राजस्थान विधानसभा के 75 वर्ष पूरे होने पर 15 जुलाई से शुरू होगा 'अमृत महोत्सव'
पृथ्वी रवि कांत
- 10 Jul 2026, 06:59 PM
- Updated: 06:59 PM
जयपुर, 10 जुलाई (भाषा) राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने शुक्रवार को घोषणा की कि विधानसभा के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में 15 जुलाई से सालभर चलने वाला 'अमृत महोत्सव' कार्यक्रम शुरू होगा। इसमें राज्य की लोकतांत्रिक और विधायी यात्रा को रेखांकित किया जाएगा।
विधानसभा में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में देवनानी ने कहा कि यह समारोह लोकतंत्र, शासन और जनसेवा में विधानसभा के 75 वर्षों के योगदान को समर्पित होगा।
उन्होंने कहा कि 15 जुलाई को होने वाले उद्घाटन समारोह में विधानसभा के पूर्व और वर्तमान सदस्य शामिल होंगे।
देवनानी ने कहा, ''इस दौरान संसदीय परंपराओं के विकास, विधायी प्रक्रियाओं, सदन की गरिमा, विधानसभाओं के समक्ष चुनौतियों और विधानसभा के डिजिटल परिवर्तन जैसे विषयों पर चर्चा की जाएगी।''
उन्होंने बताया कि समारोह के दौरान पूर्व विधानसभा अध्यक्षों, उपाध्यक्षों और वरिष्ठ विधायकों को भी सम्मानित किया जाएगा।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला उद्घाटन सत्र के मुख्य अतिथि होंगे, जबकि उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन समापन समारोह में शामिल होंगे। राज्यपाल हरिभाऊ किसनराव बागड़े और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को भी समारोह के लिए आमंत्रित किया गया है।
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि 'अमृत महोत्सव' एक वर्ष तक चलेगा। इस दौरान लोकतंत्र को मजबूत करने, विधायी प्रक्रियाओं और संवैधानिक मूल्यों पर संसदीय एवं संवैधानिक विशेषज्ञों के विशेष सत्र समेत चार बड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
उन्होंने कहा, ''इन कार्यक्रमों के माध्यम से राजस्थान विधानसभा की गौरवशाली परंपराओं को नयी पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।''
उद्घाटन कार्यक्रम के तहत राजस्थान की विभिन्न विधानसभा द्वारा बनाए गए 23 महत्वपूर्ण कानूनों पर चर्चा की जाएगी। पूर्व विधानसभा अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और पूर्व मंत्री इन कानूनों के सामाजिक एवं प्रशासनिक प्रभावों से जुड़े अपने अनुभव साझा करेंगे।
इन कानूनों में राजस्थान जागीर पुनर्ग्रहण एवं भूमि सुधार अधिनियम, 1952; राजस्थान जमींदारी एवं बिस्वेदारी उन्मूलन अधिनियम, 1959; राजस्थान पंचायत समिति एवं जिला परिषद अधिनियम, 1959; राजस्थान प्राथमिक शिक्षा अधिनियम, 1964; राजस्थान लोकायुक्त एवं उप-लोकायुक्त अधिनियम, 1973; राजस्थान सूचना का अधिकार अधिनियम, 2001 और राजस्थान लोक सेवाओं की गारंटी अधिनियम, 2011 समेत अन्य कानून शामिल हैं।
देवनानी ने कहा कि इन कानूनों ने राजस्थान के सामाजिक बदलाव, प्रशासनिक सुधार, शिक्षा के विस्तार, पारदर्शिता और जनकल्याण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
उन्होंने बताया कि पूर्व विधानसभा अध्यक्ष शांतिलाल चपलोत, सुमित्रा सिंह, दीपेंद्र सिंह शेखावत, कैलाश चंद्र मेघवाल और सी. पी. जोशी तथा पूर्व उपाध्यक्ष तारा भंडारी, रामनारायण मीणा और राव राजेंद्र सिंह को समारोह के दौरान सम्मानित किया जाएगा।
भाषा
पृथ्वी रवि कांत
1007 1859 जयपुर