कांग्रेस नेता ने वाल्टेयर मंडल का विलय नए रेलवे जोन में करने के विरोध में प्रधानमंत्री को पत्र लिखा
शुभम संतोष
- 01 Dec 2024, 07:10 PM
- Updated: 07:10 PM
भुवनेश्वर, एक दिसंबर (भाषा) पूर्व केंद्रीय मंत्री और ओडिशा के कांग्रेस नेता श्रीकांत जेना ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर ईसीओआर के वाल्टेयर मंडल का नए दक्षिण तटीय रेलवे (एससीओआर) जोन में विलय करने के केंद्र सरकार के कदम का विरोध किया।
उन्होंने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि पूर्वी तटीय रेलवे (ईसीओआर) के ढांचे को ध्वस्त करने के बजाय इसे मजबूत करने के लिए कदम उठाए जाएं।
बीजद ने भी पूर्व तटीय रेलवे के वाल्टेयर मंडल (डिवीजन) को अलग करने और इसे नए रेलवे जोन में विलय करने के केंद्र के कदम का विरोध किया, जबकि ओडिशा में सत्तारूढ़ भाजपा ने दावा किया कि राज्य में पहले की तरह तीन रेल मंडल बने रहेंगे।
जेना ने प्रधानमंत्री को लिखा, ‘‘मैं आपसे (प्रधानमंत्री) इस निर्णय पर पुनर्विचार करने और ईसीओआर के मूल ढांचे को खत्म करने के बजाय इसे मजबूत करने के लिए कदम उठाने का आग्रह करता हूं। मैं आपसे यह भी अपील करता हूं कि ओडिशा के लोगों की मांग के अनुरूप अधिक व्यापक रेलवे जोन प्रदान करके ओडिशा के प्रति समतापूर्ण व्यवहार सुनिश्चित करें।’’
वाल्टेयर डिवीजन को अलग करने की योजना पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए जेना ने कहा कि इस कदम से "ईसीओआर की परिचालन और वित्तीय व्यवहार्यता पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा।"
ईसीओआर में (खुर्दा रोड, संबलपुर और वाल्टेयर) तीन डिविजन हैं। हालांकि अधिकारियों ने वाल्टेयर डिवीजन को दक्षिण तटीय रेलवे (एससीओआर) जोन में विलय करने की योजना बनाई है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि 1996 में अपनी स्थापना के बाद से पूर्व तटीय रेलवे लगातार भारतीय रेलवे को सर्वाधिक राजस्व देने वालों में शामिल रहा है।
कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘यह निराशाजनक है कि वर्तमान रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव (ओडिशा से राज्यसभा सांसद) ने ऐसे कदम उठाए हैं जो ना केवल पूरी तरह से ओडिशा के हितों के खिलाफ हैं, बल्कि राज्य के प्रति उनकी प्रतिबद्धता पर सवाल उठाते हैं।"
हालांकि, भाजपा ने जेना द्वारा व्यक्त की गई आशंकाओं को खारिज कर दिया।
भाजपा प्रवक्ता अनिल बिस्वाल ने एक बयान में कहा, "श्रीकांत जेना तुच्छ राजनीति कर रहे हैं। वह ध्यान आकर्षित करने की कोशिश कर रहे हैं ताकि उन्हें ओडिशा का पीसीसी (प्रदेश कांग्रेस कमेटी) अध्यक्ष नियुक्त किया जा सके।"
भाजपा ने आरोप लगाया कि जब संप्रग सरकार ने आंध्र पुनर्गठन विधेयक पारित किया था तब न तो बीजद और न ही कांग्रेस ने दक्षिण तटीय रेलवे जोन के गठन का विरोध किया था।
भाषा
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