राहुल के नेतृत्व में 'इंडिया' गठबंधन के सांसद गांधी स्मृतित गए, प्रदर्शनकारी छात्रों के साथ एकजुटता प्रकट की
रंजन
- 24 Jul 2026, 01:11 AM
- Updated: 01:11 AM
(तस्वीरों के साथ)
नयी दिल्ली, 23 जुलाई (भाषा) लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्षी 'इंडिया'गठबंधन के सांसदों ने प्रश्नपत्र लीक और छात्रों के साथ कथित पुलिस बर्बरता के मुद्दे पर सरकार के खिलाफ अपना विरोध और तेज करते हुए बृहस्पतिवार को यहां गांधी स्मृति में श्रद्धांजलि अर्पित कर प्रदर्शन कर रहे छात्रों और उनकी मांगों के प्रति एकजुटता प्रकट की।
राहुल गांधी ने कहा कि चूंकि छात्र सड़कों पर हैं, इसलिए विपक्षी सांसदों को लगा कि उन्हें भी सड़कों पर उतरना चाहिए ताकि उन्हें यह संदेश दिया जा सके कि ''हम आपके साथ हैं और आप पर हो रही हिंसा के खिलाफ हैं''।
कांग्रेस सहित 'इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस' (इंडिया गठबंधन) के सांसद और नेता बृहस्पतिवार शाम करीब 6 बजे नेता प्रतिपक्ष के 5, सुनहरी बाग रोड स्थित आवास पर पहुंचने लगे। विपक्ष के नेता के आवास पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी भी मौजूद थीं।
एक घंटे बाद, सांसद और कई वरिष्ठ नेता बसों और कारों में सवार होकर गांधी स्मृति के लिए रवाना हुए। एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि लगभग 130 सांसद ने गांधी स्मृति गए और इसमें 'इंडिया' गठबंधन के सभी घटक दलों का प्रतिनिधित्व था।
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की हत्या वाली जगह 'गांधी स्मृति' जाते समय सांसदों को पुलिस ने दो बार अवरोधक लगाकर रोका, लेकिन बाद में जब उनका काफिला धीरे-धीरे तीस जनवरी रोड की ओर बढ़ा, तो अवरोधक हटा दिए गए।
राहुल गांधी ने कहा, ''हमारे छात्र सड़कों पर हैं, इसलिए विपक्ष के सभी सांसदों को लगा कि हमें भी उनके साथ सड़कों पर उतरना चाहिए। हम चाहते थे कि विपक्ष के सभी सांसद इंडिया गेट जाएं, लेकिन उन्होंने (सरकार ने) मना कर दिया... फिर हमने कहा कि हम तीस जनवरी मार्ग जाना चाहते हैं, लेकिन उन्होंने यहां बस खड़ी कर दी और चालक बस छोड़कर चला गया, जिससे हम आगे नहीं बढ़ पाए।''
थोड़े समय के बाद रास्ते में लगाए गए अवरोधक हटा लिये गए।
राहुल गांधी ने प्रियंका गांधी वाद्रा समेत कई सांसदों से भरी बस से संवाददाताओं से कहा,''छात्रों के लिए मुख्य संदेश यह है कि हम आपके साथ खड़े हैं। पूरा विपक्ष आपके साथ है। हम आप पर हो रही हिंसा के खिलाफ हैं।''
उन्होंने दावा किया कि सरकार 'डरी हुई' है और इसलिए उनके रास्ते में रुकावटें डाल रही है।
पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष ने बाद में सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, '' भारत के छात्रों के साथ खड़े होने से हमें कोई नहीं रोक सकता।''
गांधी स्मृति पहुँचने पर, नेता प्रतिपक्ष और अन्य सांसदों ने राष्ट्रपिता को श्रद्धांजलि अर्पित की और बाद में राष्ट्रगान गाया।
राहुल गांधी अपने साथ संविधान की एक छोटी प्रति लिये हुए थे, जबकि विपक्षी सांसद महुआ माझी और महुआ मोइत्रा राष्ट्रीय ध्वज पकड़े हुए दिखीं।
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करने वाले पोस्टर और पिछले 10 सालों में '152 प्रश्नपत्र लीक' के लिए मोदी सरकार की आलोचना करने वाले पोस्टर लेकर, कई सांसदों ने गांधी स्मृति में अपने मोबाइल फोन की फ्लैशलाइट भी जलाई।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता और गांधी स्मृति के उपाध्यक्ष विजय गोयल ने कहा कि गांधी स्मृति वह जगह है जहां राष्ट्रपिता की हत्या हुई थी, और जो कोई भी महात्मा के सिद्धांतों का पालन करता है या जो लोग यहां पहली बार आ रहे हैं, उनका स्वागत है।
