देहरादून के गांव में भाजपा कार्यकर्ता की हत्या के बाद आगजनी, पत्थरबाजी को लेकर प्राथमिकी दर्ज; अब तक पांच गिरफ्तार
रंजन
- 15 Jun 2026, 08:39 PM
- Updated: 08:39 PM
देहरादून, 15 जून (भाषा) देहरादून के एक गांव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) कार्यकर्ता की हत्या के मामले में पुलिस ने सोमवार को एक और आरोपी को गिरफ़्तार किया। इसके साथ ही, हत्या के बाद बड़े पैमाने पर हुई हिंसा, आगजनी एवं पत्थरबाजी के आरोप में 100 से 150 अज्ञात दंगाइयों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
शनिवार शाम को भाजपा पदाधिकारी विनोद कुमार (44) की हत्या के मामले में लखनवाला के रहने वाले इम्तियाज (58) को गिरफ्तार किया गया, जिससे मामले में गिरफ्तार लोगों की संख्या पांच हो गई है।
अधिकारियों ने बताया कि हत्या के बाद रविवार सुबह बैरागीवाला गांव में हिंसा भड़क गई और कथित तौर पर पुलिसकर्मियों एवं आरोपियों की संपत्ति को निशाना बनाया गया।
प्राथमिकी के मुताबिक, जब निरीक्षक मनमोहन सिंह नेगी और सहसपुर के थाना प्रभारी प्रदीप सिंह रावत की टीम रविवार सुबह हत्या के मामले की जांच के लिए बैरागीवाला गांव पहुंची तो उन्होंने देखा कि भाजपा पदाधिकारी के घर पर 100 से 150 लोगों की भीड़ जमा थी और माहौल तनावपूर्ण था।
जिला प्रशासन और पुलिस ने भीड़ को शांत करने और कानूनी कार्यवाही में सहयोग करने की अपील की। हालांकि, भीड़ में मौजूद कुछ अज्ञात उपद्रवी उग्र हो गए और उन्होंने पुलिस तथा प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी तथा हत्या के आरोपी को तुरंत सरेआम सजा देने की मांग की।
प्राथमिकी में कहा गया है कि रविवार को पूर्वाह्न 11 बजे से अपराह्न दो बजे के बीच भीड़ ने हत्या के आरोपियों में से एक, मासूम के घर को घेर लिया।
जब अधिकारियों ने दखल देने की कोशिश की तो दंगाइयों ने पास के खेतों और दूसरी जगहों से पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों पर पत्थर फेंके। पत्थरबाजी में कई पुलिसकर्मी घायल हो गए जिनमें प्रेमनगर के थाना प्रभारी नरेश राठौर, हेड कॉन्स्टेबल प्रविंद्र कुमार और कॉन्स्टेबल विकास त्यागी शामिल थे।
इसके बाद दंगाई छोटे-छोटे गुटों में बंट गए और आरोपियों के घरों में घुसकर तोड़-फोड़ की तथा घर के सामान को नुकसान पहुंचाया। उन्होंने परिसर के अंदर और बाहर खड़ी गाड़ियों (जैसे मोटरसाइकिल और ट्रैक्टर) में भी तोड़-फोड़ की और उनमें आग लगा दी, जिससे भारी आर्थिक नुकसान हुआ और इलाके में दहशत फैल गई।
जब इलाके के प्रभावशाली लोगों की अपील के बावजूद भीड़ शांत नहीं हुई तो पुलिस ने हालात को काबू में करने के लिए हल्का बलप्रयोग किया और हल्के लाठीचार्ज से दंगाइयों को खदेड़ दिया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने कहा, ''पुलिस ने कैमरों और मोबाइल फोन का इस्तेमाल करके पूरी घटना की वीडियो रिकॉर्डिंग की है ताकि फ़ुटेज और दूसरे सबूतों के आधार पर दंगाईयों की पहचान की जा सके।''
उन्होंने कहा कि हम दंगों में शामिल लोगों की पहचान करने की कोशिश कर रहे हैं और उनके खिलाफ उसी के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षक नेगी की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया गया। यह मामला भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 191(2) और 191(3) के तहत हथियारों के साथ दंगा करने; धारा 121(1) के तहत सरकारी कर्मचारी को काम से रोकने के लिए जान-बूझकर चोट पहुंचाने; धारा 221 के तहत सरकारी कर्मचारी के काम में बाधा डालने और धारा 324(4), 326, और 3(5) के तहत उपद्रव, आगजनी से भारी नुकसान पहुंचाने और संयुक्त रूप से जिम्मेदार होने के आरोप में मामला दर्ज किया गया।
शनिवार शाम को विवाद के बाद कथित तौर पर भीड़ ने स्थानीय भाजपा कार्यकर्ता विनोद कुमार की हत्या कर दी।
पुलिस ने बताया कि लाठी, लकड़ी के तख्ते, हथौड़े और फावड़े लिए 40 से अधिक लोगों के एक समूह ने कथित तौर पर विनोद के घर पर धावा बोल दिया और परिवार के साथ मारपीट की। पुलिस ने बताया कि सिर पर हथौड़े से वार किए जाने के कारण विनोद की मौके पर ही मौत हो गई।
इसके बाद, 12 संदिग्धों और 30-40 अज्ञात लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं 103 (हत्या), 109 (हत्या की कोशिश), 191 (2) (दंगा) और 3(5) (साझा इरादा) के तहत मामला दर्ज किया गया।
हत्या के बाद रविवार को अधिकारियों ने आरोपियों के ''अवैध'' निर्माणों को गिरा दिया जबकि वहां जमा भीड़ ''जय श्री राम'' के नारे लगा रही थी।
भाषा
सुरभि रंजन
रंजन
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