निर्वाचन आयोग के अधिकारी न्यायालय के निर्देशों का उल्लंघन कर रहे: अभिषेक बनर्जी
सुरेश
- 18 Feb 2026, 07:52 PM
- Updated: 07:52 PM
कोलकाता, 18 फरवरी (भाषा) तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अभिषेक बनर्जी ने भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) पर निशाना साधते हुए बुधवार को आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान व्हॉट्सऐप के जरिये अधीनस्थों को निर्देश भेजकर चुनाव अधिकारी उच्चतम न्यायालय के निर्देशों का उल्लंघन कर रहे हैं।
बनर्जी ने 'एक्स' पर व्हॉट्सऐप समूह की चैट का कथित 'स्क्रीनशॉट' साझा करते हुए कहा कि शीर्ष अदालत ने बार-बार पारदर्शिता, विधिसम्मत प्रक्रिया और आधिकारिक संचार माध्यमों के पालन पर जोर दिया है।
उन्होंने कहा, "फिर भी हम देख रहे हैं कि निर्देश औपचारिक, अनुसरणीय और जवाबदेह तरीकों के बजाय व्हॉट्सऐप पर भेजे जा रहे हैं।''
उन्होंने विशेष सूची पर्यवेक्षक (एसआरओ) सी. मुरुगन द्वारा सूक्ष्म-पर्यवेक्षकों को सीधे भेजे गए निर्देशों पर भी सवाल उठाया।
उन्होंने कहा, "इससे भी अधिक चिंताजनक बात यह है कि विश्वसनीय सूचना है कि एसआरओ सी. मुरुगन व्हॉट्सऐप समूह में सीधे सूक्ष्म-पर्यवेक्षकों को जन्म प्रमाणपत्र की स्वीकार्यता संबंधी निर्देश दे रहे हैं, ताकि अधिक नाम हटाए जा सकें। क्या मुझे निर्वाचन आयोग को उच्चतम न्यायालय के उस निर्देश की याद दिलानी चाहिए कि सूक्ष्म-पर्यवेक्षकों की भूमिका सिर्फ सहायक की ही रहनी चाहिए?''
तृणमूल के राष्ट्रीय महासचिव एवं पार्टी में दूसरे नंबर की हैसियत रखने वाले बनर्जी ने यह भी आरोप लगाया कि चुनिंदा जिलों से जुड़े एसआरओ के लॉगिन विवरण को कोलकाता से एक ही जगह से नियंत्रित किया जा रहा है और उनका दुरुपयोग हो रहा है।
डायमंड हार्बर के सांसद बनर्जी ने कहा कि उनकी पार्टी इस मामले को उच्चतम न्यायालय के समक्ष उठाएगी, जहां एसआईआर के खिलाफ मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की एक याचिका समेत कई याचिकाओं पर सुनवाई की जा रही है।
भाजपा ने आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह राज्य में एसआईआर प्रक्रिया को पटरी से उतारने का तृणमूल का "आखिरी और निराशाजनक प्रयास" है।
केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने कहा कि अगर एसआईआर रुकता है तो इससे तृणमूल को कई विधानसभा सीट पर फायदा होगा। उन्होंने बैरकपुर सीट का उदाहरण देते हुए दावा किया कि पिछली बार लगभग 50,000 फर्जी वोट पड़े थे।
तृणमूल के "खुलासे" को "सस्ता राजनीतिक नाटक" बताते हुए भाजपा आईटी प्रकोष्ठ के प्रमुख अमित मालवीय ने मुरुगन की कार्रवाई का बचाव किया और कहा कि यह निर्देश नहीं, बल्कि निर्धारित मानकों का स्पष्टीकरण है।
भाषा खारी सुरेश
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1802 1952 कोलकाता