श्रीनगर में शनिवार को शुरू होगा नौ दिवसीय चिनार पुस्तक मेला
नरेश
- 16 Jul 2026, 04:36 PM
- Updated: 04:36 PM
श्रीनगर, 16 जुलाई (भाषा) तीसरा चिनार पुस्तक मेला 18 जुलाई से जम्मू-कश्मीर की ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर में आयोजित किया जाएगा। आयोजकों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
एक बयान के मुताबिक राष्ट्रीय पुस्तक न्यास नौ दिवसीय यह मेला कश्मीर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन केंद्र (जिसे पहले शेर-ए-कश्मीर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन केंद्र के नाम से जाना जाता था) में आयोजित करेगा।
राष्ट्रीय पुस्तक न्यास (एनबीटी)के निदेशक युवराज मलिक ने यहां आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि यह देश भर के पाठकों, लेखकों, प्रकाशकों और कलाकारों को साहित्य, संवाद और सांस्कृतिक उत्सव के लिए नौ दिनों तक एक साथ लाएगा।
मलिक ने बताया कि 18 से 26 जुलाई तक चलने वाले इस मेले में 200 से अधिक प्रकाशक और दुकानें अंग्रेज़ी, उर्दू, कश्मीरी, हिंदी और कई दूसरी भारतीय भाषाओं की किताबें पाठकों को उपलब्ध कराएंगी।
उन्होंने बताया कि इस पुस्तक मेले में साहित्यिक चर्चाएं, लेखकों के साथ बातचीत, पुस्तकों का विमोचन, कार्यशाला, किस्सा-गोई के सत्र, बच्चों के लिए रचनात्मक गतिविधियां और सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे।
एनबीटी के मुताबिक मेले का उद्घाटन जम्मू-कश्मीर के उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा करेंगे और उद्घाटन सत्र में जाने-माने विद्वान और शिक्षाविद हफीज़ुर रहमान की किताब 'एन इंडियन मुस्लिम स्पीक्स' का विमोचन किया जाएगा।
मलिक ने बताया कि इस मेले के पिछले संस्करण के दौरान आयोजित पहली गोजरी अनुवाद कार्यशाला में तैयार की गई 24 द्विभाषी किताबों का विमोचन भी एक मुख्य आकर्षण होगा।
उन्होंने बताया कि इस साहित्य महोत्सव में 'राजतरंगिणी' कार्यशाला के तहत रचित उपन्यासों की पहली श्रृंखला भी जारी की जाएगी।
मेले में 'बच्चों की दीर्घा' में रचनात्मक कार्यशाला, किस्सा-गोई के सत्र और संवाद गतिविधियां होंगी। इसके अलावा, आगंतुक 'राष्ट्रीय ई-पुस्तकालय' भी देख सकते हैं; यह एक डिजिटल पुस्तकालय है जो कई तरह की शैलियों और भाषाओं की हज़ारों किताबों के ऑनलाइन संस्करण तक मुफ़्त पहुंच देता है।
मलिक ने बताया कि इस साल एक विशेष आकर्षण '5के रीडिंग रन - टुगेदर वी रीड, टुगेदर वी लीड' (साथ मिलकर पढ़ें, साथ मिलकर आगे बढ़ें) है, जो श्रीनगर में अपनी तरह का पहला पठन आंदोलन है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य किताबों और तंदरुस्ती को एक साथ लाना है, क्योंकि इसमें हज़ारों स्कूली बच्चों के शामिल होने की उम्मीद है।
श्रीनगर के उपायुक्त अक्षय लाब्रू ने कहा कि यह उत्सव सभी के लिए खुला है और इसमें प्रवेश मुफ्त होगा।
उन्होंने कहा, ''हमने दो संस्करण सफलतापूर्वक आयोजित किए हैं और तीसरा संस्करण बड़े पैमाने पर होगा और इसमें और भी कई कार्यक्रम होंगे।''
यह मेला शिक्षा मंत्रालय के तहत एनबीटी द्वारा श्रीनगर ज़िला प्रशासन और राष्ट्रीय उर्दू भाषा विकास परिषद (एनसीपीयूएल) के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है।
भाषा धीरज नरेश
नरेश
1607 1636 श्रीनगर