कांग्रेस हमास और हिज्बुल्ला को 'कवर फायर' दे रही, भारत के रुख को गलत ढंग से पेश कर रही: भाजपा
नेत्रपाल
- 28 Jun 2026, 12:53 AM
- Updated: 12:53 AM
नयी दिल्ली, 27 जून (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शनिवार को गाज़ा संघर्ष पर कांग्रेस नेता सोनिया गांधी के लेख को लेकर उन पर प्रहार करते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने भारत के रुख को गलत तरीके से पेश किया है।
भाजपा ने सवाल किया कि क्या कांग्रेस हिज्बुल्ला और हमास जैसे आतंकवादी संगठनों को परोक्ष रूप से 'कवर फ़ायर' दे रही है।
सत्तारूढ़ पार्टी ने कहा कि भारत ने गाजा और फलस्तीन के मुद्दे पर लगातार अपना रुख स्पष्ट किया है, मानवीय सहायता उपलब्ध कराई है और युद्धविराम की मांग वाले संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों के पक्ष में मतदान किया है।
भाजपा की यह प्रतिक्रिया 'द इंडियन एक्सप्रेस' में शनिवार को प्रकाशित सोनिया गांधी के उस लेख के बाद आई, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि ''इजराइल द्वारा गाजा में किए जा रहे नरसंहार पर मोदी सरकार की चुप्पी और निष्क्रियता न केवल नैतिक रूप से निंदनीय है'', बल्कि ''राष्ट्रीय हित के दृष्टिकोण से भी समझ से परे है।''
कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी ने दावा किया कि भारत ने खुद को अपने पारंपरिक सहयोगियों-- फलस्तीन, ईरान और वृहद पश्चिम एशिया से अलग-थलग कर लिया है, वैश्विक जनमत से दूरी बना ली है और पाकिस्तान को मध्यस्थ की भूमिका निभाने का अवसर दे दिया है।
इस लेख पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए, भाजपा प्रवक्ता और राज्यसभा सदस्य सुधांशु त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि गांधी 'कट्टरपंथी मतों' को लुभाने की कोशिश कर रही हैं।
उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि गाज़ा को लेकर हंगामा करने वाली कांग्रेस, अक्टूबर 2023 में इज़राइल पर हुए हमलों पर चुप क्यों रही।
त्रिवेदी ने 'एक्स' पर पोस्ट किया, '' इंडी गठबंधन के अप्रासंगिक हो जाने के बाद, अब खत्म हो चुके संप्रगन की पहली और आखिरी अध्यक्ष सोनिया गांधी ने गाज़ा पर दुख जताकर एक बार फिर कट्टरपंथी वोटों की राजनीति का रुख किया है।''
उन्होंने पूछा, ''देश जानना चाहता है और कांग्रेस को यह साफ़ करना चाहिए: क्या अक्टूबर 2023 के नरसंहार पर चुप रहकर और गाज़ा को लेकर हंगामा मचाकर, कांग्रेस इस लेख के ज़रिए हिज़्बुल्ला और हमास जैसे आतंकवादी संगठनों को परोक्ष रूप से 'कवर फ़ायर' दे रही है?''
त्रिवेदी ने दावा किया कि गांधी को यह 'गलतफ़हमी' है कि गाज़ा पर दुख जताकर कांग्रेस सत्ता से बाहर होने की निराशा से उबर जाएगी या प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रभाव को कम कर पाएगी।
उन्होंने पूछा, ''जब ईरान ने खुद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को आमंत्रित किया है, तो ईरान के साथ अच्छे संबंधों का इससे बेहतर सबूत और क्या हो सकता है?''
त्रिवेदी ने कांग्रेस पर बांग्लादेश और पाकिस्तान में हिंदुओं की हत्याओं पर चुप रहने का आरोप भी लगाया।
अन्य भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने आरोप लगाया कि इससे एक बार फिर साबित हो गया कि कांग्रेस के लिए ''विदेश नीति'' से अधिक ''वोट बैंक की राजनीति'' महत्वपूर्ण है।
उन्होंने एक वीडियो बयान में कहा, ''सोनिया गांधी अपने लेख के माध्यम से लोगों को गुमराह करने और वास्तविक सच्चाई छिपाने की कोशिश कर रही हैं। सच्चाई यह है कि भारत ने गाजा और फलस्तीन के मुद्दे पर कई अवसरों पर अपना स्पष्ट रुख रखा है और ठोस मानवीय सहायता भी उपलब्ध कराई है।''
पूनावाला ने कहा कि युद्धविराम संबंधी संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों के समर्थन में भारत का रुख स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को फलस्तीन का सर्वोच्च नागरिक सम्मान भी प्रदान किया जा चुका है।
प्रधानमंत्री की कूटनीतिक पहल का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि मोदी वैश्विक संघर्षों में आमने-सामने खड़े देशों के साथ भी समान रूप से संबंध बनाए रखने में सफल रहे हैं।
उन्होंने कहा, ''प्रधानमंत्री मोदी ही ऐसे नेता हैं, जिन्होंने एक साथ इजराइल और फलस्तीन, अमेरिका और रूस तथा यूक्रेन और पश्चिमी देशों और ईरान, सभी के साथ संवाद बनाए रखा है। यह गुटनिरपेक्षता की नहीं, बल्कि सभी के साथ जुड़ाव की नीति है।''
पूनावाला ने यह भी कहा कि मोदी को दुनिया के विभिन्न देशों से 30 से अधिक सर्वोच्च नागरिक सम्मान मिल चुके हैं, जिनमें बड़ी संख्या मुस्लिम बहुल देशों द्वारा दिए गए सम्मानों की है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकारों ने अपनी ''वोट बैंक की राजनीति'' के कारण कभी इजराइल के साथ संबंध विकसित नहीं किए।
पूनावाला ने आरोप लगाया, ''समस्या यह है कि कांग्रेस हमेशा विदेश नीति में भी वोट बैंक की राजनीति करती है। इसी राजनीति के कारण उसने कभी इजराइल के साथ संबंध विकसित नहीं किए। यही पार्टी लगातार हमास के पक्ष में बोलती है, उसकी प्रशंसा करती है, उसे मंच देती है और उसके प्रति सहानुभूति जताती है, लेकिन उसने आज तक इजराइल पर हुए आतंकवादी हमलों की स्पष्ट शब्दों में निंदा नहीं की।''
भाजपा प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि कांग्रेस गाजा और रफा के मुसलमानों के लिए तो आवाज उठाती है, लेकिन ढाका में हिंदुओं के मुद्दे पर चुप्पी साध लेती है।
उन्होंने कहा, ''यह दर्शाता है कि कांग्रेस की विदेश नीति भी वोट बैंक की राजनीति के गणित से संचालित होती है।''
सोनिया ने अपने लेख में कहा कि भारतीय राष्ट्रवाद की भावना यह मांग करती है कि भारत उन फलस्तीनियों के पक्ष में आवाज उठाए, जिनके बच्चों को बहुत निर्ममता से निशाना बनाया गया है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय हित की दृष्टि से भी भारत को गाजा में इजराइली शासन की नरसंहार कार्रवाई तथा ''वेस्ट बैंक में लाखों फलस्तीनी परिवारों के निर्मम विस्थापन और बेदखली'' के खिलाफ बने वैश्विक जनमत का समर्थन करते हुए अपनी प्रतिक्रिया देनी चाहिए।
भाषा राजकुमार नेत्रपाल
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