पंजाब कांग्रेस में कोई बगावत नहीं, चन्नी सम्मानित नेता: वडिंग
माधव
- 04 Jul 2026, 07:06 PM
- Updated: 07:06 PM
चंडीगढ़, चार जुलाई (भाषा) पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने पार्टी की राज्य इकाई में बगावत की खबरों को शनिवार को खारिज कर दिया और इस बात से भी इनकार किया कि वह मुख्यमंत्री पद की दौड़ में शामिल हैं।
वडिंग ने पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को एक सम्मानित नेता बताया।
उन्होंने कहा कि उनका एकमात्र उद्देश्य अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव जीतकर पंजाब में कांग्रेस की सत्ता में वापसी सुनिश्चित करना है और यदि पार्टी चन्नी या किसी दूसरे व्यक्ति को मुख्यमंत्री पद का चेहरा बनाना चाहती है, तो उन्हें इस पर कोई आपत्ति नहीं है।
वडिंग ने यह भी कहा कि अगले कुछ दिन में प्रदेश कांग्रेस के सभी नेता एक ही मंच पर दिखाई देंगे और "पंजाब के लिए लड़ाई लड़ते" हुए नजर आएंगे।
उन्होंने कहा, "कांग्रेस एकजुट है। हमारे विरोधी सपने देखते रहें, उनका कुछ नहीं होने वाला। चन्नी, वडिंग और बाकी सभी लोग एक साथ दिखाई देंगे।"
वडिंग की इस टिप्पणी से एक दिन पहले शुक्रवार को पंजाब कांग्रेस में गुटबाजी सामने आई और कई मौजूदा तथा पूर्व विधायकों ने चन्नी को पार्टी की प्रदेश इकाई का अध्यक्ष बनाने के समर्थन में आवाज उठाई।
चन्नी के समर्थक रूपनगर जिले में स्थित उनके आवास पर एकत्र हुए।
साल 2027 के चुनाव के लिए पार्टी की विभिन्न समितियों की घोषणा करते हुए बुधवार को वडिंग को पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष बनाए रखने का ऐलान किया गया था।
जालंधर से सांसद चन्नी को पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष पद के प्रमुख दावेदारों में से एक माना जा रहा था, हालांकि उन्हें चुनाव प्रचार समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है, जो पार्टी के चुनाव अभियान की रणनीति और योजना बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण पद है।
वडिंग ने शनिवार को चन्नी के आवास पर हुई बैठक का उल्लेख करते हुए कहा, "कोई बगावत नहीं है।"
कांग्रेस नेता ने यहां 'पीटीआई वीडियो' से कहा, "वे हमारे पूर्व मुख्यमंत्री और हमारी चुनाव प्रचार समिति के अध्यक्ष के आवास पर गए थे। कुछ लोग उनसे मिलने गए थे, कुछ उन्हें बधाई देने गए थे और किसी को आने-जाने से नहीं रोका गया था। तो यह बगावत कैसे हो गई? यह तब बगावत होती, यदि चन्नी या वडिंग ने कुछ कहा होता।"
उन्होंने कहा, "चन्नी एक सम्मानित वरिष्ठ नेता, हमारे भाई और चुनाव प्रचार समिति के अध्यक्ष हैं। बगावत का रंग प्रतिद्वंद्वी राजनीतिक दलों ने दिया, जिन्होंने इसे कांग्रेस आलाकमान को चुनौती दिए जाने के रूप में पेश किया।"
वडिंग ने कहा कि शुक्रवार को चन्नी के आवास पर मौजूद चन्नी समेत किसी भी वरिष्ठ नेता ने ऐसी कोई बात नहीं कही जिसे बगावत के रूप में देखा जा सके।
उन्होंने कहा कि एक-दो व्यक्तियों की कुछ बातों का अधिक महत्व नहीं होता।
शुक्रवार को चन्नी के आवास पर मीडिया से बातचीत करने वाले तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा जैसे वरिष्ठ नेताओं का उल्लेख करते हुए वडिंग ने कहा, "उन्होंने कहा कि वे आलाकमान का सम्मान करते हैं और उनका आलाकमान से कोई टकराव नहीं है। इसलिए इसे बगावत कहना सही नहीं है।"
उन्होंने कहा, "मैं कह रहा हूं कि यह बगावत नहीं है। एक-दो व्यक्ति, जो पार्टी में भी नहीं हैं, यदि उन्होंने कुछ कहा है, तो मैं उस पर टिप्पणी नहीं कर सकता। यदि किसी ने मेरे खिलाफ कुछ कहा है, तो मुझे कोई आपत्ति नहीं है। लेकिन यदि कोई पार्टी आलाकमान के खिलाफ कुछ कहता है या मर्यादा का उल्लंघन करता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।"
जब उनसे कहा गया कि कई नेताओं के अनुसार जनता की भावना यह है कि चन्नी को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनाया जाए, तो वडिंग ने कहा, "यदि किसी ने ऐसा कहा है, तो उसकी भावनाएं चन्नी साहब के साथ हो सकती हैं और इसमें कुछ भी गलत नहीं है। चन्नी हमारे नेता हैं, वह हमारा गौरव हैं, चन्नी साहब से हमें क्या आपत्ति हो सकती है? मैं भी उन्हें पसंद करता हूं और यदि किसी ने जनभावना की बात की है, तो इसमें समस्या क्या है?"
साल 2027 के चुनाव के लिए पार्टी का मुख्यमंत्री पद का चेहरा कौन हो सकता है, यह पूछे जाने पर वडिंग ने कहा कि यह तय करना उनका विशेषाधिकार नहीं है, लेकिन यदि आलाकमान चन्नी के नाम पर फैसला करता है, तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं होगी।
उन्होंने जोर देकर कहा, "मैं केवल एक ही दौड़ में हूं और वह है (पंजाब में)कांग्रेस को सत्ता में वापस लाना।"
वडिंग ने कहा कि मुख्यमंत्री पद के चेहरे पर फैसला लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे करेंगे और वे जो भी फैसला करेंगे, वह उसे मानेंगे।
उन्होंने कहा, "मैं कांग्रेस का एक अनुशासित सिपाही हूं। मैं हमेशा के लिए प्रदेश पार्टी अध्यक्ष नहीं रहने वाला। मुझे किसी से कोई समस्या नहीं है। कल चन्नी, (सुखजिंदर सिंह) रंधावा या (प्रताप सिंह) बाजवा प्रदेश पार्टी अध्यक्ष बन सकते हैं, मुझे कोई समस्या नहीं है।"
पार्टी की राज्य इकाई में हालिया घटनाक्रम के बाद कांग्रेस पर राजनीतिक विरोधियों द्वारा किए जा रहे हमलों पर प्रतिक्रिया देते हुए वडिंग ने कहा, "क्या भाजपा के पास (पंजाब में) कोई नेता है? कांग्रेस ही जमीनी स्तर से नेताओं की नर्सरी तैयार करती है।"
उन्होंने कहा कि अमरिंदर सिंह, सुनील जाखड़ और केवल सिंह ढिल्लों जैसे नेता कांग्रेस से ही निकले हैं, लेकिन अब भाजपा के साथ हैं।
भाषा जोहेब माधव
माधव
0407 1906 चंडीगढ़