मालीवाल पर ‘हमला’: घटना के बाद केजरीवाल बिभव कुमार के साथ मौजूद थे, आरोपपत्र में कहा गया
आशीष पवनेश
- 07 Aug 2024, 09:50 PM
- Updated: 09:50 PM
नयी दिल्ली, सात अगस्त (भाषा) दिल्ली पुलिस ने यहां एक अदालत को बताया है कि वह मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के सहयोगी बिभव कुमार द्वारा राज्यसभा सदस्य स्वाति मालीवाल पर ‘‘बर्बर हमले’’ के पीछे ‘‘बड़ी साजिश’’ की जांच कर रही है।
आरोपपत्र में पुलिस ने यह भी कहा कि कथित अपराध के बाद कुमार और केजरीवाल ‘‘काफी समय तक’’ मुख्यमंत्री के आधिकारिक आवास पर ‘‘एक साथ’’ मौजूद थे।
न्यायिक हिरासत में बंद कुमार पर 13 मई को मुख्यमंत्री आवास पर आम आदमी पार्टी (आप) की राज्यसभा सदस्य मालीवाल पर हमला करने का आरोप है।
आरोपपत्र में कहा गया है, ‘‘शिकायतकर्ता ने 10 जुलाई को दिल्ली उच्च न्यायालय के समक्ष आरोपी की जमानत पर सुनवाई के बाद दर्ज अपने बाद के पूरक बयान में कहा कि जिस तरह से आप के सभी नेता और कार्यकर्ता अपने ही एक सांसद के खिलाफ आरोपी (कुमार) के समर्थन में आए, उससे पता चलता है कि हमले के पीछे एक बड़ी साजिश है और उन्होंने पुलिस से इसकी जांच करने का आग्रह किया।’’
आरोपपत्र में कहा गया कि मालीवाल का बयान ‘‘वर्तमान जांच के लिए प्रासंगिक है, क्योंकि अपराध के बाद के दिनों में इसी घटना के संबंध में पार्टी के दो जिम्मेदार व्यक्ति सार्वजनिक रूप से पूरी तरह से पलटी मार गए थे।’’
करीब 500 पृष्ठों के आरोपपत्र में करीब 50 गवाहों के बयान हैं। इसे 16 जुलाई को एक अदालत में दाखिल किया गया और 30 जुलाई को इसका संज्ञान लिया गया।
आरोपपत्र में कहा गया, ‘‘जांच से यह तथ्य सामने आया है कि आरोपी और मुख्यमंत्री अपराध स्थल यानी मुख्यमंत्री के दिल्ली आवास पर अपराध के तुरंत बाद काफी समय तक एक साथ मौजूद थे। इस तरह, बाद के दिनों में जिम्मेदार लोक सेवकों द्वारा लिए गए विरोधाभासी सार्वजनिक रुख की भी सही परिप्रेक्ष्य में जांच की जानी चाहिए ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या आरोपी द्वारा शिकायतकर्ता पर किए गए बर्बर हमले के पीछे कोई बड़ी साजिश थी।’’
आरोपपत्र में कहा गया कि सीसीटीवी कैमरों के ‘‘चुनिंदा फुटेज’’ प्रासंगिक रिकॉर्डिंग उपकरणों को जब्त करने से पहले ही मीडिया को लीक कर दिए गए थे और इस कारण यह पता लगाने के लिए जांच आवश्यक हो गई है कि क्या अपराध के पीछे कोई साजिश थी।
सिविल लाइंस थाने में 16 मई को दर्ज प्राथमिकी के बाद कुमार को 18 मई को गिरफ्तार किया गया था। अतिरिक्त महिला पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) स्तर की अधिकारी के नेतृत्व में एक टीम मामले की जांच कर रही है।
भाषा आशीष