प्रदूषण एनसीआर राज्यों की साझा चुनौती, निपटने के लिए समन्वित उपाय करने की जरूरत: रेखा गुप्ता
धीरज
- 16 Jun 2026, 10:10 PM
- Updated: 10:10 PM
(तस्वीरों के साथ)
नयी दिल्ली, 16 जून (भाषा) दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र योजना बोर्ड (एनसीआरपीबी) की 42वीं बैठक में प्रदूषण को गंभीर और साझा चुनौती बताते हुए इससे निपटने के लिए दीर्घकालिक और समन्वित उपाय करने पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) के बयान के मुताबिक, गुप्ता ने पूरे एनसीआर क्षेत्र में हरित आवरण बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि प्रदूषण नियंत्रण और स्वस्थ पर्यावरण सुनिश्चित करने के लिए व्यापक स्तर पर पौधारोपण और हरियाली संवर्धन अभियान लगातार चलाए जाने चाहिए।
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में दिल्ली के अलावा, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के हिस्से आते हैं।
गुप्ता ने बैठक में कहा, ''प्रदूषण एक गंभीर और साझा चुनौती है, जिससे प्रभावी ढंग से निपटने के लिए चारों राज्यों को मिलकर दीर्घकालिक और ठोस प्रयास करने होंगे। यदि सभी राज्य प्रदूषण नियंत्रण के लिए समान नीति, आधुनिक तकनीक और उपयुक्त संसाधनों का समन्वित उपयोग करें तो इस समस्या पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है। यह मुद्दा केवल वर्तमान पीढ़ी ही नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के स्वास्थ्य और भविष्य से भी जुड़ा अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है।''
उन्होंने कहा कि इस दिशा में पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी संस्थाओं, विशेषज्ञों और विभिन्न हितधारकों को साथ लेकर कार्य करना आवश्यक है, ताकि एनसीआर को अधिक स्वच्छ, हरित एवं पर्यावरणीय दृष्टि से संतुलित क्षेत्र बनाया जा सके।
केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में आयोजित राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र योजना बोर्ड (एनसीआरपीबी) की 42वीं बैठक में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी सहित दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश एवं राजस्थान के वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
बयान के मुताबिक, गुप्ता ने कहा, " राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के समग्र एवं संतुलित विकास तथा वहां के निवासियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए एनसीआर से जुड़े सभी राज्यों को मिलकर गंभीर और सतत प्रयास करने होंगे। क्षेत्रीय विकास की गति तभी तेज होगी जब सभी राज्य समन्वित दृष्टिकोण के साथ कार्य करेंगे। ऐसा करने से विकास के लाभ एनसीआर के प्रत्येक क्षेत्र तक पहुंचेंगे।"
उन्होंने कहा कि एनसीआर के अन्य राज्यों को भी विकास की दिशा में गंभीर प्रयास करने होंगे, जिससे दिल्ली पर बढ़ते जनसंख्या दबाव को कम किया जा सके और क्षेत्रीय संतुलन स्थापित हो।
बैठक के दौरान दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश एवं राजस्थान के बीच संस्थागत समन्वय को और अधिक मजबूत बनाने, क्षेत्रीय आवागमन एवं संपर्क सुविधाओं में सुधार, विकास परियोजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने तथा एनसीआर से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर व्यापक चर्चा हुई।
भाषा नोमान नोमान धीरज
धीरज
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