मप्र सरकार ने त्विषा शर्मा मामले की जांच सीबीआई से कराने की सिफारिश की
मनीषा
- 22 May 2026, 02:27 PM
- Updated: 02:27 PM
भोपाल, 22 मई (भाषा) मध्यप्रदेश सरकार ने पिछले सप्ताह अपने ससुराल में फांसी पर लटकी मिली पूर्व मॉडल और अभिनेत्री त्विषा शर्मा मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से कराने की सिफारिश की है। एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
इस सिलसिले में मध्यप्रदेश के गृह विभाग ने एक अधिसूचना जारी की, जिसमें कहा गया कि 12 मई को बाग मुगालिया एक्सटेंशन कटारा हिल्स में हुई मौत का जो मामला थाना कटारा हिल्स दर्ज है, उसे सीबीआई को हस्तांतरित करना प्रस्तावित किया गया है।
अधिसूचना में कहा गया है कि इसके लिये दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना अधिनियम 1946 की धारा 6 में वर्णित शक्तियों का प्रयोग करते हुए मध्यप्रदेश शासन ने इस प्रकरण के अनुसंधान के लिए दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना के सदस्यों की शक्ति एवं क्षेत्राधिकार का विस्तार सम्पूर्ण मध्यप्रदेश राज्य में करने के संबंध में सहमति प्रदान की है।
इसके मुताबिक, राज्य सरकार ने प्रकरण में संबंधित अपराध, अपराधों के दुष्प्रेरण अथवा षड्यंत्र संबंधी अनुसंधान की सहमति भी दी है।
गौरतलब है कि 20 मई को मृतका त्विषा शर्मा के परिजनों ने राज्य सचिवालय में मुख्यमंत्री मोहन यादव से मुलाकात की थी। इस दौरान यादव ने उन्हें आश्वस्त किया था कि राज्य सरकार इस प्रकरण में परिवार की पूरी सहायता करेगी और मामले की जांच के लिए सीबीआई को भी पत्र लिखा जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा था कि मृतका के दोबारा पोस्टमॉर्टम के संबंध में अदालत निर्णय करेगी, लेकिन परिजन यदि चाहते हैं तो पार्थिव शरीर को दिल्ली एम्स ले जाने के लिए परिवहन सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
त्विषा शर्मा 12 मई को भोपाल के कटारा हिल्स इलाके में अपने ससुराल में मृत पाई गई थी। उसके परिवार ने उसके ससुराल वालों पर दहेज उत्पीड़न और आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया, जबकि सिंह परिवार ने दावा किया कि वह ड्रग्स की आदी थी।
पुलिस ने त्विषा के पति समर्थ सिंह और सास व पूर्व न्यायाधीश गिरिबाला सिंह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 80 (2), 85 और 3 (5) के साथ-साथ दहेज निषेध अधिनियम के प्रावधानों के तहत प्राथमिकी दर्ज की है।
पुलिस ने फरार पति समर्थ की गिरफ्तारी के लिए सूचना देने वाले को 30,000 रुपये का नकद इनाम देने की घोषणा की है।
इस बीच, इस मामले को लेकर त्विषा शर्मा और पति समर्थ सिंह के परिवारों के बीच कानूनी लड़ाई भी छिड़ गई है। दोनों पक्षों ने इस मामले में मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय का रुख किया।
समर्थ सिंह ने अग्रिम जमानत मांगी है, जबकि त्विषा के परिवार ने उनकी मां गिरिबाला सिंह को दी गई अग्रिम जमानत को चुनौती देने का फैसला किया है। गिरिबाला सिंह एक सेवानिवृत्त जिला और सत्र न्यायाधीश और भोपाल जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग की वर्तमान अध्यक्ष हैं।
त्विषा के परिजनों ने उसके शव का दोबारा पोस्टमार्टम कराने के लिए भी मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की शरण ली है।
भाषा ब्रजेन्द्र मनीषा
मनीषा
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