'काला टीका' बताने वाले लोग देवी काली को भूल गए: द्रमुक सांसद
मनीषा
- 17 Apr 2026, 12:33 PM
- Updated: 12:33 PM
नयी दिल्ली, 17 अप्रैल (भाषा) महिला आरक्षण से संबंधित विधेयकों का विरोध करने के लिए द्रमुक सांसदों के काले परिधान पहनने को 'काला टीका' करार देने संबंधी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए पार्टी सदस्य कनिमोझी ने शुक्रवार को कहा कि ''हिंदुत्व की बात करने वाले देवी काली को भूल गए।''
लोकसभा में महिला आरक्षण अधिनियम से संबंधित 'संविधान (131वां) संशोधन विधेयक 2026', 'परिसीमन विधेयक, 2026' और 'संघ राज्य विधि (संशोधन) विधेयक, 2026' पर चर्चा में भाग लेते हुए कनिमोझी ने यह टिप्पणी की।
द्रमुक सदस्य सदन में बृहस्पतिवार और शुक्रवार को इन विधेयकों के विरोध स्वरूप काले परिधान पहनकर आए, वहीं तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और पार्टी अध्यक्ष एम के स्टालिन ने राज्य में एक चुनावी रैली के दौरान काला झंडा लहराया।
कनिमोझी ने कहा कि कल सदन में सरकार की ओर से कहा गया कि ''हम इस काले झंडे को नहीं मानते। उन्होंने कहा था कि यह बुरी नजर से बचाने वाले काले टीके की तरह है।''
द्रमुक सांसद ने कहा, ''उन्होंने काले टीके की बात की। लेकिन हिंदुत्व की बात करने वाले देवी काली को भूल गए। वही काला रंग हमने चुना है विरोध के लिए, जो हमारे नेता पेरियार ने हमें दिया था। इस काले रंग का अर्थ है कि हम अंत तक लड़ेंगे।''
मोदी ने बृहस्पतिवार को लोकसभा में द्रमुक सांसदों के काले कपड़ों का परोक्ष जिक्र करते हुए कहा था, ''अपने यहां जब भी कोई शुभ काम होता है तो उसे नजर नहीं लग जाए, इसके लिए काला टीका लगाने की परंपरा है। मैं आपका धन्यवाद करता हूं काला टीका लगाने के लिए।''
कनिमोझी ने चर्चा में भाग लेते हुए आरोप लगाया कि सरकार तमिलनाडु और अन्य राज्यों में विधानसभा चुनाव को प्रभावित करने के लिए जल्दबाजी में तीनों विधेयक लाई है।
उन्होंने इसे महिला आरक्षण के बहाने संघीय ढांचे पर बड़ा हमला बताया।
द्रमुक सदस्य ने दावा किया कि 2011 की जनगणना के आंकड़ों का इस्तेमाल कर परिसीमन किया जाएगा और इससे तमिलनाडु समेत दक्षिणी राज्यों को कमजोर किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि तमिलनाडु और केरल समेत दक्षिणी राज्यों ने जनसंख्या नियंत्रण की नीति को पूरी तरह अपनाया और जनसांख्यिकीय परिवर्तन किया।
कनिमोझी ने कहा, ''देश को इस पर गर्व होना चाहिए। लेकिन जनसंख्या नियंत्रण का खामियाजा अब तमिलनाडु को भुगतना पड़ेगा।''
उन्होंने राजग सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, ''आप ही ऐसी सरकार हैं जो राजनीतिक विफलता को लाभ में बदल सकते हैं। पांच राज्यों के चुनाव के बीच इसे ले आए।''
कनिमोझी ने कहा कि समूचे विपक्ष ने सरकार से विधानसभा चुनाव के बाद इन विधेयकों को लाने को कहा था, लेकिन सरकार ने इन्हें अत्यंत आवश्यक बताया और दो सप्ताह भी इंतजार नहीं किया।
उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण को परिसीमन के साथ जोड़ना एक 'ट्रैप' है जिसका हम विरोध करते हैं।
उन्होंने कहा, ''चुनाव के लिए महिलाओं को 'ह्यूमन शील्ड' बनाया जा रहा है।''
कनिमोझी ने कहा कि सरकार महिलाओं को आरक्षण देना चाहती है तो इसे तत्काल लोकसभा की 543 सीटों पर लागू करे और परिसीमन से इसे अलग करे। उन्होंने कहा कि तब उनकी पार्टी तुरंत इसका समर्थन करेगी।
उन्होंने कहा कि परिसीमन के बाद जब सदन में 816 सदस्य होंगे तो दक्षिणी राज्यों की आवाज कमजोर होगी और राष्ट्रपति चुनाव में उनकी हिस्सेदारी भी कम होगी।
कनिमोझी ने सरकार पर हमला करते हुए कहा कि ये विधेयक आपके भविष्य के एजेंडे को सुगम बनाने के लिए लाए गए हैं।
उन्होंने तीनों विधेयकों को विचार विमर्श के लिए एक संयुक्त संसदीय समिति को भेजने की मांग की।
भाषा वैभव मनीषा
मनीषा
1704 1233 संसद