शादी का झांसा देकर महिला का यौन शोषण करने के आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज
दिलीप
- 16 Jun 2026, 04:35 PM
- Updated: 04:35 PM
नयी दिल्ली, 16 जून (भाषा) दिल्ली की एक अदालत ने महिला से शादी का झूठा वादा करके शारीरिक संबंध बनाने के आरोपी व्यक्ति की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी और कहा कि आरोपी ने महिला की सहमति हासिल करने के लिए उसे "फ्यूचर वाइफी" (भावी पत्नी) कहकर संबोधित किया था।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश हरगुरवरिंदर सिंह जग्गी आरोपी सतीश कुमार की याचिका पर सुनवाई कर रहे थे, जिसपर केरल की एक महिला को शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाने का आरोप है।
नौ जून के आदेश में अदालत ने कहा, "आरोपों की गंभीर प्रकृति, आवेदक के टालमटोल और फरार रहने वाले व्यवहार तथा डिजिटल साक्ष्यों की बरामदगी और चिकित्सीय जांच के लिए हिरासत में पूछताछ की आवश्यकता को देखते हुए, उसे अग्रिम जमानत देने से जांच गंभीर रूप से प्रभावित होगी।"
अभियोजन पक्ष के अनुसार, शिकायतकर्ता केरल निवासी 23 वर्षीय साइबर सुरक्षा पेशेवर है। उसकी मुलाकात आरोपी से एक वैवाहिक (मैट्रिमोनियल) पोर्टल के माध्यम से हुई थी।
महिला ने आरोप लगाया कि सतीश कुमार ने शादी का आश्वासन देकर उसे दिल्ली आने के लिए राजी किया और दोनों लगभग 19 दिन तक छतरपुर में रहे।
आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 69 (छलपूर्वक यौन संबंध बनाना) और धारा 351 (आपराधिक धमकी) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई।
महिला का आरोप है कि आरोपी ने शादी का वादा करके उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए, लेकिन बाद में अचानक उससे संपर्क तोड़ दिया, उसे ब्लॉक कर दिया और गायब हो गया।
अभियोजन पक्ष ने जमानत याचिका का विरोध करते हुए कहा कि इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य जुटाने और दोनों पक्षों के बीच डिजिटल माध्यम से हुई बातचीत की जांच के लिए आरोपी से हिरासत में पूछताछ आवश्यक है।
वहीं, बचाव पक्ष ने दलील दी कि दोनों के बीच संबंध आपसी सहमति से थे और संबंध टूटने के बाद महिला ने झूठा मामला दर्ज कराया है। बचाव पक्ष ने यह भी कहा कि महिला ने अपने पिछले संबंध के बारे में जानकारी छिपाई थी।
अदालत ने कहा कि यह निर्विवाद है कि दोनों की मुलाकात ऑनलाइन माध्यम से हुई, वे दिल्ली में साथ रहे और उनके बीच शारीरिक संबंध बने। हालांकि, इस बात पर विवाद है कि क्या यह संबंध वास्तव में शादी के वादे पर आधारित था।
रिकॉर्ड में प्रस्तुत व्हाट्सऐप चैट का अवलोकन करने के बाद न्यायाधीश ने कहा कि प्रथम दृष्टया यह प्रतीत होता है कि आरोपी महिला को "फ्यूचर वाइफी" और "वाइफी" कहकर संबोधित करता था तथा साथ रहने की अवधि समाप्त होने के बाद उसका व्यवहार जांच का विषय है।
अदालत ने कहा कि बीएनएस की धारा 69 में ऐसे मामलों में दंड का प्रावधान है, जिनमें किसी महिला से छलपूर्वक, विशेष रूप से बिना वास्तविक मंशा के विवाह का वादा करके यौन संबंध बनाए गए हों।
अंत में अदालत ने कहा कि इस चरण में आरोपी अग्रिम जमानत का हकदार नहीं है और उसकी याचिका खारिज की जाती है।
भाषा जोहेब दिलीप
दिलीप
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