वैष्णव ने प्रमुख रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास योजनाओं की समीक्षा की, हितधारकों की भागीदारी पर जोर दिया
रंजन
- 15 Jun 2026, 10:15 PM
- Updated: 10:15 PM
नयी दिल्ली, 15 जून (भाषा) रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोमवार को रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक में बोरीवली, अंबाला और मंगलुरु जैसे व्यस्त रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास के 'मास्टर प्लान' की समीक्षा की।
रेल मंत्रालय की एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया, ''रेल मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि पुनर्विकास का काम यात्रियों को कम से कम परेशानी और ट्रेनों के संचालन में बिना किसी रुकावट के किया जाए।''
प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है, ''वैष्णव ने स्टेशन के रोजमर्रा के कामकाज को सुचारू रूप से चलाते हुए भविष्योन्मुख रेलवे बुनियादी ढांचा बनाने की जरूरत पर ज़ोर दिया।''
अधिकारियों ने बताया कि बैठक का उद्देश्य वर्तमान समय की भीड़भाड़ की समस्या का समाधान करना, भविष्य की बढ़ती जरूरतों के अनुरूप क्षमता का विकास करना तथा यात्रियों की सुविधा बढ़ाना था।
उन्होंने बताया कि इसके लिए अतिरिक्त प्लेटफॉर्म, अधिक चौड़े फुट ओवर ब्रिज (एफओबी), प्लेटफॉर्मों के बीच बेहतर आवागमन व्यवस्था, स्टेशन पर प्रवेश और निकास के अतिरिक्त द्वार, विस्तारित आवागमन क्षेत्र, विभिन्न परिवहन साधनों के बेहतर एकीकरण तथा यात्रियों की निर्बाध आवाजाही जैसे उपायों पर जोर दिया गया।
वैष्णव ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे योजना के अगले चरणों में सांसदों, विधायकों, स्थानीय निकायों के प्रतिनिधियों, राज्य सरकारों और अन्य संबंधित लोगों से बातचीत करें।
प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया, ''उनके सुझावों और स्थानीय जरूरतों को अंतिम पुनर्विकास योजना में शामिल किया जाएगा ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि स्टेशन बुनियादी ढांचा का विकास यात्रियों और स्थानीय समुदायों की जरूरतों के अनुरूप हो।''
रेल मंत्री ने इस बात पर भी जोर दिया कि रेलवे स्टेशनों की डिजाइन एक ठोस डिजाइन दर्शन पर आधारित होनी चाहिए जिसमें गुणवत्ता, टिकाऊपन और यात्रियों की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
अधिकारियों ने बताया, ''तीव्र गति से निर्माण कार्य पूरा करने के साथ-साथ उच्च निर्माण मानकों को बनाए रखने के लिए पहले से तैयार कंक्रीट या अन्य संरचनात्मक घटकों और उन्नत निर्माण प्रणालियों सहित आधुनिक निर्माण तकनीकों के उपयोग पर भी चर्चा की गई।''
इसके अलावा, अधिकारियों को आवंटित धनराशि का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने और स्वीकृत परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से लागू करने के निर्देश भी दिए गए।
प्रेस नोट में कहा गया है, ''समीक्षा बोरीवली रेलवे स्टेशन पर केंद्रित थी, जो पश्चिम रेलवे के सबसे अहम यात्री इंटरचेंज हब में से एक है। टर्मिनल स्टेशनों के उलट, बोरीवली लोकल और लंबी दूरी के यात्रियों के लिए चढ़ने, उतरने और ट्रेन बदलने का एक मुख्य केंद्र है। यह स्टेशन अभी रोज़ाना लगभग 191 लंबी दूरी की ट्रेनों और करीब 1,200 लोकल ट्रेनों का संचालन करता है, जिससे हर दिन लगभग 3.65 लाख यात्रियों को सुविधा मिलती है।''
प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि बैठक के दौरान अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास की योजना की भी समीक्षा की गई। वर्तमान में यह स्टेशन 328 ट्रेनों की सेवा प्रदान करता है और प्रतिदिन यहां 44,000 से अधिक यात्रियों की आवाजाही होती है। आने वाले वर्षों में यात्री संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होने का अनुमान है।
समीक्षा में मंगलुरु मध्य रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास की योजनाएं भी शामिल थीं।
भाषा
सुरभि रंजन
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