा कि ‘बांग्लार निजेर मेये’ (बंगाल की अपनी लड़की) नीत प्रशासन बंगाल की आंतरिक क्षमता का गला घोंटने का दोषी है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘यह जरूरी है कि हम इस अक्षम शासन के खिलाफ खड़े हों ताकि बंगाल की खोई हुई भव्यता को बहाल किया जा सके और हमारे खिलाड़ियों को सही पहचान व सम्मान दिलाया जा सके।’’
भाषा ब्रजेन्द्र ब्रजेन्द्र