प्रियंका गांधी वाद्रा ने गांधी स्मृति में श्रद्धांजलि देने के बाद संवाददाताओं से कहा, '' ये हमारे देश के युवा हैं और जिस तरह से उन्हें पीटा जा रहा है, उन पर लाठीचार्ज किया जा रहा है, आंसू गैस के गोले दागे जा रहे हैं और पानी की बौछारें छोड़ी जा रही हैं , वह सभी के सामने है। हम यहां सरकार और देश को यह संदेश देने आए हैं कि हमारा देश असल में किन मूल्यों के लिए खड़ा है। महात्मा गांधी ने किसके लिए और कैसे लड़ाई लड़ी? महात्मा गांधी, हमारे किसानों और गरीबों नेजो किया, वह एक अनोखी क्रांति और एक अनोखा आंदोलन था, क्योंकि उसमें किसी पर भी हाथ नहीं उठाया गया था।''
उन्होंने कहा कि आज उसी देश में बच्चों को केवल इसलिए पीटा जा रहा है क्योंकि वे अपने अधिकारों की मांग कर रहे हैं।
कांग्रेस महासचिव ने कहा कि जिस लोकतंत्र के लिए महात्मा गांधी और अनगिनत लोगों ने अपनी जान दी और जिसके लिए इतने सारे स्वतंत्रता सेनानियों ने संघर्ष किया, वह अब खतरे में है।
प्रियंका ने सवाल किया, ''आज, इसी देश में हम अपने ही बच्चों को पीट रहे हैं। हम उस लोकतंत्र को खत्म करने की ओर बढ़ रहे हैं जिसके लिए उन्होंने लड़ाई लड़ी और कुर्बानी दी। जो सैनिक वर्दी पहनकर हमारी सीमाओं पर तैनात रहते हैं, वे देश की रक्षा के लिए ऐसा करते हैं। क्या इसलिए, ताकि परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक होने पर न्याय और अपने अधिकारों की मांग करने पर उनके बच्चों को पीटा जाए?''
राहुल गांधी और विपक्षर नेताओं ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आवास के बाहर विरोध प्रदर्शन के बाद से भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के खिलाफ अपना विरोध तेज कर दिया है। बुधवार को राहुल गांधी ने संवाददाता सम्मेलन कर प्रदर्शन कर रहे छात्रों को पूरा समर्थन देने की घोषणा की।
उन्होंने कहा कि छात्रों की मांगें - जिनमें प्रधान का इस्तीफ़ा भी शामिल है - पूरी तरह से जायज़ हैं और उन पर कोई समझौता नहीं किया जा सकता।
नेता प्रतिवक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार और उसका नेतृत्व घबराया हुआ है और इसीलिए छात्रों और विपक्षी नेताओं को निशाना बना रहा है।
इससे पहले, राहुल गांधी ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''अभी, इंडिया गठबंधन के सांसद और नेता शांति से तीस जनवरी मार्ग पर स्थित गांधी स्मृति जा रहे हैं। हम उन छात्रों को याद करने जा रहे हैं जिन्हें हमने खो दिया - वे बच्चे जिन्हें नीट पेपर लीक के बाद अपनी जान देने के लिए मजबूर होना पड़ा।''
उन्होंने कहा, ''... और हम उन छात्रों के साथ एकजुटता प्रदर्शित करने जा रहे हैं जो आज घायल हैं - जिन्हें न्याय और जवाबदेही की शांतिपूर्ण मांग करने पर पीटा गया। भारत के छात्र अकेले नहीं हैं। पूरा विपक्ष उनके और उनकी मांगों के साथ खड़ा है।''
इससे पहले, विपक्षी सांसदों ने कथित पुलिस बर्बरता के मुद्दे को सड़कों से लेकर संसद तक जोर-शोर से उठाने की रणनीति पर चर्चा की।
एक सूत्र ने बताया कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने विपक्षी सांसदों को संबोधित किया कि छात्रों के मुद्दों पर सरकार पर दबाव कैसे बढ़ाया जाए।
राहुल गांधी के आवास पर मौजूद नेताओं में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, महासचिव जयराम रमेश और के.सी. वेणुगोपाल, वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम, प्रमोद तिवारी, के. सुरेश, कुमारी सैलजा और प्रणीति शिंदे शामिल थे।
इस बैठक में राजद के संजय यादव, सुधाकर सिंह और मीसा भारती, माकपा के जॉन ब्रिटास, आरएसपी के एन.के. प्रेमचंद्रन, तृणमूल कांग्रेस की महुआ मोइत्रा और सुगत रॉय समेत कई अन्य नेता मौजूद रहे।
भाषा धीरज रंजन
रंजन
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