अमेरिका-इजराइल के हमलों में नतांज परमाणु केंद्र को निशाना बनाया गया: आईएईए में ईरान के राजदूत
नरेश
- 02 Mar 2026, 07:23 PM
- Updated: 07:23 PM
(परिवर्तित डेटलाइन से)
वियना, दो मार्च (एपी) अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) में ईरान के राजदूत रेजा नजफी ने सोमवार को आरोप लगाया कि अमेरिका-इजराइल के हवाई हमलों में ईरान के नतांज परमाणु संवर्धन स्थल को निशाना बनाया गया है।
उनका यह बयान संयुक्त राष्ट्र की इस परमाणु निगरानी एजेंसी के प्रमुख राफेल ग्रॉसी के आकलन के विपरीत है। ग्रॉसी ने कहा है कि 'अब तक' एजेंसी को 'कोई संकेत नहीं मिला है' कि ईरान में परमाणु केंद्रों को निशाना बनाया गया है।
नजफी ने यहां आईएईए मुख्यालय में पत्रकारों से कहा, "कल उन्होंने फिर से ईरान के शांतिपूर्ण (उद्देश्य वाले) सुरक्षित परमाणु केंद्रों पर हमला किया। उनका यह कहना कि ईरान परमाणु हथियार बनाना चाहता है, बस एक कोरा झूठ है।"
आईएईए मुख्यालय में रूस के अनुरोध पर संचालन मंडल की बैठक चल रही है।
जब नजफी से पूछा गया कि वह किस परमाणु केंद्र की बात कर रहे थे, तो उन्होंने जवाब दिया: "नतांज (परमाणु केंद्र)।"
ईरान में राजधानी तेहरान से लगभग 220 किलोमीटर दूर दक्षिण में नतांज में यह परमाणु केंद्र जमीन के ऊपर और नीचे स्थित प्रयोगशालाओं का एक स्थल है। वहां ईरान के अधिकांश यूरेनियम संवर्धन का कार्य किया गया है।
युद्ध से पहले, आईएईए ने कहा था कि ईरान ने वहां उन्नत सेंट्रीफ्यूज का उपयोग करके यूरेनियम को 60 प्रतिशत तक समृद्ध किया जो हथियार श्रेणी के 90 प्रतिशत स्तर से महज एक तकनीकी कदम पीछे है। माना जाता है कि पिछले जून में जब पूरे परिसर पर हमला हुआ था, तब कुछ सामग्री परिसर में ही मौजूद थी।
नतांज में मुख्य भूमिगत संवर्धन भवन को 'पायलट फ्यूएल इनरिचमेंट प्लांट' के नाम से जाना जाता था। इजराइल ने 13 जून को इस भवन पर हमला किया, जिससे यह 'काफी हद तक नष्ट' हो गया और भूमिगत गलियारों को गंभीर नुकसान पहुंचा। वहां कई सेंट्रीफ्यूज मशीनें लगी थीं। आईएईए के महानिदेशक राफेल ग्रॉसी ने उस समय यह जानकारी दी थी।
अमेरिका ने 22 जून को नतांज की इन भूमिगत सुविधाओं पर बंकर-भेदी बमों से हमला किया, जिससे संभवतः बचा हुआ हिस्सा भी नष्ट हो गया।
आज एजेंसी के संचालन मंडल की विशेष बैठक को संबोधित करते हुए, आईएईए प्रमुख ने कहा कि 'अब तक' अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के पास 'ऐसा कोई संकेत नहीं है कि ईरान में बुशहर परमाणु ऊर्जा संयंत्र, तेहरान अनुसंधान रिएक्टर या अन्य परमाणु ईंधन चक्र सुविधाओं समेत किसी भी परमाणु प्रतिष्ठान को नुकसान पहुंचाया गया है या उस पर हमला किया गया है।'
उन्होंने कहा कि संघर्ष के कारण संचार में बाधाएं आ रही हैं , फिर भी आईएईए अपने स्वयं के 'इंसीडेंट एंड इमरजेंसी सेंटर'के माध्यम से ईरानी परमाणु नियामक अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास जारी रखे हुए है, लेकिन 'अभी तक कोई जवाब नहीं मिला है।'
ग्रॉसी ने सैन्य संयम बरतने का आग्रह किया।
नजफी ने कहा कि यह युद्ध अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा शुरू किया गया था, "जो खुद को शांतिदूत के रूप में पेश करने की कोशिश करते हैं और नोबेल शांति पुरस्कार की मांग करते हैं।
उन्होंने कहा ,'' यहां तक कि जब वे शांति की बात करते हैं, तो वह झूठ होता है। और अगर वे कूटनीति की बात करते हैं, तो वह धोखा होता है।"
नजफी ने कहा कि उनके देश के खिलाफ हमले 'गैरकानूनी, आपराधिक और क्रूर' हैं। उन्होंने 35 सदस्यीय आईएईए संचालन मंडल के सदस्य देशों से इन हमलों की 'स्पष्ट रूप से निंदा' करने का आह्वान किया।
एपी राजकुमार नरेश
नरेश
0203 1923 वियना