डीटीयू ने नए शैक्षणिक कार्यक्रमों, वैश्विक साझेदारियों की घोषणा की
अविनाश
- 10 Jul 2026, 07:56 PM
- Updated: 07:56 PM
नयी दिल्ली, 10 जुलाई (भाषा) दिल्ली प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (डीटीयू) ने शुक्रवार को अपनी स्थापना के 85 वर्ष पूरे होने के अवसर पर कई नए शैक्षणिक कार्यक्रमों, अंतरराष्ट्रीय सहयोगों, अनुसंधान पहल और ढांचागत परियोजनाओं की घोषणा की।
कुलपति प्रतीक शर्मा ने प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि ये पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के अनुरूप हैं और इनका उद्देश्य बहुविषयक शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार तथा उद्योगों के साथ साझेदारी को मजबूत करना है।
प्रमुख घोषणाओं में शैक्षणिक सत्र 2026-27 से डेटा साइंस और एप्लाइड स्टैटिस्टिक्स में एकीकृत बीएससी-एमएससी कार्यक्रम शुरू करना शामिल है। विश्वविद्यालय ने यूनिवर्सिटी ऑफ ह्यूस्टन के सहयोग से एकीकृत बीटेक-एमएस कार्यक्रम भी शुरू किया है।
डीटीयू ने यह भी घोषणा की कि 2026-27 सत्र से बीटेक छात्रों के लिए अर्थशास्त्र में डबल मेजर (एक ही डिग्री में दो अलग-अलग स्पेशलाइजेशन) का विकल्प उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही, उद्योग साझेदारों के सहयोग से ''माइक्रो-क्रेडेंशियल'' पाठ्यक्रम भी शुरू किए जाएंगे। इसके अलावा, विश्वविद्यालय के 'सेंटर फॉर टेक्नोलॉजी एन्हांस्ड लर्निंग' के माध्यम से कार्यरत पेशेवरों के लिए कृत्रिम मेधा(एआई), नवीकरणीय ऊर्जा प्रबंधन आदि विषयों में ऑनलाइन प्रमाणपत्र कार्यक्रम भी शुरू किए गए हैं।
विश्वविद्यालय ने बताया कि आवश्यक मंजूरी मिलने के बाद 2026-27 सत्र से मैकेनिकल एंड ऑटोमेशन इंजीनियरिंग में बीटेक कार्यक्रम शुरू करने की योजना है। इसके अलावा 2027-28 सत्र से कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) तथा क्वांटम टेक्नोलॉजी में भी बीटेक कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे।
अनुसंधान के क्षेत्र में डीटीयू ने बताया कि उसके यहां पीएचडी की उपाधि प्राप्त करने वालों की संख्या 1,000 से अधिक हो चुकी है। साथ ही, क्वांटम टेक्नोलॉजी में स्नातक स्तर की प्रयोगशाला स्थापित करने के लिए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग से एक करोड़ रुपये का अनुदान प्राप्त हुआ है।
विश्वविद्यालय ने बजाज इंजीनियरिंग स्किल्स ट्रेनिंग सेंटर, सिद्धार्थ रिसर्च एंड ट्राइबोलॉजी सेंटर तथा कई नए अनुसंधान केन्द्रों की स्थापना की भी घोषणा की। इसके अलावा भारतीय सेना, सीएसआईआर-राष्ट्रीय भौतिक प्रयोगशाला, बजाज ऑटो लिमिटेड और सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय सहित कई संस्थाओं के साथ समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।
भाषा शोभना अविनाश
अविनाश
1007 1956 दिल्ली