एनसीपीआई की मान्यता पर विचार के बीच रीजीजू ने सर्वदलीय बैठक के लिए बंद्योपाध्याय को आमंत्रित किया
माधव
- 18 Jul 2026, 10:20 PM
- Updated: 10:20 PM
नयी दिल्ली, 18 जुलाई (भाषा) संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) से अलग हुए समूह के नेता सुदीप बंद्योपाध्याय को संसद के मॉनसून सत्र से पहले होने वाली सर्वदलीय बैठक के लिए शनिवार को आमंत्रित किया। सूत्रों ने यह जानकारी दी।
बंद्योपाध्याय और टीएमसी के 19 अन्य सांसद नेशनल सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (एनसीपीआई) में शामिल हो चुके हैं।
लोकसभा अध्यक्ष के पास इस समूह की मान्यता से जुड़ा मामला लंबित होने के बीच बंद्योपाध्याय को निमंत्रण भेजने के सरकार के फैसले की टीएमसी ने आलोचना की। टीएमसी के राज्यसभा नेता डेरेक ओब्रायन ने केंद्र पर "लोकतंत्र का मजाक उड़ाने" का आरोप लगाया।
रीजीजू ने आज ही की तारीख वाले पत्र में कहा कि बंद्योपाध्याय और 19 अन्य सांसद एनसीपीआई में शामिल हो चुके हैं और उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से पार्टी को मान्यता देने का अनुरोध किया है, जिस पर अभी विचार किया जा रहा है।
उन्होंने बंद्योपाध्याय को रविवार पूर्वाह्न 11 बजे संसद सौध के मुख्य समिति कक्ष में होने वाली लोकसभा और राज्यसभा के विभिन्न दलों के नेताओं की बैठक में शामिल होने का निमंत्रण दिया। इस बैठक में मानसून सत्र के दौरान उठाए जाने वाले महत्वपूर्ण मुद्दों और विधायी कार्यों पर चर्चा होगी।
रीजीजू ने पत्र में कहा, "मैं दोनों सदनों का कामकाज सुचारू रूप से चलाने में आपके सहयोग की अपेक्षा करता हूं।"
उन्होंने बंद्योपाध्याय से यह अनुरोध भी किया कि वह एनसीपीआई की नामित मुख्य सचेतक डॉ. काकोली घोष दस्तीदार के साथ बैठक में शामिल हों।
ओब्रायन ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में सरकार के इस फैसले की आलोचना की।
उन्होंने लिखा, "धोखा। हमारे लोकतंत्र का मजाक। लोकसभा अध्यक्ष ने 20 गद्दारों को अब भी टीएमसी सांसद बताया है। कुछ ही मिनट बाद मोदी-शाह सरकार के मंत्री ने उन्हें सर्वदलीय बैठक में बुलाया और उन्हें एनसीपीआई बताया..."
मानसून सत्र से पहले लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने शनिवार को टीएमसी से अलग हुए 20 सांसदों के लिए सदन में अलग बैठने की व्यवस्था को मंजूरी दे दी। इन सांसदों ने दावा किया है कि वे कम चर्चित पार्टी एनसीपीआई में शामिल हो गए हैं।
सूत्रों ने बताया कि टीएमसी से अलग हुए 20 सांसदों को मूल पार्टी के सदस्यों से अलग बिठाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि बागी सांसदों के समूह को एनसीपीआई के रूप में मान्यता देने की मांग पर फिलहाल कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है और मामला अभी विचाराधीन है।
टीएमसी ने इन बागी सांसदों को अयोग्य घोषित करने की मांग की है।
संसद के हर सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक होती है। इसमें सरकार अपने विधायी एजेंडे पर चर्चा करती है और संसद का कामकाज सुचारू रूप से चलाने के लिए सभी राजनीतिक दलों से सहयोग मांगती है। संसद का मानसून सत्र सोमवार से शुरू होगा। भाषा जोहेब माधव
माधव
1807 2220 दिल्ली