गुजरात में बेमौसमी बारिश से प्रभावित 33 लाख किसानों को 9,610 करोड़ रुपये दिए गए: राज्यपाल
अविनाश
- 16 Feb 2026, 06:53 PM
- Updated: 06:53 PM
गांधीनगर, 16 फरवरी (भाषा) गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने सोमवार को कहा कि राज्य सरकार ने पिछले साल बेमौसमी बारिश से प्रभावित 33 लाख से अधिक किसानों को विशेष कृषि राहत पैकेज के तहत 9,610 करोड़ रुपये का भुगतान किया है।
बजट सत्र के पहले दिन राज्य विधानसभा में अपने अभिभाषण में देवव्रत ने सरकार के "प्रौद्योगिकी-संचालित" प्रशासन में तब्दील होने और कृषि क्षेत्र में की गई पहल की सराहना की।
उन्होंने कहा कि केंद्र की प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत गुजरात में 69 लाख से अधिक किसान परिवारों के बैंक खातों में कुल 22,000 करोड़ रुपये से अधिक राशि अंतरित की गई है।
देवव्रत ने कहा, "राज्य सरकार ने पिछले साल बेमौसमी बारिश के कारण नुकसान झेलने वाले किसानों के लिए एक बड़ा राहत पैकेज घोषित किया था, जिसके तहत 33 लाख से अधिक प्रभावित किसानों को 9,610 करोड़ रुपये वितरित किए गए हैं।"
उन्होंने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार की ओर से उठाए गए कदमों पर भी प्रकाश डाला।
देवव्रत ने कहा, "राज्य सरकार ने रसायन-मुक्त खेती को बढ़ावा देने के लिए गुजरात प्राकृतिक कृषि विकास बोर्ड की स्थापना की है और दुनिया का पहला प्राकृतिक कृषि विश्वविद्यालय स्थापित किया है।"
उन्होंने बताया कि 19 लाख से अधिक किसानों को प्राकृतिक खेती से जुड़ी तकनीकों में प्रशिक्षित किया गया है और आठ लाख से ज्यादा किसानों ने प्राकृतिक खेती से संबंधित पद्धतियां अपनाई हैं।
राज्यपाल ने कहा, "राज्य भर में लगभग 7,100 आदर्श खेत बनाए गए हैं। डांग जिले को (खेती के मामले में) पूरी तरह से रसायन-मुक्त घोषित कर दिया गया है।"
उन्होंने कहा कि सरकार ने प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए प्रौद्योगिकी आधारित पहल लागू की हैं।
देवव्रत ने कहा, "शासन प्रदर्शन सूचकांक को लागू करने के लिए मुख्यमंत्री डैशबोर्ड शुरू किया गया है। आई-ओआरए और गरवी-2.0 जैसे पोर्टल के जरिये भूमि संबंधी सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराई गई हैं, जिससे नागरिकों के लिए सरल, त्वरित एवं पारदर्शी सेवाएं सुनिश्चित हो रही हैं।"
उन्होंने कहा कि ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में सरकारी सेवाओं को अधिक सुलभ बनाने के लिए नये जिलों और तालुकों के निर्माण के साथ प्रशासनिक विकेंद्रीकरण को प्राथमिकता दी गई है।
रोजगार सृजन का जिक्र करते हुए देवव्रत ने कहा, "राज्य सरकार युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। पिछले एक साल में 30,000 से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र बांटे गए हैं। दो लाख से अधिक पदों को चरणबद्ध तरीके से भरने के लिए 10 साल की भर्ती योजना तैयार की गई है।"
उन्होंने कहा कि 'गुजरात कर्मयोगी स्वास्थ्य सुरक्षा योजना' के तहत सरकारी कर्मचारियों को 10 लाख रुपये तक के 'कैशलेस' इलाज की सुविधा प्रदान की जा रही है।
सांस्कृतिक पहल का जिक्र करते हुए राज्यपाल ने कहा, "सोमनाथ स्वाभिमान पर्व का आयोजन सोमनाथ मंदिर पर हुए हमले के 1,000 साल पूरे होने की याद में किया गया था, जो हमारे सांस्कृतिक गौरव और राष्ट्रीय पहचान का प्रतीक है।"
उन्होंने सरदार वल्लभभाई पटेल और आदिवासी नेता बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में करमसाद से 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' तक आयोजित मार्च का भी उल्लेख किया।
देवव्रत ने कहा कि आदिवासियों के योगदान का सम्मान करने के लिए 2025 को 'जनजातीय गौरव वर्ष' के रूप में मनाया गया।
उन्होंने कहा, "'विकसित गुजरात से विकसित भारत' की परिकल्पना के अनुरूप, राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में समावेशी एवं सर्वांगीण विकास सुनिश्चित करने के दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है।"
देवव्रत ने कहा कि गुजरात खेल के क्षेत्र में भी लगातार प्रगति कर रहा है, क्योंकि राज्य को हाल ही में 2030 में राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी के अधिकार दिए गए हैं।
भाषा पारुल अविनाश
अविनाश
1602 1853 गांधीनगर