विजय की बहुप्रतीक्षित फिल्म 'जन नायकन' 23 जुलाई को रिलीज होगी
सुरेश
- 15 Jul 2026, 06:27 PM
- Updated: 06:27 PM
चेन्नई, 15 जुलाई (भाषा) तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की बहुप्रतीक्षित फिल्म 'जन नायकन' महीनों तक चली कानूनी लड़ाई, ऑनलाइन लीक और सेंसर बोर्ड के साथ गतिरोध के बाद अब आखिरकार 23 जुलाई को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है। फिल्म निर्माता ने बुधवार को इसकी पुष्टि की।
फिल्म निर्माता 'केवीएन प्रोडक्शंस' ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर आधिकारिक तौर पर रिलीज की तारीख की घोषणा की।
कंपनी ने पोस्ट में कहा, ''आग में परखा गया। वक्त की भट्टी में गढ़ा गया। इतिहास रचने के लिए बना। जंग जितनी कठिन होगी, जीत का शोर उतना ही गूंजेगा।''
पोस्ट के साथ ही फिल्म के 23 जुलाई को रिलीज किये जाने संबंधी 'हैशटैग' साझा किए गए।
बेंगलुरु स्थित केवीएन प्रोडक्शंस के बैनर तले बनी 'जन नायकन' को हाल ही सेंसर बोर्ड ने 'ए' प्रमाणपत्र दिया है।
फिल्म का निर्देशन एच. विनोद ने किया है और करीब सात महीने तक चली प्रक्रिया के बाद पिछले सप्ताह इसे प्रमाण-पत्र मिला।
तमिलनाडु फिल्म वितरक संघ के सूत्रों के अनुसार, फिल्म के इस राज्य में करीब 1,000 सिनेमाघरों में प्रदर्शित होने की संभावना है।
फिल्म को प्रमाण-पत्र मिलने में काफी देरी, कानूनी हस्तक्षेप और 'पायरेसी' जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा।
फिल्म को पहले नौ जनवरी, 2026 को पोंगल के अवसर पर रिलीज किया जाना था और निर्माताओं ने इसे 19 दिसंबर, 2025 को केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) को सौंपा था।
रिपोर्ट के अनुसार, जांच समिति की ओर से सुझाए गए बदलावों को लागू करने के बाद फिल्म को शुरू में 'यू/ए' प्रमाणपत्र के लिए उपयुक्त माना गया था। हालांकि, बाद में समिति के एक सदस्य की आपत्ति के बाद प्रक्रिया रुक गई।
सदस्य ने दावा किया था कि फिल्म के कुछ हिस्से जनभावनाओं को ठेस पहुंचा सकते हैं।
छह जनवरी को केवीएन प्रोडक्शंस ने प्रमाणन प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश देने की मांग को लेकर मद्रास उच्च न्यायालय का रुख किया।
करीब एक महीने तक चली कानूनी कार्यवाही के बाद निर्माताओं ने अपनी याचिका वापस ले ली और फिल्म को पुनरीक्षण समिति के समक्ष पेश करने का फैसला किया।
अप्रैल में बिना प्रमाणित फिल्म का हाई डेफिनिशन (एचडी) संस्करण ऑनलाइन लीक होने के बाद विवाद और गहरा गया।
मद्रास उच्च न्यायालय में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने बताया कि पायरेटेड प्रति को ब्लॉक किए जाने से पहले करीब 1.2 करोड़ लोगों ने इसे देखा था।
इसके बाद तमिलनाडु पुलिस ने लीक मामले में कई लोगों को गिरफ्तार किया, जिनमें एक स्वतंत्र फिल्म संपादक भी शामिल है, जिसपर आरोप है कि उसने संपादन सुविधा केंद्र से फिल्म की फुटेज हासिल की थी।
भाषा राखी सुरेश
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