द्रमुक अपने दम पर चुनाव जीतने में सक्षम नहीं, सहयोगियों पर रही निर्भर : तमिलनाडु के मंत्री
पवनेश
- 18 Jul 2026, 08:42 PM
- Updated: 08:42 PM
मदुरै, 18 जुलाई (भाषा) तमिलनाडु के मंत्री आर. निर्मल कुमार ने शनिवार को कहा कि द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) अतीत में चुनावी जीत हासिल करने के लिए अपने सहयोगी दलों पर काफी हद तक निर्भर रही है और वह अपने दम पर चुनाव जीतने में सक्षम नहीं है।
उन्होंने द्रमुक से सत्तारूढ़ टीवीके के विधायकों को अपने पाले में लाकर सरकार को अस्थिर करने के कथित प्रयासों को रोकने की अपील भी की।
मंत्री ने दावा किया कि कांग्रेस और वाम दल, द्रमुक से दूर हो गए हैं क्योंकि वे अन्नाद्रमुक के प्रति उसकी राजनीतिक रणनीति से असहज थे।
निर्मल कुमार चेन्नई पुलिस द्वारा टीवीके विधायक को कथित रूप से रिश्वत देने के मामले में 10 लोगों की गिरफ्तारी से जुड़े सवालों का जवाब दे रहे थे।
तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) के विधायक एन. एलैयाराजा ने अपनी शिकायत में कहा था कि विधानसभा अध्यक्ष के खिलाफ प्रस्तावित अविश्वास प्रस्ताव के दौरान सरकार के खिलाफ मतदान करने के लिए उन्हें 35 करोड़ रुपये की पेशकश की गई थी।
पुलिस ने दावा किया था कि मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली टीवीके सरकार को अस्थिर करने के लिए यह सुनियोजित राजनीतिक खरीद-फरोख्त कथित तौर पर 'मेघालय प्रोजेक्ट' के तहत शुरू की गई थी।
पुलिस के अनुसार, इसका लक्ष्य टीवीके के 15 विधायकों से इस्तीफा दिलाकर सरकार गिराना था।
निर्मल कुमार ने संवाददाताओं से कहा, ''द्रमुक अपने दम पर बड़ी संख्या में सीटें जीतने में सक्षम नहीं है और अतीत में चुनावी सफलता हासिल करने के लिए कांग्रेस, वाम दलों और वीसीके पर काफी निर्भर रही है। इनके बिना द्रमुक के लिए अपने दम पर 20 सीट तक पहुंचना भी मुश्किल होगा।''
उन्होंने द्रमुक से टीवीके सरकार को अस्थिर करने के प्रयास रोकने की अपील की।
द्रमुक नेतृत्व पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी अध्यक्ष एम. के. स्टालिन द्वारा अपने नेताओं को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की आलोचना करने से रोकने का निर्देश दिया हुआ प्रतीत होता है, जिससे संकेत मिलता है कि द्रमुक भाजपा के करीब जाने की तैयारी कर रही है।
एक अन्य सवाल के जवाब में राज्य के ऊर्जा, संसाधन और कानून मंत्री ने कहा कि बिजली बोर्ड में रिक्त पदों को तमिलनाडु लोक सेवा आयोग (टीएनपीएससी) के माध्यम से भरा जाएगा।
उन्होंने कहा कि इसके लिए पहले संविदा कर्मचारियों की संख्या का आकलन पूरा किया जाएगा।
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