अदाणी समूह विझिंजम बंदरगाह के बाकी चरणों में 20,000 करोड़ रुपये का निवेश करेगा
पाण्डेय रमण
- 12 Jul 2024, 08:37 PM
- Updated: 08:37 PM
तिरुवनंतपुरम, 12 जुलाई (भाषा) अदाणी समूह केरल स्थित विझिंजम अंतरराष्ट्रीय बंदरगाह के बाकी तीन चरणों को पूरा करने के लिए 20,000 करोड़ रुपये का और निवेश करने की योजना बना रहा है।
यह जानकारी अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड (एपीएसईजेड) के प्रबंध निदेशक करण अदाणी ने शुक्रवार को यहां दी।
विझिंजम में रुकने वाले पहले बड़े जहाज 'सैन फर्नांडो' के आधिकारिक स्वागत समारोह के बाद पीटीआई-भाषा से अदाणी ने कहा कि यह बंदरगाह भारतीय विनिर्माताओं के लिए एक बड़ा बदलाव लाएगा। उन्होंने कहा कि इससे उनकी लॉजिस्टिक लागत में 30 से 40 प्रतिशत तक कमी होगी।
एपीएसईजेड ने सार्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडल के तहत लगभग 8,867 करोड़ रुपये की लागत से बंदरगाह का विकास किया है।
अदाणी ने ने कहा, ''हम अपने बही-खाते से 20,000 करोड़ रुपये और निवेश करने जा रहे हैं और हम बाकी चरणों को एक बार में पूरा कर सकते हैं।''
उन्होंने कहा कि कंपनी वास्तव में बाजार हिस्सेदारी पर ध्यान नहीं दे रही है, बल्कि विनिर्माताओं के लिए मालवहन की लागत को कम करने पर जोर दे रही है।
अडाणी ने कहा कि बंदरगाह परियोजना को कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ा, लेकिन आम लोगों, सरकार और राजनीतिक दलों के समर्थन ने इसके पहले चरण को पूरा करने में मदद की।
अदाणी ने कहा, ''जब हमने अपनी बात रखी, तो स्थानीय लोगों ने हमारा समर्थन किया। अन्य सभी राजनीतिक दलों ने भी हमें अपना समर्थन दिया। कोई भी परियोजना आसान नहीं होती है, न सिर्फ केरल में बल्कि देश के किसी भी हिस्से में ऐसा होता है। लेकिन अब हर कोई इस मिशन में हमारा समर्थन कर रहा है।''
उन्होंने कहा कि शुरुआत में उन्हें ब्रेकवाटर बनाने के लिए जरूरी मात्रा में पत्थर हासिल करने में समस्या का सामना करना पड़ा।
अदाणी ने कहा, ''अब हमारे पास अपने बाकी चरणों को पूरा करने के लिए पर्याप्त पत्थर हैं, और ब्रेकवाटर लगभग पूरा हो गया है।''
उन्होंने कहा कि विझिंजम बंदरगाह अपनी विशेष स्थिति के चलते देश के पहले अंतर-नौवहन बंदरगाह के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
इससे पहले दिन में केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय सर्बानंद सोनोवाल की उपस्थिति में यहां बंदरगाह पर आयोजित एक समारोह में 300 मीटर लंबे 'सैन फर्नांडो' का औपचारिक स्वागत किया।
भाषा पाण्डेय