जम्मू कश्मीर के विशेष दर्जे की बहाली के लिए राज्य का दर्जा बहाल होना जरूरी: उमर अब्दुल्ला
पवनेश
- 21 Jul 2026, 06:31 PM
- Updated: 06:31 PM
श्रीनगर, 21 जुलाई (भाषा) जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने मंगलवार को कहा कि केंद्र शासित प्रदेश का राज्य का दर्जा बहाल किया जाना उसके विशेष दर्जे की अंतत: बहाली के लिए जरूरी है।
अब्दुल्ला ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि नेशनल कॉन्फ्रेंस जम्मू कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल करने के केंद्र के वादे की उसे लगातार याद दिलाता रहेगा और उम्मीद जतायी कि वह प्रतिबद्धता पूरी होगी।
उन्होंने यह भी दावा किया कि दिल्ली में उनका विरोध-प्रदर्शन पार्टी के अभियान की "सिर्फ शुरुआत" है, अंत नहीं।
मुख्यमंत्री अब्दुल्ला जम्मू कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग को लेकर सोमवार को दिल्ली में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने पहुंचे थे। हालांकि कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के प्रदर्शन के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती के कारण पुलिस ने उन्हें प्रदर्शन स्थल की ओर जाने से रोक दिया था।
अब्दुल्ला ने कहा, ''कुछ लोग हमसे कहते हैं कि पहले अनुच्छेद 370 की बहाली और जम्मू कश्मीर के विशेष दर्जे की बात करें...मैं उनसे पूछना चाहता हूं कि राज्य का दर्जा नहीं होगा तो अनुच्छेद 370 या 371 का क्या मतलब रह जाएगा?''
उन्होंने कहा कि विशेष दर्जे की बहाली के लिए राज्य का दर्जा बहाल होना अनिवार्य है।
उन्होंने कहा, ''जम्मू कश्मीर को जो भी विशेष दर्जा मिले, चाहे वह अनुच्छेद 370 के तहत हो या किसी अन्य व्यवस्था के तहत, मूल सवाल केंद्र और जम्मू कश्मीर के बीच शक्तियों के बंटवारे का है। केंद्र और किसी केंद्र शासित प्रदेश के बीच शक्तियों का बंटवारा नहीं हो सकता, क्योंकि किसी केंद्र शासित प्रदेश के पास अपने अधिकार नहीं होते। केंद्र शासित प्रदेश की सभी शक्तियां या तो केंद्र सरकार के पास होती हैं या फिर लोक भवन के पास। मंत्रिमंडल के सभी फैसले पहले उपराज्यपाल भवन भेजे जाते हैं।''
उन्होंने कहा, ''अगर राज्य सूची ही नहीं होगी तो विशेष दर्जे के तहत शक्तियों के बंटवारे की बात कैसी? असल मुद्दा यही है। किसी भी विशेष दर्जे के तहत राज्य सूची, केंद्रीय सूची और समवर्ती सूची की कितनी-कितनी शक्तियां होंगी, बहस का विषय यही है।''
अब्दुल्ला ने कहा कि विशेष दर्जे की बहाली के लिए राज्य का दर्जा आधार है।
उन्होंने कहा, ''राज्य का दर्जा नहीं होगा तो राज्य सूची कहां से आएगी? सब कुछ केंद्रीय सूची के दायरे में होगा। इसलिए हम कहते हैं कि वहां तक पहुंचने के लिए पहले बुनियाद रखनी होगी, उसके बाद ही उस पर इमारत खड़ी की जा सकती है।''
अब्दुल्ला ने कहा कि उनकी पार्टी विशेष दर्जे के मुद्दे को भूली नहीं है।
उन्होंने कहा, ''सरकार के गठन के बाद विधानसभा के पहले ही सत्र के पहले दिन हमने (विशेष दर्जे से संबंधित) प्रस्ताव पारित किया था। वह प्रस्ताव अब भी कायम है। उस प्रस्ताव पर चर्चा तभी हो सकती है, जब हमें राज्य का दर्जा वापस मिल जाएगा।''
उन्होंने जम्मू कश्मीर के लोगों को यह भरोसा भी दिलाया कि उनकी पार्टी अपने किए गए वादों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा, ''मैं अपने लोगों को भरोसा दिलाता हूं कि हम अपने वादों पर कायम हैं और आगे भी अडिग रहेंगे। पार्टी नेतृत्व जल्द ही नयी रणनीति और कार्यक्रम तय करेगा।''
भाषा अमित पवनेश
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