कॉजपा ने नड्डा, राहुल सहित कई नेताओं से संपर्क साधा; जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के समर्थन का किया आग्रह
सुभाष
- 14 Jul 2026, 05:54 PM
- Updated: 05:54 PM
नयी दिल्ली, 14 जुलाई (भाषा) कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) ने मंगलवार को कहा कि उसने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी समेत विभिन्न दलों के नेताओं से संपर्क कर उनसे जंतर-मंतर आने और कथित नीट प्रश्नपत्र लीक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे युवाओं का समर्थन करने का आग्रह किया है।
कॉजपा प्रवक्ता सौरभ दास ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि उन्होंने और संगठन के संस्थापक अभिजीत दीपके ने 9-10 जुलाई को विभिन्न नेताओं को कथित नीट प्रश्नपत्र लीक के खिलाफ जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया था। यह विरोध-प्रदर्शन लगातार 25 दिन से जारी है।
दास ने बताया कि कॉजपा ने नड्डा और राहुल के अलावा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू, तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा) सांसद लावु श्री कृष्ण देवरायलू, जनता दल-यूनाइटेड (जदयू) के राज्यसभा सदस्य संजय कुमार झा और युवजन श्रमिक रायथु कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) सांसद पीवी मिधुन रेड्डी को भी पत्र लिखा है। इसमें उनसे जंतर-मंतर आने तथा प्रदर्शनकारियों का समर्थन करने का आग्रह किया गया है।
उन्होंने बताया कि कॉजपा ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) नेता कनिमोई और तिरुचि शिवा, समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव और पार्टी के राज्यसभा सदस्य रामगोपाल यादव, शिवसेना-उद्धव बालासाहेब ठाकरे (शिवसेना-उबाठा) सांसद संजय राउत, जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, नेशनल कॉन्फ्रेंस के सांसद आगा सैयद रूहुल्लाह मेहदी, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेता तेजस्वी यादव और पार्टी की सांसद मीसा भारती को भी इस सिलसिले में पत्र भेजा है।
दास के मुताबिक, तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) प्रमुख एवं तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय, आजाद समाज पार्टी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद और ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी को भी इसी तरह का पत्र लिखा गया है।
दास ने कहा, "इन पत्रों के भेजे जाने से पहले और उसके बाद भी सूची में शामिल कई नेताओं और उनके दलों ने युवाओं के हमारे आंदोलन का समर्थन किया है। कई नेता जंतर-मंतर आए, जबकि कुछ ने हमारे प्रतिनिधिमंडल को चर्चा के लिए आमंत्रित किया। भारत के युवाओं के साथ खड़े होने के लिए हम उन सभी का दिल से आभार जताते हैं।"
कॉजपा प्रवक्ता ने कहा, "हमें अभी भी कई अन्य नेताओं के जवाब का इंतजार है।"
उन्होंने कहा, "हम एक बार फिर सभी नेताओं से अपील करते हैं कि वे राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर युवाओं की मांग का समर्थन करें। यह आंदोलन पूरी एक पीढ़ी की उस मांग का प्रतीक है, जो प्रश्नपत्र लीक, भर्ती प्रक्रिया में विफलताओं और इस भ्रष्ट व जर्जर शिक्षा व्यवस्था के कारण जान गंवाने वाले छात्रों के परिवारों के लिए न्याय तथा मुआवजे की मांग कर रही है।"
दास ने कहा, "इतिहास याद रखेगा कि जब युवाओं ने न्याय की मांग की थी, तब कौन उनके साथ खड़ा था।"
वहीं, दीपके ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में लिखा कि उन्होंने विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं के समक्ष अपनी मांगें रखी हैं।
उन्होंने कहा, "कॉकरोच जनता पार्टी ने शिक्षा मंत्री को बर्खास्त करने और आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने की हमारी मांग को लेकर सभी राजनीतिक दलों से संपर्क किया है।"
जंतर-मंतर पर 20 जून को शुरू हुए इस विरोध-प्रदर्शन को विपक्षी दलों के कई नेताओं, शिक्षाविदों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और विभिन्न क्षेत्रों की कई हस्तियों का समर्थन मिल चुका है।
प्रदर्शन स्थल का दौरा करने वालों में दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी के नेतृत्व में आम आदमी पार्टी (आप) का एक प्रतिनिधिमंडल, सपा सांसद पुष्पेंद्र सरोज, तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा और सागरिका घोष शामिल हैं।
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) सांसद अमरा राम, पार्टी की वरिष्ठ नेता सुभाषिनी अली, केरल सरकार में मंत्री रह चुकी केके शैलजा, थॉमस आइजैक, केएन बालगोपाल और पी राजीव तथा त्रिपुरा विधानसभा में विपक्ष के नेता एवं माकपा पोलित ब्यूरो सदस्य जितेंद्र चौधरी और शिवसेना (उबाठा) सांसद अरविंद सावंत ने भी प्रदर्शन स्थल का दौरा किया है।
अभिनेता प्रकाश राज, पंजाबी गायक काका (रविंदर सिंह), संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) के प्रतिनिधिमंडल, असम जातीय परिषद के युवा प्रकोष्ठ तथा कई शिक्षाविदों और नागरिक समाज संस्थाओं के सदस्यों ने भी प्रदर्शन स्थल पर पहुंचकर आंदोलनकारियों के प्रति समर्थन जाहिर किया।
कॉजपा संस्थापक दीपके ने कहा कि 'आप' के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और शिवसेना (उबाठा) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने उन्हें फोन कर सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य की जानकारी ली।
दीपके के अनुसार, दोनों नेताओं ने वांगचुक की बिगड़ती सेहत पर चिंता जताई और 20 जुलाई को संसद की ओर प्रस्तावित मार्च को अपना समर्थन भी दिया।
भाषा पारुल सुभाष
सुभाष
1407 1754 दिल्ली