अगर मशहूर लोगों को बेजुबानों का इस्तेमाल करने दिया गया तो समाज में खराब संदेश जाएगा: न्यायालय
पवनेश
- 18 Feb 2026, 07:52 PM
- Updated: 07:52 PM
नयी दिल्ली, 18 फरवरी (भाषा) सांप के जहर के मामले में वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम के तहत यूट्यूबर एल्विश यादव के खिलाफ शिकायत की जांच करने का इशारा करते हुए उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को कहा कि अगर मशहूर लोगों को सांपों जैसे 'बेजुबानों' का इस्तेमाल करने दिया जाता है, तो इससे समाज में 'बहुत बुरा संदेश' जा सकता है।
इस विवादित यूट्यूबर पर नोएडा (उत्तर प्रदेश) में एक रेव पार्टी में सांप के जहर के कथित इस्तेमाल के लिए नवंबर 2023 में मामला दर्ज किया गया था और 17 मार्च, 2024 को गिरफ्तार किया गया था।
न्यायमूर्ति एम एम सुंदरेश और न्यायमूर्ति एन कोटिश्वर सिंह की पीठ यादव की उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी जिसमें मामले में उनके खिलाफ आरोप पत्र और आपराधिक कार्यवाही को चुनौती दी गई थी।
पीठ ने यादव के वकील से कहा, ''अगर मशहूर लोगों को सांपों जैसे 'बेजुबान' का इस्तेमाल करने दिया जाता है, तो इससे समाज में बहुत बुरा संदेश जा सकता है... आप सांप को लेकर खेलते हैं।''
उन्होंने कहा, ''क्या आप चिड़ियाघर जाकर वहां जानवरों के साथ खेल सकते हैं? क्या यह जुर्म नहीं होगा? आप यह नहीं कह सकते कि आप जो चाहें करेंगे। हम वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम के तहत शिकायत को लेकर चिंतित हैं।''
यादव की ओर से पेश वरिष्ठ वकील मुक्ता गुप्ता ने कहा कि यूट्यूबर यादव गायक फाजिलपुरिया के एक वीडियो में अतिथि भूमिका के लिए पार्टी में गया था और वहां किसी रेव पार्टी या किसी अधिसूचित मादक पदार्थ के सेवन का कोई सबूत नहीं मिला।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यादव कथित जगह पर मौजूद नहीं था और रिकॉर्ड में मौजूद मेडिकल रिपोर्ट से पता चला कि जिन नौ सांपों की जांच की गई, वे जहरीले नहीं थे।
राज्य की ओर से पेश वकील ने कहा कि पुलिस ने पांच कोबरा समेत नौ सांपों को बचाया और रेव पार्टियों में इस्तेमाल होने वाले संदिग्ध सांप के जहर का पता चला।
उच्चतम न्यायालय ने राज्य के वकील से यह बताने को कहा कि सांप का जहर कैसे निकाला जाता है और रेव पार्टियों में इसका इस्तेमाल कैसे किया जाता है।
न्यायालय ने मामले की सुनवाई के लिए 19 मार्च की तारीख तय की है।
उच्चतम न्यायालय ने पिछले साल 6 अगस्त को इस मामले में यादव के खिलाफ निचली अदालत में कार्रवाई पर रोक लगा दी थी।
आरोप पत्र में विदेशियों समेत लोगों द्वारा 'रेव' पार्टियों में मनोरंजन के लिए सांप के जहर का सेवन करने का आरोप है।
यादव के वकील ने उच्च न्यायालय में दलील दी थी कि उनके पास से कोई सांप, मादक पदार्थ या मन: प्रभावी तत्व बरामद नहीं हुआ और आवेदक तथा सह-आरोपी के बीच कोई कड़ी जुड़ी नहीं मिली।
भाषा वैभव पवनेश
पवनेश
1802 1952 दिल्ली