हिमाचल के पूर्व उप महाधिवक्ता, पूर्व रेरा प्रमुख के खिलाफ मानहानि का मामला दर्ज
सुभाष
- 06 Jun 2026, 01:19 AM
- Updated: 01:19 AM
शिमला, पांच जून (भाषा) शिमला पुलिस ने शुक्रवार को हिमाचल प्रदेश के पूर्व उप महाधिवक्ता विनय शर्मा और राज्य के रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरण (रेरा) के पूर्व प्रमुख श्रीकांत बाल्दी के खिलाफ मानहानि का एक मामला दर्ज किया।
राज्य के पूर्व मुख्य सचिव संजय गुप्ता की शिकायत के आधार पर यह मामला दर्ज किया गया।
गुप्ता ने 30 मई को पुलिस में दी गई अपनी शिकायत में शर्मा पर भ्रष्टाचार, पद का दुरुपयोग करने, बेनामी संपत्ति रखने, अवैध धन का इस्तेमाल करने और प्रशासनिक हस्तक्षेप के झूठे आरोप लगाने का दावा किया था।
उन्होंने बाल्दी के खिलाफ मीडिया के माध्यम से उनके खिलाफ झूठे, दुर्भावनापूर्ण और मानहानिकारक आरोप लगाने की शिकायत भी दर्ज कराई थी।
पुलिस ने शुक्रवार को बताया कि शिकायत के बाद शर्मा और बाल्दी, दोनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 248 (किसी को चोट पहुंचाने या परेशान करने के स्पष्ट इरादे से मनगढ़ंत या निराधार आपराधिक आरोप), 351 (आपराधिक धमकी) और 356(2) (आपराधिक मानहानि) के तहत दो अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की गईं।
गुप्ता 31 मई को मुख्य सचिव के पद से सेवानिवृत्त हुए और उन्होंने तीन जून 2026 को पंजाब राज्य विद्युत नियामक आयोग (पीएसईआरसी) के अध्यक्ष के रूप में कार्यभार संभाला। गुप्ता ने छोटा शिमला पुलिस थाने में दी गई अपनी शिकायत में कहा था कि शर्मा की 24 मार्च 2026 की शिकायत तथ्यों, कानूनी प्रावधानों या दस्तावेजी साक्ष्यों द्वारा समर्थित नहीं थी।
उन्होंने आरोप लगाया कि शिकायत का मकसद न केवल उनकी व्यक्तिगत छवि को धूमिल करना था, बल्कि राज्य के सर्वोच्च प्रशासनिक पद की गरिमा को भी ठेस पहुंचाना था।
सोलन जिले में चेस्टर हिल परियोजना में अनियमितताओं की ओर इशारा करते हुए, शर्मा ने भूमि की खरीद के संबंध में सवाल उठाए थे और आधिकारिक पद के दुरुपयोग का आरोप लगाया था।
आरोपों को खारिज करते हुए गुप्ता ने कहा कि भूमि की खरीद पूरी तरह से कानूनी प्रक्रियाओं के अनुसार की गई थी।
गुप्ता ने संपत्ति के कमतर आकलन के आरोपों का भी खंडन किया और कहा कि पुलिस मुख्यालय स्तर पर की गई प्रारंभिक जांच में कथित तौर पर पाया गया है कि ये आरोप ठोस सबूतों के बजाय अनुमानों, संदेहों और व्यक्तिगत धारणाओं पर आधारित हैं।
गुप्ता द्वारा उनके खिलाफ मामला दर्ज कराने पर प्रतिक्रिया देते हुए, शर्मा ने 'पीटीआई-भाषा' के साथ बातचीत में इसे ''अंधेरे नगरी, चौपट राजा'' का ज्वलंत उदाहरण बताया।
शर्मा ने इसे "अनुचित" बताते हुए कहा, "तीन महीने पहले मेरे द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत पर पुलिस ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की है, जबकि आज मेरे खिलाफ ऐसे मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई है, जो उच्च न्यायालय में विचाराधीन है।"
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