तृणमूल ने पहलवान विनेश फोगाट के लिए भारत रत्न या राज्यसभा सीट की मांग की
योगेश प्रशांत
- 07 Aug 2024, 09:15 PM
- Updated: 09:15 PM
कोलकाता, सात अगस्त (भाषा) तृणमूल कांग्रेस(टीएमसी) ने बुधवार को दिग्गज पहलवान विनेश फोगट के असाधारण प्रदर्शन को देखते हुए उनके लिए भारत रत्न या राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत राज्यसभा सीट की मांग की।
फोगाट को महिलाओं की 50 किग्रा स्पर्धा के फाइनल से पहले तय मानक से 100 ग्राम अधिक वजन पाए जाने के कारण ओलंपिक स्पर्धा से अयोग्य घोषित कर दिया गया।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इस झटके को दुखद बताया और कहा कि फोगाट भारत के 1.4 अरब से अधिक लोगों और राष्ट्र के गौरव के लिए चैंपियनों में से एक हैं।
तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर लिखा, “सरकार और विपक्ष को आम सहमति बनाने का कोई रास्ता निकालना चाहिए और विनेश फोगाट को या तो भारत रत्न से सम्मानित करना चाहिए या उन्हें राष्ट्रपति द्वारा नामित राज्यसभा सीट के लिए नामित करना चाहिए, क्योंकि उन्होंने असाधारण क्षमता का परिचय दिया है। उनके संघर्ष को देखते हुए कम से कम हम उनके लिए यह तो कर सकते हैं। कोई भी पदक उनकी असली क्षमता को पूरी तरह से नहीं दर्शा सकता है।”
तृणमूल ने सोशल मीडिया पर भारतीय कुश्ती महासंघ के पूर्व प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ विरोध प्रदर्शन में फोगाट की भूमिका का एक वीडियो साझा किया, जिन पर महिला पहलवानों ने यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था।
तृणमूल ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर लिखा, “विनेश फोगाट आपने दृढ़ इच्छाशक्ति और दृढ़ता के माध्यम से जो अविश्वसनीय उपलब्धि हासिल की है, उसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। आपने 140 करोड़ भारतीयों के चेहरों पर मुस्कान ला दी है। आप एक सच्ची योद्धा हैं और हमेशा रहेंगी! हम आपके साथ खड़े हैं। हमारा पूरा देश आपके साथ खड़ा है!”
असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने बुधवार को कहा कि वजन में मामूली वृद्धि के कारण महिला पहलवान विनेश फोगाट को पेरिस ओलंपिक में अयोग्य घोषित किए जाने की खबर निराशाजनक है।
शर्मा ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर लिखा, “मुझे दृढ़ता से लगता है कि अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) को इस मुद्दे पर फिर से विचार करना चाहिए और विनेश की विशेषज्ञता और फॉर्म को देखते हुए उनकी अपील पर विचार करना चाहिए।”
उन्होंने कहा कि वह पेरिस ओलंपिक में अयोग्य घोषित किए जाने के बावजूद एक चैंपियन खिलाड़ी हैं और हमें उनकी उपलब्धियों पर गर्व है। वह भारतीय खेलों के लिए एक मिसाल हैं।
भाषा योगेश