टीएमसी के बागी नेता यदि पार्टी में वापस लौटते हैं तो मैं एक घंटे के भीतर इस्तीफा दे दूंगा: अभिषेक
संतोष
- 18 Jul 2026, 10:29 PM
- Updated: 10:29 PM
कोलकाता, 18 जुलाई (भाषा) तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने शनिवार को पार्टी के ममता बनर्जी गुट से अलग हुए बागी नेताओं को चुनौती देते हुए कहा कि अगर वे वापस लौटते हैं, तो वह (अभिषेक) एक घंटे के भीतर इस्तीफा दे देंगे।
अभिषेक विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस की करारी हार के बाद पार्टी छोड़कर जाने वाले नेताओं की बढ़ती संख्या के बारे में पूछे गये एक सवाल का जवाब दे रहे थे।
उन्होंने कहा, ''जो लोग पार्टी छोड़कर चले गए हैं और आज मुझे गालियां दे रहे हैं या मुझ पर आरोप लगा रहे हैं, मैं उन्हें चुनौती देता हूं कि वे दीदी (ममता बनर्जी) के पास वापस लौटकर दिखाएं। अगर वे ऐसा करते हैं, तो मैं एक घंटे के भीतर पार्टी में अपने पद से इस्तीफा दे दूंगा।''
उन्होंने कहा, ''लेकिन वे ऐसा नहीं करेंगे। वे पहले ही भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ समझौता कर चुके हैं। व्यवस्था बिल्कुल स्पष्ट है: पार्टी छोड़ो, बागी गुट या भाजपा में शामिल हो जाओ, ईडी, सीबीआई और अन्य जांच एजेंसियों से संरक्षण हासिल करो और फिर अभिषेक बनर्जी पर आरोप लगाना और उन्हें बदनाम करना शुरू कर दो।''
अभिषेक ने बागी नेताओं को चुनौती दी कि वे ममता बनर्जी का साथ छोड़ने के बजाय जांच एजेंसियों का सामना करें।
उन्होंने कहा, ''मैं उन लोगों से भी कुछ कहना चाहता हूं, जो ईडी, सीबीआई या किसी अन्य जांच एजेंसी का नोटिस मिलते ही अपनी पार्टी छोड़ देते हैं। अगर आपने कुछ गलत नहीं किया है, तो जांच का सामना कीजिए।''
अभिषेक ने कहा कि उन्हें सीआईडी और अन्य एजेंसियों ने बार-बार तलब किया है और उनके खिलाफ कई प्राथमिकी दर्ज की गई हैं, लेकिन वह भागे नहीं।
उन्होंने कहा, ''हमारे लिए ईडी या सीबीआई से मिलने वाला संरक्षण महत्वपूर्ण नहीं है। हमारे लिए केवल वही संरक्षण मायने रखता है, जो जनता के विश्वास और समर्थन से मिलता है। यदि मैं कभी किसी के सामने झुकूंगा, तो लोकतंत्र में केवल जनता के सामने झुकूंगा, दिल्ली में बैठे ताकतवर व्यक्तियों के सामने कभी नहीं। मैं इसी सिद्धांत पर कायम हूं।''
अभिषेक ने कहा, ''जो कोई भी 21 जुलाई की रैली से पहले वापस आना चाहता है, वह लौट सकता है और मैं यह सुनिश्चित करूंगा कि उसे शामिल किया जाए। जिन लोगों पर गंभीर आरोप लगे हैं, उन्हें दल बदलकर राजनीतिक संरक्षण मिलने की उम्मीद नहीं करनी चाहिए, क्योंकि अंततः अंतिम फैसला जनता ही करेगी।''
अभिषेक के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए, विधानसभा में पार्टी के मुख्य सचेतक और ऋतब्रत बनर्जी गुट के नेता अखरुज्जमान ने सवाल किया कि सांसद को यह बात कहने में इतना समय क्यों लग गया।
उन्होंने कहा, ''हमने बार-बार दीदी से कहने की कोशिश की कि उन्हें अपने भतीजे और अपने समर्पित कार्यकर्ताओं में से किसी एक को चुनना चाहिए। उन्होंने पहले वाले विकल्प (भतीजे) को चुना और अब नुकसान हो चुका है।''
भाजपा नेता सुकांत मजूमदार ने कहा कि अभिषेक की टिप्पणी में ''विश्वसनीयता की कमी'' है।
भाषा
देवेंद्र संतोष
संतोष
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