केंद्र क्षेत्रीय रिंग रोड परियोजना को मंजूरी दे, हवाई अड्डा संबंधी योजनाओं को गति दे : रेवंत रेड्डी
मनीषा
- 14 Jul 2026, 05:33 PM
- Updated: 05:33 PM
नयी दिल्ली, 14 जुलाई (भाषा) तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने मंगलवार को राष्ट्रीय राजधानी में दो केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात कर वारंगल (ममनूर) और आदिलाबाद में अंतरराष्ट्रीय मानक के हवाई अड्डों के निर्माण और क्षेत्रीय रिंग रोड (आरआरआर) के उत्तरी और दक्षिणी हिस्से की परियोजना सहित विभिन्न आधारभूत अवसंरचनाओं की मंजूरी व कार्य की गति में तेजी लाने का अनुरोध किया।
मुख्यमंत्री ने यहां राजीव गांधी भवन में केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू से मुलाकात की और वारंगल तथा आदिलाबाद हवाई अड्डों पर एमआरओ (रखरखाव, मरम्मत और ओवरहॉल), एयर कार्गो और हैंगर सुविधाएं शामिल करने तथा इनके लिए तुरंत निविदा जारी करने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि वारंगल हवाई अड्डे के लिए भूमि अधिग्रहण कर लिया गया है और अनुरोध किया कि इस परियोजना को दो जून, 2028 तक उद्घाटन के लिए तैयार किया जाए।
एक आधिकारिक बयान के मुताबिक मुख्यमंत्री ने अनुरोध किया कि वारंगल हवाई अड्डे की टर्मिनल इमारत का डिजाइन इस क्षेत्र की काकतीय विरासत के अनुरूप तैयार की जाए, जिसपर केंद्रीय मंत्री ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी।
रेड्डी ने रक्षा मंत्रालय द्वारा संचालित आदिलाबाद हवाई पट्टी पर असैन्य एन्क्लेव बनाने और दोनों (वारंगल और आदिलाबाद) हवाई अड्डों पर एमआरओ, कार्गो, हैंगर सुविधाएं और विमान प्रशिक्षण संगठन (एफटीओ) जैसी सुविधाएं स्थापित करने का अनुरोध किया।
बयान के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने हुसैन सागर झील और प्रकाशम बैराज से सीप्लेन संचालित करने की व्यवहार्यता का अध्ययन करने का सुझाव दिया जिसपर केंद्रीय मंत्री ने तेलंगाना से औपचारिक प्रस्ताव जमा करने को कहा।
रेड्डी ने बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में कहा कि विकास को राजनीति से ऊपर रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि नौकरियां सृजित करने तथा क्षेत्रीय विकास को गति देने में हवाई अड्डों की भूमिका अहम है।
बयान के मुताबिक नागरिक उड्डयन मंत्री ने तेजी से ज़मीन अधिग्रहण के लिए तेलंगाना की प्रशंसा की और दूसरे राज्यों को भी यही तरीका अपनाने का सुझाव दिया।
रेड्डी ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के साथ अलग से की गई बैठक में आरआरआर के उत्तरी (खबरों के अनुसार 95 प्रतिशत ज़मीन अधिग्रहण पूरा हो चुका है) और दक्षिणी हिस्सों पर काम शुरू करने के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल से मंजूरी दिलाने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि दोनों हिस्सों पर एक साथ काम शुरू करने से समय कम लगेगा और लागत भी घटेगी।
उन्होंने ग्रीनफील्ड भारत फ्यूचर सिटी-बंदर पोर्ट हाईवे (12-लेन का गलियारा जो हैदराबाद-विजयवाड़ा की दूरी को लगभग 100 किलोमीटर कम कर देगा) सड़क को मंजूरी देने और नल्लामाला अभयारण्य और श्रीशैलम इलाकों से गुजरने वाले मन्नानूर-श्रीशैलम एलिवेटेड गलियारे के लिए वन मंत्रालय की सहमति दिलाने का भी अनुरोध किया।
रेड्डी ने मंचिरियल से हैदराबाद तक छह-लेन वाले वैकल्पिक राजमार्ग की भी मंजूरी दिलाने का अनुरोध किया और कहा कि राज्य सरकार इस परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण का कार्य करेगी।
भाषा धीरज मनीषा
मनीषा
1407 1733 दिल्ली