नगर निकाय एजेंसियों के बाद अब दिल्ली पुलिस व्यापक निगरानी के लिए निजी सीसीटीवी नेटवर्कों की ओर रुख कर रही
शफीक
- 16 Jun 2026, 09:47 PM
- Updated: 09:47 PM
(सौम्या शुक्ला)
नयी दिल्ली, 16 जून (भाषा) दिल्ली पुलिस ने नगर निगम, एनडीएमसी और पीडब्ल्यूडी जैसी नगर निकाय एजेंसियों द्वारा प्रबंधित सीसीटीवी कैमरों के नेटवर्कों को एकीकृत करने के बाद, अब शहर भर के मॉल, अस्पतालों, होटलों, आवासीय सोसायटी, धार्मिक स्थलों और अन्य निजी संस्थानों में लगे लाखों कैमरों की सूची बनाने और उन्हें संभावित रूप से जोड़ने की कवायद शुरू की है ताकि एक व्यापक निगरानी ग्रिड बनाई जा सके। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
संयुक्त पुलिस आयुक्त (प्रौद्योगिकी और परियोजना कार्यान्वयन प्रभाग) द्वारा जारी 10 जून के एक संचार के अनुसार, सभी पुलिस उपायुक्तों (डीसीपी) के साथ-साथ रेलवे, मेट्रो और इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से संबंधित पुलिस की इकाइयों को अपने-अपने अधिकार क्षेत्रों में संचालित बड़े सीसीटीवी नेटवर्कों का विवरण एकत्र करने का निर्देश दिया गया है।
यह पहल राष्ट्रीय राजधानी में एकीकृत सीसीटीवी नेटवर्क और नियंत्रण कक्ष ढांचा तैयार करने के प्रयासों का हिस्सा है, जिससे कानून प्रवर्तन एजेंसियों को जांच और आपात स्थितियों के दौरान प्रमुख निजी एवं संस्थागत कैमरा नेटवर्कों से फुटेज प्राप्त करने में मदद मिलेगी।
यह कवायद उन स्थानों पर केंद्रित है जहां बड़ी संख्या में सीसीटीवी कैमरे पहले से ही एक केंद्रीय नियंत्रण कक्ष या सुरक्षा कक्ष से जुड़े हुए हैं।
इनमें मॉल और वाणिज्यिक परिसर, अस्पताल, अदालतें, होटल, बस टर्मिनल, धार्मिक स्थल, स्टेडियम, सम्मेलन और प्रदर्शनी केंद्र, आवासीय सोसायटी, आरडब्ल्यूए और बाजार संघ शामिल हैं।
मांगी गई जानकारी का उद्देश्य उन स्थानों की पहचान करना है जहां सीसीटीवी कवरेज है जो पुलिसिंग और सार्वजनिक सुरक्षा प्रयासों में सहायता कर सकती है।
जो डेटा मांगा गया है उसमें लगाए गए कैमरों की संख्या के बारे में जानकारी देनी होगी और यह भी बताना होगा कि क्या वे एक केंद्रीय निगरानी कक्ष से जुड़े हैं या नहीं।
हालांकि, संचार में स्पष्ट किया गया है कि यह कवायद वर्तमान में सीसीटीवी बुनियादी ढांचे के प्रारंभिक चिह्नीकरण तक ही सीमित है और इसका मतलब दिल्ली पुलिस की प्रणाली के साथ कैमरा फीड का तत्काल एकीकरण नहीं है।
यह कदम राजधानी में एक एकीकृत निगरानी नेटवर्क बनाने की दिल्ली पुलिस की व्यापक योजना का नवीनतम कदम है।
पिछले साल, पुलिस ने दिल्ली नगर निगम (एमसीडी), नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) और लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) सहित नगर निकाय एजेंसियों द्वारा संचालित सीसीटीवी प्रणालियों को एकीकृत किया था।
अधिकारियों का मानना है कि एक एकीकृत नेटवर्क से फुटेज तक तेजी से पहुंच मिलेगी, वास्तविक समय में निगरानी में सुधार होगा और आपात स्थिति के दौरान प्रतिक्रिया क्षमता बढ़ेगी।
संचार में कहा गया है कि प्रस्तावित एकीकरण से अपराध रोकथाम प्रयासों को मजबूत करने और जांचकर्ताओं को संदिग्धों तथा वाहनों की अधिक कुशलता से निगरानी करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, दिल्ली में वर्तमान में सरकारी एजेंसियों, आवासीय कॉलोनियों, वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों और निजी संस्थानों द्वारा तीन लाख से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।
जांचकर्ताओं को अक्सर कई स्थानों से फुटेज प्राप्त करने में देरी का सामना करना पड़ता है, विशेष रूप से उन मामलों में जिनमें शहर के विभिन्न हिस्सों में गतिविधियों की निगरानी करने की आवश्यकता होती है।
अधिकारियों ने कहा कि एक केंद्रीकृत निगरानी ढांचा फुटेज हासिल करने के लिए लगने वाले समय को काफी कम कर सकता है, त्वरित साक्ष्य संग्रह में मदद कर सकता है और जांच के दौरान विश्लेषणात्मक क्षमताओं में सुधार कर सकता है।
भाषा नोमान शफीक
शफीक
1606 2147 दिल्ली